Dalal Street Week Ahead: कंपनियों के Q2 नतीजों, खुदरा महंगाई समेत इन अहम फैक्टर्स से तय होगी बाजार की चाल

Dalal Street Week Ahead: गुजरे सप्ताह के दौरान बीएसई सेंसेक्स 167 अंक बढ़कर 65,996 पर और निफ्टी 50 15 अंक बढ़कर 19,654 पर पहुंच गया। वहीं निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.6 प्रतिशत टूट गया और स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 0.7 प्रतिशत चढ़ गया। ऑटो, बैंक, ऊर्जा, फार्मा, तेल और गैस शेयरों पर दबाव रहा, जबकि टेक्नोलॉजी और रियल्टी शेयरों में तेजी रही

अपडेटेड Oct 08, 2023 पर 10:53 AM
आने वाले सप्ताह में भारत और अमेरिका के सितंबर के महंगाई के आंकड़े जारी होने वाले हैं.

Dalal Street Week Ahead: गुजरे सप्ताह में शेयर बाजार, दो सप्ताह की गिरावट का सिलसिला तोड़कर 6 अक्टूबर को मामूली बढ़त के साथ बंद हुए। आने वाले सप्ताह में भी सुधार जारी रह सकता है, लेकिन सितंबर तिमाही में कंपनियों की कमाई के आंकड़ों की शुरुआत को देखते हुए बाजार में अस्थिरता से इनकार नहीं किया जा सकता है। सप्ताह के दौरान BSE Sensex 167 अंक बढ़कर 65,996 पर और NSE Nifty 50 15 अंक बढ़कर 19,654 पर पहुंच गया। वहीं निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.6 प्रतिशत टूट गया और स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 0.7 प्रतिशत चढ़ गया। ऑटो, बैंक, ऊर्जा, फार्मा, तेल और गैस शेयरों पर दबाव रहा, जबकि टेक्नोलॉजी और रियल्टी शेयरों में तेजी रही। आने वाले सप्ताह में भारत और अमेरिका के सितंबर के महंगाई के आंकड़े जारी होने वाले हैं, इसके अलावा कई कंपनियों के तिमाही नतीजे भी सामने आएंगे। इनके अलावा और कौन से अहम फैक्टर्स नए सप्ताह में शेयर बाजार की चाल तय करेंगे, आइए डालते हैं एक नजर...

FII फ्लो

बीते सप्ताह में, फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स ने कैश सेगमेंट में शुद्ध रूप से 8,400 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इसकी वजह रही कि यूएस 10 ईयर ट्रेजरी यील्ड 16 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है और यूएस डॉलर इंडेक्स पिछले साल नवंबर के बाद से उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि डॉमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स, एफआईआई के आउटफ्लो की भरपाई करने में कामयाब रहे, लेकिन जब तक अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और डॉलर इंडेक्स में गिरावट नहीं आती, यह आउटफ्लो जारी रह सकता है।डॉमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स ने अक्टूबर के पहले सप्ताह में शुद्ध रूप से 4,400 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे हैं।


कंपनियों के तिमाही आंकड़े

आने वाले सप्ताह में कई कंपनियां वित्तीय वर्ष 2023-24 की जुलाई-सितंबर अवधि के लिए अपनी कमाई के आंकड़ों की जानकारी देने वाली हैं। इस दौरान कई कंपनियों की ओर से इंटरिम डिविडेंड की भी घोषणा होगी। टाटा ग्रुप की टीसीएस अपने वित्तीय नतीजे 11 अक्टूबर को जारी करेगा। इसी तरह एचसीएल टेक्नोलोजिज, इन्फोसिस और एचडीएफसी एएमसी 12 अक्टूबर को तिमाही आय की घोषणा करेंगे। एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस कंपनी 13 अक्टूबर को, एवेन्यू सुपरमार्ट्स 14 अक्टूबर को और एचडीएफसी बैंक 15 अक्टूबर को आंकड़े जारी करेंगे। हाल ही में लिस्ट हुई कंपनियां जैसे साम्ही होटल्स, सिग्नेचर ग्लोबल (इंडिया) और ज़ैगल प्रीपेड ओशियन सर्विसेज भी अगले सप्ताह 11 अक्टूबर को अपने आंकड़ों की घोषणा करेंगी। इन आंकड़ों पर निवेशकों की कड़ी नजर रहेगी।

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खुदरा महंगाई

निवेशकों की नजर 12 अक्टूबर को जारी होने वाली सितंबर की खुदरा महंगाई आंकड़ों पर भी रहने वाली है। प्रमुख ब्याज दरों को तय करने में खुदरा महंगाई एक प्रमुख फैक्टर है। सब्जियों की गिरती कीमतों और एलपीजी की कीमत में कटौती के कारण, महंगाई में कमी आने का अनुमान है। इसके अलावा, अगस्त के लिए इंडस्ट्रियल आउटपुट डेटा भी 12 अक्टूबर को घोषित किया जाएगा।

FOMC मिनट्स और अमेरिका में महंगाई के आंकड़े

वैश्विक स्तर पर निवेशकों की नजर FOMC (Federal Open Market Committee) की सितंबर पॉलिसी मीटिंग की प्रमुख बातों यानी कि मिनट्स और अमेरिका के महंगाई आंकड़ों पर भी रहेगी। FOMC मिनट्स 11 अक्टूबर को जारी होने वाले हैं। वहीं महंगाई का डेटा 12 अक्टूबर को सामने आएगा। इसके अलावा फेड अधिकारियों के अगले सप्ता​ह के भाषण भी फोकस में रहेंगे। एनालिस्ट्स को उम्मीद है कि महंगाई अगस्त के 3.7 प्रतिशत से सितंबर में थोड़ी कम हो जाएगी। सितंबर की नीतिगत बैठक में प्रमुख ब्याज दरें जस की तस रखने के साथ, फेड ने संकेत दिया था कि 2023 के अंत तक ब्याज दरों में एक और बढ़ोतरी हो सकती है और ब्याज दर 2024 तक ऊंची रह सकती है। वहीं फेड अधिकारियों को 2024 के अंत तक 2.6 प्रतिशत मुद्रास्फीति का अनुमान है।

ग्लोबल इकोनॉमिक डेटा पॉइंट्स

प्रमुख ग्लोबल इकोनॉमिक डेटा पॉइंट्स इस तरह हैं...

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तेल की कीमतें

10 महीने से अधिक के उच्चतम स्तर से तेल की कीमतों का नीचे आना भारतीय इक्विटी बाजारों के लिए सकारात्मक रहा। बढ़ती अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और मजबूत डॉलर के साथ-साथ वैश्विक मांग की चिंताओं ने सप्ताह के दौरान तेल की कीमतों पर असर डाला। सप्ताह के दौरान अंतर्राष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड वायदा में 8.26 प्रतिशत की गिरावट आई, जो मार्च के बाद सबसे बड़ा साप्ताहिक नुकसान है। यह 84.58 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ।

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टेक्निकल व्यू

Nifty50 ने 19,300 मार्क का बचाव करने के बाद अच्छी वापसी की और दो सप्ताह की गिरावट का सिलसिला तोड़ दिया। इंडेक्स ने साप्ताहिक चार्ट पर लॉन्ग लोअर शैडो और माइनर अपर शैडो के साथ छोटे आकार का बुलिश कैंडलिस्टिक पैटर्न बनाया है, जो डाउनट्रेंड पर हैमर के जैसे कैंडलिस्टिक पैटर्न जैसा दिखता है। यह एक बुलिश रिवर्सल पैटर्न है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इससे आने वाले सत्रों में इंडेक्स में तेजी की उम्मीदें बढ़ गई हैं। अगर ऐसा होता है तो 19,600-19,300 एरिया में क्रूशियल सपोर्ट के साथ 19,800-20,000 के स्तर को खारिज नहीं किया जा सकता है। निफ्टी हाल के दिनों में शॉर्ट टर्म मूविंग एवरेज (19,670 पर प्लेस्ड 20 एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज) को पार करने में नाकाम रहा है और फिर से उसी एरिया के आसपास मंडरा रहा है।

F&O Cues, India VIX

ऑप्शंस डेटा ने यह भी संकेत दिया कि निफ्टी को 19,600-19,500 के स्तर पर क्रूशियल सपोर्ट के साथ 19,900-20,000 के स्तर पर मजबूत रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है। वीकली ऑप्शंस डेटा के अनुसार, मैक्सिमम कॉल ओपन इंटरेस्ट 20,000 स्ट्राइक पर और इसके बाद 20,500 और 19,900 स्ट्राइक पर देखा गया। मीनिंगफुल कॉल राइटिंग 20,500 स्ट्राइक पर और इसके बाद 20,000 और 19,900 स्ट्राइक पर थी। मैक्सिमम पुट ओपन इंटरेस्ट पहले 19,500 स्ट्राइक पर और उसके बाद 19,600 और 19,000 स्ट्राइक पर देखा गया। पुट राइटिंग 19,600 स्ट्राइक पर, फिर 19,000 और 19,500 स्ट्राइक पर देखी गई। इंडिया VIX 11.45 से 10 प्रतिशत गिरकर 10.3 के स्तर पर आ गया, जो जुलाई के बाद सबसे निचला स्तर है।

IPO

अगले सप्ताह केवल एक IPO सब्सक्रिप्शन के लिए खुलने वाला है और वह है गुजरात स्थित अरविंद एंड कंपनी शिपिंग एजेंसी का। यह एसएमई सेगमेंट का IPO है, जिसका साइज 14.74 करोड़ रुपये होगा। इश्यू 12-16 अक्टूबर तक खुलेगा और प्राइस बैंड 45 रुपये प्रति शेयर रखा गया है। अगले सप्ताह कमिटेड कार्गो केयर का IPO 10 अक्टूबर को बंद होने जा रहा है।

जहां तक लिस्टिंग की बात है तो मेनबोर्ड सेगमेंट में, वायर मैन्युफैक्चरिंग कंपनी प्लाजा वायर्स 13 अक्टूबर को शेयर बाजार में अपनी शुरुआत करेगी। लुब्रिकेंट्स बनाने वाली अरेबियन पेट्रोलियम और इवेंट मैनेजमेंट फर्म ई फैक्टर एक्सपीरियंसेज एनएसई इमर्ज पर 9 अक्टूबर को अपने शेयर सूचीबद्ध करेंगी। इसके अलावा सिटी क्रॉप्स एग्रो बीएसई एसएमई पर और गोयल सॉल्ट एंड कॉन्टोर स्पेस एनएसई इमर्ज पर 10 अक्टूबर को डेब्यू करेंगे। वनक्लिक लॉजिस्टिक्स इंडिया और कैनरीज़ ऑटोमेशन 11 अक्टूबर को एनएसई इमर्ज पर शेयर सूचीबद्ध करने के लिए तैयार हैं।

Vivaa Tradecom बीएसई एसएमई पर, और विष्णुसूर्या प्रोजेक्ट्स एंड इन्फ्रा, शार्प चक्स एंड मशीन्स, प्लाडा इन्फोटेक सर्विसेज एनएसई इमर्ज पर 12 अक्टूबर को अपनी शुरुआत करेंगे। एनएसई इमर्ज पर कर्णिका इंडस्ट्रीज की लिस्टिंग 13 अक्टूबर को होगी। आईपीओ शेड्यूल के अनुसार सुनीता टूल्स को 9 अक्टूबर को बीएसई एसएमई पर शेयर सूचीबद्ध करना है।

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कॉरपोरेट एक्शन

अगले सप्ताह के प्रमुख कॉरपोरेट एक्शंस इस तरह हैं...

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