Daily Voice : निफ्टी P/E पर आधारित लार्जकैप का वैल्यूएशन 19-20x P/E पर है। ये औसत से थोड़ा ज्यादा है। लेकिन इसको अनुचित नहीं कहा जा सकता। स्मॉलकैप और मिडकैप सेक्टर में कुछ पॉकेट काफी ऊंचे वैल्यूएशन पर कारोबार कर रहे हैं। ये बातें बजाज एएमसी के मुख्य निवेश अधिकारी निमेश चंदन ने मनीकंट्रोल को दिए एक साक्षात्कार में कहीं हैं। उनका मानना है कि इन पॉकेट्स में वैल्यूएशन महंगा होने के बावजूद ये नहीं कहा ज सकता की पूरे बाजार में जरूरत के ज्यादा फुलाव या बुलबुले जैसी कोई स्थिति है। लेकिन ग्लोबल दिक्कतों को देखते हुए बाजार में इस समय सतर्कता बरतने की सलाह होगी।
ग्लोबल आर्थिक स्थितियां अनुकूल नहीं, रहें सतर्क
इंडियन कैपिटल मार्केट का 22 साल का अनुभव रखने वाले निमेश चंदन का कहना है कि हर बार जब बाजार में तेजी आती है तो यह सुनने को मिलता है कि इस बार मामला कुछ अलग है और ये तेजी जारी रहेगी। हालांकि यह मान लेना भी काफी जोखिम भरा है। पीछे मुड़कर देखें तो ये साफ होता है कि वर्तमान में ग्लोबल आर्थिक स्थितियां उतनी स्थिर और अनुकूल नहीं हैं। हालांकि भारत इस समय गोल्डीलॉक्स (काफी बेहतर) की स्थिति में है। फिर भी हमें ये ध्यान में रखना चाहिए कि बढ़ती महंगाई, ब्याज दरें और कच्चे तेल की कीमतें जैसी ग्लोबल परेशानियां भारत पर भी अपना असर दिखा सकती हैं।
आईटी सेक्टर पर बात करते हुए निमेश चंदन ने कहा कि भारतीय आईटी सेक्टर यूरोपीय और अमेरिकी बाजारों में होने निर्यात पर काफी निर्भर करता है। इसमें भी बैंकिंग सेक्टर में होने वाले निर्यात का सबसे बड़ा योगदान होता है। कोई भी मुद्दा जो वैश्विक अर्थव्यवस्था में मंदी का कारण बनता है (खास कर अमेरिका और यूरोप में) वह भारतीय आईटी के प्रदर्शन पर भी दबाव डाल सकता है।
हालांकि अब तक आए करेक्शन के चलते आईटी सेक्टर को वैल्यूएशन तुलनात्मक रूप से अच्छे दिख रहे हैं। हालांकि, आईटी सेक्टर की भविष्य की संभावनाए इस बात पर निर्भर कोरंगी कि अमेरिका और यूरोप की इकोनॉमी की ग्रोथ कैसी रहती है और विकसित देश बैंकिंग सेक्टर मौजूदा उथल-पुथल से कैसे निपटते हैं।
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