Daily Voice : कोटक अल्टरनेट एसेट मैनेजर्स (Kotak Alternate Asset Managers) के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट जितेंद्र गोहिल ने मनीकंट्रोल के साथ एक साक्षात्कार के दौरान कहा है कि मिडकैप और स्मॉलकैप में अब तक काफी अच्छा रिटर्न मिल चुका है। ऐसे में इस स्पेस में जोखिम में कुछ कटौती करने और कुछ मुनाफा घर ले जाने में ही समझदारी होगी। इस समय मिड और स्मॉलकैप की तुलना में लार्जकैप ज्यादा अच्छे दिख रहे हैं। लार्जकैप का रिस्क-रिवॉर्ड रेशियो मिड और स्मॉलकैप की तुलना में ज्यादा अच्छा दिख रहा है।
अलग-अलग सेक्टर्स पर बात करते हुए जीतेंद्र ने कहा कि इस समय खपत वाले सेक्टर का आउटलुक कमजोर नजर आ रहा है। इसके अलावा हाल के गिरावट के बाद भी इनका वैल्यूएशन सस्ता नहीं है। इक्विटी और कैपिटल मार्केट की करीब 2 दशकों का अनुभव रखने वाले जीतेंद्र गोहिल का कहना है कि उनको घरेलू अर्थव्यवस्था पर आधारित और ब्याज दरों के प्रति संवेदनशील बैंक और एनबीएफसी जैसे सेक्टर पसंद हैं। उनका मानना है कि भारत में ब्याज दरों का बढ़त का दौर अपने पीक पर है। अब देश में ब्याज दरों में अगले 12-18 महीनें में कटौती होती दिखेगी।
जीतेंद्र ने बताया कि निवेश के नजरिए से उन्हें रियल एस्टेट सेक्टर भी पसंद है। इस सेक्टर में इन्वेंट्री कई सालों के न्यूनतम स्तर पर आती दिख रही है। इसके अलावा मांग में भी मजबूती देखने को मिल रही है।
उन्होंने बताया कि डिफेंसिव और निर्यात से जुड़े सेक्टर में उन्हे फार्मास्यूटिकल्स सेक्टर भी पसंद है। वैश्विक मंदी की चिंताओं के दोबारा उभरने की स्थिति में फार्मास्यूटिकल्स सेक्टर हमें राहत देता दिख रहा है।
उन्होंने ये भी कहा कि मिडकैप और स्मॉलकैप के कुछ पॉकेट काफी महंगे हो गए हैं। खासकर वो कंपनियां काफी महंगी हो गई हैं जिनका फ्री-फ्लोट कम है। मिडकैप और स्मॉलकैप वास्तव में अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, हालांकि। हालांकि यह भी ध्यान में ऱखना चाहिए कि किसी भारी करेक्शन में इनमें ही सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिलती है। ऐसे में अब मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों को लेकर सतईक रहने की जरूरत है।
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