बाजार पर TCS-Infosys के नतीजों का क्या होगा असर? इस हफ्ते इन अहम फैक्टर्स से तय होगी बाजार की चाल
इस हफ्ते बाजार सबसे पहले आईटी कंपनी इंफोसिस और वीकेंड में घोषित HDFC बैंक की तिमाही नतीजों पर अपनी प्रतिक्रिया देगा। टीसीएस और इंफोसिस के कमजोर आंकड़ों के चलते टेक्नोलॉजी सेक्टर दबाव में दिख सकता है। वहीं, शेयर बाजार में हाल में तेजी के रुख के बाद भी कमजोरी देखने को मिल सकती है
बीते सप्ताह BSE का 30 शेयरों वाले सेंसेक्स में 598.03 अंक या लगभग 1 फीसदी की तेजी रही।
Dalal Street This Week: बीते सप्ताह BSE का 30 शेयरों वाले सेंसेक्स में 598.03 अंक या लगभग 1 फीसदी की तेजी रही। यह लगातार तीसरा हफ्ता है जब शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुआ है। BSE सेंसेक्स 60,431 पर और निफ्टी-50 229 अंक बढ़कर 17,828 पर पहुंच गया है। इस हफ्ते शेयर बाजारों की दिशा थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति के आंकड़ों, ग्लोबल ट्रेंड और विदेशी कोषों की गतिविधियों से तय होगी। एनालिस्ट्स ने यह राय जताई है। इस हफ्ते बाजार सबसे पहले आईटी कंपनी इंफोसिस (जो सभी मोर्चों पर कमाई से चूक गई है) और वीकेंड में घोषित HDFC बैंक की तिमाही नतीजों पर अपनी प्रतिक्रिया देगा।
टीसीएस और इंफोसिस के कमजोर आंकड़ों के चलते टेक्नोलॉजी सेक्टर दबाव में दिख सकता है। वहीं, शेयर बाजार में हाल में तेजी के रुख के बाद भी इसमें कमजोरी देखने को मिल सकती है। हमने यहां उन फैक्टर्स के बारे में बताया है जो इस हफ्ते बाजार को प्रभावित कर सकते हैं।
कंपनियों के तिमाही नतीजे
अगले सप्ताह कई अहम कंपनियों के तिमाही नतीजे आने वाले हैं, जो बाजार को प्रभावित करेंगे। अभी कुछ ही कंपनियों के चौथी तिमाही के नतीजे सामने आए हैं। अगले हफ्ते HCL टेक्नोलॉजीज और ICICI बैंक जैसी प्रमुख कंपनियों सहित कुल 50 कंपनियां अपनी कमाई का स्कोरकार्ड जारी करेंगी।
अगले सप्ताह जिन कंपनियों के तिमाही नतीजे आने वाले हैं उनमें ICICI प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, ICICI लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस कंपनी, एंजल वन, जस्ट डायल, नेटवर्क18 मीडिया एंड इंवेस्टमेंट्स, टीवी18 ब्रॉडकास्ट, शेफलर इंडिया, टाटा कॉफी, ICICI सिक्योरिटीज, मास्टेक, टाटा कम्युनिकेशंस, Cyient, हिंदुस्तान जिंक, तेजस नेटवर्क और यस बैंक शामिल हैं।
घरेलू इकोनॉमिक डेटा प्वाइंट्स
मार्च के लिए थोक मूल्य सूचकांक (WPI) आधारित मुद्रास्फीति के आंकड़े सोमवार, 17 अप्रैल को जारी किए जाएंगे। फूड प्रोडक्ट्स, फ्यूल और मैन्युफैक्चरिंग इन्फ्लेशन के चलते मार्च महीने में महंगाई के वार्षिक आंकड़ों में गिरावट आने की उम्मीद है।
ट्रेडिंग इकोनॉमिक्स के अनुसार, मार्च के लिए WPI इन्फ्लेशन लगभग 2 फीसदी रहने की उम्मीद है, जो फरवरी में 3.85 प्रतिशत थी। अगर ऐसा होता है तो मार्च लगातार चौथा महीना होगा, जिसमें मुद्रास्फीति 5 प्रतिशत से कम होगी। बता दें कि CPI इन्फ्लेश मार्च में और घटकर 5.66 प्रतिशत हो गई, जो फरवरी में 6.44 प्रतिशत थी।
चीन की जीडीपी
ग्लोबल इन्वेस्टर्स मौजूदा कैलेंडर वर्ष की पहली तिमाही में दुनिया के दूसरे सबसे बड़े देश चीन के आर्थिक विकास के आंकड़ों पर नजर रखेंगे। मौजूदा कैलेंडर ईयर में चीन ने लगभग 5 फीसदी का ग्रोथ टारगेट निर्धारित किया है। कैलेंडर वर्ष 22 में चीनी अर्थव्यवस्था में 3 फीसदी की वृद्धि हुई, जो सख्त कोविड नियमों और रियल एस्टेट मंदी के कारण 5.5 प्रतिशत के अपने लक्ष्य से बहुत कम है। अर्थव्यवस्था ने Q4CY22 में 2.9 फीसदी की ग्रोथ दर्ज की, जबकि पिछली तिमाही में यह 3.9 प्रतिशत थी।
ग्लोबल इकोनॉमिक डेटा प्वाइंट
Q1CY23 में चीन की इंडस्ट्रियल कैपिसिटी यूटिलाइजेशन, मार्च में यूरोप और जापान के मुद्रास्फीति आंकड़े और US जॉबलेस समेत प्रमुख ग्लोबल इकोनॉमिक डेटा प्वाइंट यहां दिए गए हैं।
FII फ्लो
फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स ने बीते सप्ताह में भी खरीदारी जारी रखी। इसकी वजह अमेरिका में ब्याज दरों में बढ़ोतरी के सिलसिले के रुकने की उम्मीद हो सकती है। लेकिन ऐसा लगता है कि डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स ने बढ़ते इक्विटी बाजारों का लाभ उठाया है, इसलिए उन्होंने पिछले सप्ताह में 400 करोड़ रुपये से अधिक के शेयरों की शुद्ध बिक्री की है। इससे अप्रैल महीने की कुल शुद्ध बिक्री 2,684 करोड़ रुपये हो गई।
इक्विटी बाजारों में तेजी का एक कारण FII की खरीदारी रही है। एनालिस्ट्स को उम्मीद है कि अगर आने वाले सत्रों में निवेश जारी रहा तो तेजी जारी रहेगी। FII इस महीने सभी सत्रों में लगभग 5000 करोड़ रुपये के शुद्ध खरीदार रहे हैं, जो नवंबर 2022 के बाद से सबसे अधिक खरीद है।
आईपीओ की लिस्टिंग
अगले हफ्ते 18 अप्रैल को इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज एवलॉन टेक्नोलॉजीज के शेयरों की लिस्टिंग होने जा रही है। कंपनी ने इस आईपीओ के जरिए 865 करोड़ रुपये जुटाए हैं। यह 3-6 अप्रैल के दौरान सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था और 2.21 गुना सब्सक्राइब हुआ है।
क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स ने सबसे अधिक 3.57 गुना निवेश किया है। लेकिन हाई नेट वर्थ इंडिविजुअल्स ने अपने लिए आरक्षित हिस्से का सिर्फ 41 फीसदी सब्सक्राइब किया। वहीं, रिटेल इनवेस्टर्स के हिस्से का भी सिर्फ 84 फीसदी का सब्सक्रिप्शन मिला है।
कॉर्पोरेट एक्शन
नेस्ले इंडिया, धामपुर शुगर मिल्स, मुथूट फाइनेंस, Huhtamaki इंडिया, थायरोकेयर टेक्नोलॉजीज, EID पैरी (इंडिया), मोल्ड-टेक टेक्नोलॉजीज और मोल्ड-टेक पैकेजिंग अगले सप्ताह से एक्स-डिविडेंड देना शुरू कर देंगे।