Daily Voice: आईटी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स शेयरों में निवेश के मौके, अब स्मॉल कैप में आएगी तेजी

अच्छे प्राइस करेक्शन के बाद कंज्यूमर ड्यूरेबल सेक्टर के स्टॉक भी इस समय निवेश के नजरिए से अच्छे लग रहे हैं। आगे इनमें ग्रोथ की अच्छी संभावना दिख रही है। हमें स्मॉल कैप सेक्टर के सस्ते में मिल रहे क्वालिटी शेयरों पर नजर रखनी चाहिए

अपडेटेड Feb 22, 2023 पर 3:22 PM
पिछले साल आए करेक्शन के बाद आईटी सेक्टर का वैल्यूएशन काफी बेहतर हो गया है। आईटी सेक्टर के अधिकांश स्टॉक मंदी की खबर को पचा चुके हैं

InCred PMS का मानना है कि पिछले साल आए करेक्शन के बाद आईटी सेक्टर का वैल्यूएशन काफी बेहतर हो गया है। आईटी सेक्टर के अधिकांश स्टॉक मंदी की खबर को पचा चुके हैं। ऐसे में यह बात ध्यान रखना चाहिए कि भारत का आईटी सेक्टर भारतीय बाजार में बड़ी अहमियत रखता है। मीडियम से लंबी अवधि में ये काफी अच्छा प्रदर्शन करता नजर आएगा। ये बातें इनक्रेड मल्टी पोर्टफोलियो (InCred MultiCap Portfolio) के आदित्य सूद (Aditya Sood) ने मनीकंट्रोल के साथ हुई बातचीत में कही हैं। इस बातचीत में उन्होंने आगे कहा कि अच्छे प्राइस करेक्शन के बाद कंज्यूमर ड्यूरेबल सेक्टर के स्टॉक भी इस समय निवेश के नजरिए से अच्छे लग रहे हैं। आगे इनमें ग्रोथ की अच्छी संभावना दिख रही है।

हेल्थ केयर सेक्टर के मुनाफे में दिखेगा सुधार

इक्विटी मार्केट का 17 साल से ज्यादा का अनुभव रखने वाले आदित्य सूद का मानना है कि कच्चे माल की कीमतों में कमी आने के साथ ही अगली चौथी तिमाहियों में हेल्थ केयर सेक्टर के मुनाफे में सुधार देखने को मिलेगा। उन्होंने आगे कहा कि भारत पर फोकस करने वाली हेल्थ केयर कंपनियों को NLEM में WPI लिंक्ड प्राइस इंक्रीज से फायदा मिलेगा।


क्या भारत की मौद्रिक नीतियों में कड़ाई जारी रहेगी? इस सवाल का जवाब देते हुए आदित्य ने कहा कि अत्यधिक नर्म मौद्रिक नीतियों का दौर अब बीत चुका है।

क्या वर्तमान ग्लोबल माहौल में इक्विटी मार्केट को लेकर ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है? इस सवाल का जवाब देते हुए आदित्य ने कहा कि उनका मानना है कि इक्विटी मार्केट इस समय अपने मिड साइकिल में है। हालांकि मार्केट मल्टीपल्स बहुत सस्ते नहीं है। फिर भी बाजार को भारतीय कंपनियों के बेहतर रिटर्न ऑन इक्विटी और अर्निंग ग्रोथ से सपोर्ट मिल रहा है। आगे भारत उभरते बाजारों में सबसे तेजी से ग्रोथ करता नजर आएगा। भारत की इकोननॉमी ग्लोबल इकोनॉमी से जुड़ी हुई है। ग्लोबल वित्तीय संकट के बाद केंद्रीय बैंक द्वारा उठाए गए कदमों का फाइनेंशियल एसेट्स के प्रदर्शन पर बड़ा प्रभाव देखने को मिला है। वर्तमान स्थितियों में भारत ग्लोबल स्तर पर हो रही घटनाओं से अपने को अलग नहीं रख सकता।

PMS मैनेजर्स ने करेक्शन के बावजूद इन 14 मिड शेयरों में की जमकर खरीदारी, क्या इनमें से कोई है आपके पास?

स्मॉल कैप स्पेस में निवेश के मौके

बाजार पर बात करते हुए उन्होंने आगे कहा कि लार्ज कैप की तुलना में कमजोर प्रदर्शन के 18 महीनों के बाद स्मॉल कैप स्पेस इस समय काफी अच्छा नजर आ रहा है। आगे स्मॉल कैप स्टॉक्स की अर्निंग ग्रोथ निफ्टी की तुलना में बेहतर रहने की संभावना है। आगे हमें कंपनियों के कमाई में तेजी आने की उम्मीद दिख रही है। ऐसे में हमें स्मॉल कैप सेक्टर के सस्ते में मिल रहे क्वालिटी शेयरों पर नजर रखनी चाहिए।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।