Daily Voice : जूलियस बेयर के मार्क मैथ्यूज का मानना है कि दुनिया भर की तमाम अर्थव्यवस्थाओं के लिए उच्च ब्याज दरों का देर से दिखने वाला असर जियोपोलिटिकल संकट की तुलना में भी बड़ा खतरा है। मनीकंट्रोल को दिए एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि आम तौर पर अर्थव्यवस्था में उच्च दरों असर दिखने में लगभग एक साल का समय लगता है। कॉर्पोरेट, बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर में लगभग 27 सालों का अनुभव रखने वाले मार्क मैथ्यूज का कहना है कि वित्त वर्ष 2024 की पहली छमाही में भारत में अर्निंग ग्रोथ 20 फीसदी से ज्यादा थी। यह गति दूसरी छमाही में धीमी पड़ा जाएगी।। जिसके चलते वित्त वर्ष 2023-24 की कुल अर्निंग ग्रोथ लगभग 17 फीसदी रह सकती है। मैथ्यूज का कहना है कि बाकी दुनिया की अर्निंग ग्रोथ की तुलना में यह बहुत अच्छा आंकड़ा है।
