आगे फार्मा सेक्टर को डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी का फायदा मिलता नजर आएगा। रुपये की कमजोरी के चलते फार्मा कंपनियों की एक्सपोर्ट से होने वाली कमाई बढ़ेगी। इसके अलावा घरेलू बाजार में नए प्रोडक्ट लॉन्च और अमेरिका में ब्रांडेड जेनरिक की बढ़ती बिक्री से भी फार्मा कंपनियों को फायदा होगा। ये बातें प्रभुदास लीलाधर (Prabhudas Lilladher) के विक्रम कसाट (Vikram Kasat) ने मनीकंट्रोल के साथ हुई एक बातचीत में कही हैं।
