Daily Voice : वित्त वर्ष 2024 की पहली तिमाही में जीडीपी ग्रोथ रेट 7.8 फीसदी के मजबूत स्तर पर रही है। लेकिन अब हमारी अर्थव्यवस्था अच्छी मजबूती दिखाने के बाद सुस्ती का शिकार हो सकती है। लोकसभा चुनाव से पहले मॉनसून पर अल नीनो के प्रभाव, माइनिंग सेक्टर में कमजोरी, एक्सपोर्ट में सुस्ती और लोकसाभ चुनावों के पहले पूंजीगत व्यय में कमी जैसी चुनौतियां आगामी तिमाहियों में विकास की गति को धीमा कर सकती हैं। ये बातें इनवेसेट पीएमएस के पार्टनर और रिसर्च हेड अनिरुद्ध गर्ग ने मनीकंट्रोल को दिए एक साक्षात्कार में कही हैं। बता दें कि भारतीय रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2024 में देश के जीडीपी ग्रोथ रेट के 6.5 फीसी पर रहने का अनुमान लगाया है।
शेयर बाजार का 15 सालों से ज्यादा अनुभव रखने वाले चार्टर्ड अकाउंटेंट अनिरुद्ध गर्ग को आगामी वित्तीय वर्ष में आईटी के साथ ही तेल और गैस सेक्टर के कमाई पर दबाव रहने की आशंका नजर आ रही है। लेकिन उनका मानना है कि अगले दो सालों में छोटे-मझोले शेयरों (स्मॉल और मिडकैप) में अच्छी तेजी देखने को मिलेगी।
इस बातचीत में अनिरुद्ध गर्ग ने आगे कहा कि तमाम ग्लोबल चुनौतियों के बीच, भारत की अर्थव्यवस्था ने वित्त वर्ष 2024 की पहली तिमाही में 7.8 फीसदी की जीडीपी ग्रोथ के साथ अच्छी मजबूती दिखाई। इस अवधि में देश की जीडीपी 4 तिमाहियों में सबसे ज्यादा रही है। जीडीपी को मजबूत घरेलू मांग, सरकारी पूंजीगत व्यय में बढ़ और निवेश गतिविधि में सुधार से सपोर्ट मिला। एसएंडपी ग्लोबल पीएमआई के मुताबिक जुलाई में सर्विस सेक्टर की ग्रोथ 13 साल के शिखर पर पहुंच गई है।
आगामी तिमाहियों में विकास की गति पड़ सकती है धीमी
जुलाई 2023 में कोयला, तेल, गैस, इस्पात, सीमेंट और पावर की मजबूत लीडरशिप में इंफ्रा सेक्टर में 8 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है। हालांकि, वित्त वर्ष 2023-24 की अप्रैल-जुलाई की अवधि में कोर सेक्टर की ग्रोथ पिछले वित्त वर्ष के इसी अवधि के 11.5 फीसदी से गिरकर 6.4 पर रही है। भारतीय रिज़र्व बैंक ने वित्त वर्ष 2024 के लिए जीडीपी में 6.5 फीसदी की बढ़त का अनुमान लगाया है। फिर भी लोकसभा चुनाव से पहले मानसून पर अल नीनो के प्रभाव, खनन सेक्टर की सुस्ती, सुस्त निर्यात और पूंजीगत व्यय में कमी जैसी चुनौतियां आगामी तिमाहियों में विकास को धीमा कर सकती हैं।
QSR शेयरों में दिखेगी जोरदार ग्रोथ
क्यूएसआर (quick service restaurants) सेक्टर पर बात करते हुए अनिरुद्ध गर्ग ने कहा कि एक साल के हाई से नीचे कारोबार के बावजूद लंबी अवधि के नजरिए क्यूएसआर शेयर अच्छे लग रहे हैं। इस सेक्टर की मजबूत मांग के चलते कंपनियां तेजी से नए स्टोर खोल रही हैं। खाने-पीने के मामले में उपभोक्ताओं की प्राथमिकताओं में काफी बदलाव हुआ है। आगे QSR शेयरों में जोरदार ग्रोथ देखने को मिल सकती है।
अगले दो साल में छोटे-मझोले शेयरों में अच्छी तेजी की उम्मीद
अनिरुद्ध गर्ग ने इस बातचीत में आगे कहा कि अगले दो साल में छोटे-मझोले शेयरों में अच्छी तेजी देखने को मिलेगी। ऐसे में क्वालिटी मिड और स्मॉल कैप शेयरों में निवेश करें। अनिरुद्ध गर्ग को मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में निवेश के काफी अच्छे मौके दिख रहे हैं। वर्तमान जियोपोलिटिकल तनाव के चलते भारत दुनियाभर के लिए भावी मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में देखा जा रहा है। डिफेंस, कैपिटल गुड्स और कंस्ट्रक्शन में सरकार और निजी कंपनियों की तरफ से भारी निवेश हो रहा है। सरकार देश में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने को लिए तमाम नई पहल कर रही है। ऐसे में आगे देश में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में जोरदार ग्रोथ की उम्मीद है।
केमिकल, आईटी और तेल-गैस शेयरों पर रहेगा दबाव
अनिरुद्ध गर्ग का मानना है कि आगे हमें कैपिटल गुड्स, मैन्युफैक्चरिंग, खपत और डिफेंस से जुड़ें शेयरों में अच्छी तेजी देखने को मिल सकती है। जबकि केमिकल, आईटी और तेल-गैस शेयरों पर दबाव देखने को मिल सकता है।
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