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Daily Voice: इजरायल-ईरान तनाव के बीच लटक सकता है ब्याज दरों में कटौती का फैसला, आईपीओ बाजार रहेगा गुलज़ार

वैभव पोरवाल का कहना है कि RBI का लक्ष्य मुद्रा अवमूल्यन के जोखिम और धीमी पड़ती ग्रोथ को प्रोत्साहित करने की जरूरत के बीच संतुलन बनाना होगा। वैभव पोरवाल डेज़र्व के को-फाउंडर हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Oct 05, 2024 पर 10:47 AM
Daily Voice: इजरायल-ईरान तनाव के बीच लटक सकता है ब्याज दरों में कटौती का फैसला, आईपीओ बाजार रहेगा गुलज़ार
वैभव ने कहा कि हमें सप्लाई और डिमांड में मंदी देखने को मिल रही है। खपत और कार इन्वेंट्री डेटा जैसे डिमांड इंडीकेटर भी मंदी का संकेत दे रहे हैं

अगले हफ्ते बाजार के लिए सबसे बड़ा इवेंट आरबीआई का ब्याज दर पर आने वाला फैसला है। डेज़र्व के वैभव पोरवाल का कहना है कि इज़राइल-ईरान युद्ध के बढ़ते तनाव से कमोडिटी पर दबाव बढ़ेगा। इससे आरबीआई दरों में कटौती के फैसले को आगे के लिए टाल सकता है। उनका मानना ​​है कि आरबीआई मुद्रा अवमूल्यन के जोखिम और धीमी पड़ती ग्रोथ को प्रोत्साहित करने की जरूरत के बीच संतुलन बनाने का लक्ष्य लेकर चलेगा।

आईपीओ बाजार पर बात करते हुए वेल्थ मैनेजमेंट का 20 सालों से अधिक का अनुभव रखने वाले डेज़र्व के सह-संस्थापक और चार्टर्ड अकाउंटेंट वैभव ने कहा कि अच्छे मैक्रोइकोनॉमिक इंडीकेटकरों, घरेलू म्यूचुअल फंडों में मजबूत निवेश और मजबूत पूंजी निर्माण के कारण आईपीओ बाजार फल-फूल रहा है। भारतीय रिजर्व बैंक ने आईपीओ के लिहाज से सितंबर महीने को 14 साल का सबसे व्यस्त महीना बताया है। सितंबर में 12 मेनबोर्ड आईपीओ आए हैं। उन्होंने आगे कहा, "प्राथमिक बाजार में यह जोश जारी रहेगा क्योंकि हुंडई मोटर इंडिया, स्विगी और एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी जैसी कई कंपनियां अगले 60 दिनों में लगभग 60,000 करोड़ रुपये जुटाना चाहती हैं।"

हालांकि वैभव का यह भी कहना है कि आईपीओ बाजार का यह जोश शॉर्ट टर्म में तो जारी रह सकता है, लेकिन बाजार में करेक्शन का जोखिम लॉन्ग टर्म में इस जोश को प्रभावित कर सकता है।

क्या आपको लगता है कि अक्टूबर की नीति बैठक में RBI अपना नीतिगत रुख बदलेगा?

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