Daily Voice: पिछले साल के रूस-यूक्रेन युद्ध और बढ़ती महंगाई के बाद अब वित्त वर्ष 2024 में हमारे सामने नए तरह के जोखिम खडे़ हैं जिनको नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। पिछले 1 साल में ब्याज दर में हुई बढ़ोतरी थोड़े अंतराल के बाद अपना असर दिखाएगी। ये बातें क्वेस्ट इनवेस्टमेंट एडवाइजर्स (Quest Investment Advisors) के चीफ इनवेस्टमेंट ऑफीसर अनिरुद्ध सरकार (Aniruddha Sarkar)ने मनीकंट्रोल के साथ हुए बातचीत में कही हैं। उन्होंने आगे कहा कि उनको नहीं लगता कि विकसित बाजारों में महंगाई को नियंत्रित किया जा सकेगा। बढ़ती महंगाई से विकसित देशों की घरेलू बचत दर में गिरावट आएगी। ऐसे में अगर निकट की अवधि में बाजार में कमजोरी और अस्थिर बनी रहे तो ये कोई अजीब बात नहीं होगी।
