Dalal Street Week Ahead: क्रूड की कीमत, फेड रेट पर फैसले जैसे इन अहम फैक्टर्स से तय होगी बाजार की चाल, 10 IPO रहेंगे ओपन
आने वाले सप्ताह में भी शेयर बाजार का सेंटिमेंट पॉजिटिव रहने की संभावना है। लेकिन एक्सपर्ट का कहना है कि कुछ कंसोलिडेशन से भी इनकार नहीं किया जा सकता है। वैश्विक निवेशकों की नजर FOMC बैठक के 20 सितंबर को घोषित होने वाले नतीजों पर रहेगी। प्राइमरी मार्केट आने वाले सप्ताह में भी व्यस्त रहेगा क्योंकि अगले हफ्ते 10 IPO में पैसा लगाने का मौका रहेगा। साथ ही 5 कंपनियां शेयर बाजार में लिस्ट होंगी
गुजरे सप्ताह ऑटो, बैंकिंग व फाइनेंशियल सर्विसेज, टेक्नोलॉजी और फार्मा शेयरों में अच्छी लिवाली रही।
शेयर बाजार (Stock Market) में पिछले कुछ दिनों में अच्छी तेजी देखने को मिली और इसने नई उंचाइयों को छुआ। रिकॉर्ड रैली के पीछे कई घरेलू व वैश्विक कारक रहे। 15 सितंबर को समाप्त हुए सप्ताह में BSE Sensex 1,240 अंक या 1.9 प्रतिशत चढ़कर 67,839 पर पहुंच गया। वहीं NSE का Nifty50 372 अंक या 1.9 प्रतिशत की बढ़त के साथ 20,192 पर पहुंच गया। ऑटो, बैंकिंग व फाइनेंशियल सर्विसेज, टेक्नोलॉजी और फार्मा शेयरों में अच्छी लिवाली रही। आने वाले सप्ताह में भी शेयर बाजार का सेंटिमेंट पॉजिटिव रहने की संभावना है। लेकिन एक्सपर्ट का कहना है कि कुछ कंसोलिडेशन से भी इनकार नहीं किया जा सकता है। आइए डालते हैं एक नजर ऐसे कुछ फैक्टर्स पर, जो आने वाले सप्ताह में बाजार की चाल को तय करेंगे।
FOMC बैठक
आगामी सप्ताह में वैश्विक निवेशकों की नजर मुख्य रूप से दो दिवसीय FOMC बैठक के 20 सितंबर को घोषित होने वाले नतीजों पर रहेगी। इस बैठक के बाद अमेरिकी आर्थिक अनुमान घोषित किए जाएंगे। ज्यादातर एक्सपर्ट्स का मानना है कि फेडरल रिजर्व सितंबर की बैठक में ब्याज दरों में बढ़ोतरी को रोकने का फैसला कर सकता है और फेड फंड रेट को 5.25-5.5% के दायरे में रख सकता है। जानकारों का यह भी कहना है कि अगर ब्याज दर बढ़ी तो नौकरियों को नुकसान पहुंचना शुरू हो सकता है। अमेरिका में बेरोजगारी दर अगस्त में बढ़कर 3.8 प्रतिशत हो गई, जो जुलाई में 3.5 प्रतिशत थी।
ग्लोबल इकनॉमिक डेटा पॉइंट्स
21 सितंबर को बैंक ऑफ इंग्लैंड और 22 सितंबर को बैंक ऑफ जापान ब्याज दर पर फैसला लेने जा रहे हैं। ऐसे में निवेशकों की नजर इनके फैसलों पर भी रहेगी। कोटक सिक्योरिटीज के रवींद्र राव का कहना है कि बढ़ी हुई मुद्रास्फीति के बीच बैंक ऑफ इंग्लैंड की ओर से दरें बढ़ाए जाने की संभावना है।अगले सप्ताह के प्रमुख ग्लोबल इकनॉमिक डेटा पॉइंट्स इस तरह हैं...
तेल की कीमतें
ओपेक+ देशों की ओर से आपूर्ति में और सख्ती करने से तेल की कीमतें 10 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं। अब विशेषज्ञ आने वाली तिमाही में 100 डॉलर प्रति बैरल की दर पर दांव लगा रहे हैं। चूंकि भारत में बड़े पैमाने पर कच्चा तेल इंपोर्ट होता है, इसलिए निवेशकों की नजर तेल की कीमतों पर भी रहेगी। ब्रेंट क्रूड वायदा की कीमत लगातार तीसरे सप्ताह बढ़ा और पिछले शुक्रवार को 93.93 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुई। यह नवंबर 2022 के बाद इसका उच्चतम स्तर है।
FII फ्लो
विदेशी संस्थागत निवेशक बीते सप्ताह भी शुद्ध विक्रेता बने रहे। उन्होंने बाजार से 747 करोड़ रुपये निकाल लिए। हालांकि यह आउटफ्लो पिछले सप्ताह की तुलना में काफी कम रहा। सितंबर के लिए कुल मिलाकर, उन्होंने कैश सेगमेंट में 9,580 करोड़ रुपये के शेयर बेचे लेकिन इससे बाजार पर कोई खास असर नहीं पड़ा।
घरेलू फैक्टर्स की बात करें तो 8 सितंबर को समाप्त 15 दिन की अवधि के लिए जमा और बैंक लोन ग्रोथ के आंकड़े और 15 सितंबर को समाप्त सप्ताह के लिए विदेशी मुद्रा भंडार के आंकड़े 22 सितंबर को जारी किए जाएंगे।
IPO और लिस्टिंग
प्राइमरी मार्केट आने वाले सप्ताह में भी व्यस्त रहेगा क्योंकि अगले हफ्ते 10 IPO में पैसा लगाने का मौका रहेगा। साथ ही 5 कंपनियां शेयर बाजार में लिस्ट होंगी। साई सिल्क्स कलामंदिर और सिग्नेचरग्लोबल इंडिया के में क्रमशः 210-222 रुपये प्रति शेयर और 366-385 रुपये प्रति शेयर के प्राइस बैंड के साथ 20 सितंबर को खुलेंगे और 22 सितंबर को बंद हो जाएंगे। वैभव ज्वैलर्स का में 22 सितंबर से 26 सितंबर तक ओपन रहेगा और इसके लिए प्राइस बैंड 204-215 रुपये प्रति शेयर है। पहले से खुल चुके साम्ही होटल्स, जैगल प्रीपेड ओशियन सर्विसेज में 18 सितंबर को बंद होंगे। Yatra Online IPO की क्लोजिंग 20 सितंबर को होगी।
एसएमई सेगमेंट में, हाई-ग्रीन कार्बन, मंगलम अलॉयज और मार्को केबल्स एंड कंडक्टर्स के पब्लिक इश्यू 21 सितंबर को खुलेंगे और 25 सितंबर को बंद होंगे। वहीं ऑर्गेनिक रीसाइक्लिंग सिस्टम्स के IPO के लिए बोली 21 से 26 सितंबर तक लगाई जा सकेगी। मधुसूदन मसाला, टेकनोग्रीन सॉल्युशंस और मास्टर कंपोनेंट्स के IPO 18 सितंबर को लॉन्च होंगे और 21 सितंबर को बंद होंगे। होलमार्क ऑप्टो-मेक्ट्रोनिक्स, सेलेकोर गैजेट्स और कोडी टेक्नोलैब के आईपीओ 20 सितंबर को बंद होंगे।
जहां तक लिस्टिंग की बात है तो जीवनराम श्योदत्तराई इंडस्ट्रीज 18 सितंबर को NSE इमर्ज पर अपनी शुरुआत करेगी, जबकि यूनीहेल्थ कंसल्टेंसी और मेसन वाल्व्स इंडिया 21 सितंबर को NSE इमर्ज और BSE SME पर शेयर सूचीबद्ध करेगी। ज्यूपिटर लाइफ लाइन हॉस्पिटल्स 18 सितंबर को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट होगी, वहीं EMS की शेयर बाजार में एंट्री 21 सितंबर को होगी।
टेक्निकल व्यू
Nifty50 ने साप्ताहिक चार्ट पर मजबूत तेजी वाला कैंडलस्टिक पैटर्न बनाया है। लगातार तीसरे सप्ताह सूचकांक बढ़ने व लगभग 20,200 के स्तर पर बंद होने को देखते हुए थ्री व्हाइट सोल्जर्स प्रकार का पैटर्न भी बनता दिख रहा है। 20,000-19,900 के स्तर पर सपोर्ट के साथ हालिया रैली के बाद कंसोलिडेशन का अनुमान है। जब तक ये सपोर्ट लेवल्स पकड़ में नहीं आ जाते, तब तक विशेषज्ञों को उम्मीद है कि संभावित कंसोलिडेशन के बीच इंडेक्स को 20,300-20,400 पर रेसिस्टेंस का सामना करना पड़ेगा और इसके ऊपर 20,600-20,700 का परिदृश्य संभावित है।
इंडिया VIX सप्ताह-दर-सप्ताह आधार पर 1.14 प्रतिशत बढ़कर 10.78 के स्तर से 10.90 के स्तर पर पहुंच गया। इंडिया VIX, निफ्टी50 में अगले 30 दिनों के लिए अपेक्षित अस्थिरता को मापता है। अस्थिरता गुजरे सप्ताह के पहले आधे हिस्से में 12 के स्तर तक बढ़ गई, लेकिन आखिर के आधे हिस्से में कम होकर 11 अंक से नीचे आ गई। इससे तेजड़ियों को और ज्यादा कंफर्ट मिला जिसने बेंचमार्क सूचकांकों को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया। विशेषज्ञों ने कहा कि इसलिए जब तक आने वाले हफ्तों में अस्थिरता कम रहेगी, बाजार स्थिर और सकारात्मक बना रह सकता है।
F&O संकेत
ऑप्शन डेटा ने यह भी संकेत दिया है कि 20,000 मार्क पर सपोर्ट के साथ 20,200-20,500 निफ्टी50 के लिए रेसिस्टेंस एरिया होने की संभावना है। वीकली ऑप्शंस मोर्चे पर, मैक्सिमम कॉल ओपन इंटरेस्ट 20,200 स्ट्राइक पर देखा गया। उसके बाद 20,300 व 20,500 स्ट्राइक पर दर्ज किया गया। कॉल राइटिंग 20,200 स्ट्राइक पर और फिर 20,500 स्ट्राइक पर देखी गई। मैक्सिमम पुट ओपन इंटरेस्ट 20,100 स्ट्राइक पर था, उसके बाद 20,000 और 20,200 स्ट्राइक पर देखा गया। मीनिंगफुल पुट राइटिंग 20,200 स्ट्राइक पर और फिर 20,100 स्ट्राइक पर दर्ज की गई। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के डेरिवेटिव एनालिस्ट, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट चंदन तपारिया के मुताबिक, "ऑप्शन डेटा 19,900 से 20,400 ज़ोन के बीच उच्च ट्रेडिंग रेंज में बदलाव का सुझाव देता है, जबकि 20,000 से 20,300 ज़ोन के बीच तत्काल ट्रेडिंग रेंज सजेस्ट करता है।