अगले हफ्ते ये अहम फैक्टर भारतीय शेयर बाजार की दिशा करेंगे तय, इन पर रहेंगी ट्रेडर्स और इनवेस्टर्स की नजरें

अगले हफ्ते में बाजार की नजर भारत के इक्विटी बाजार में एफएफआई के एक्शन पर रहेगी। यूएस फेड की हॉकिश कमेंट्री के चलते FII का सेंटीमेंट खराब हुआ। पिछले हफ्ते FII ने भारतीय बाजारों में 1800 करोड़ रुपये की बिकवाली की। इससे बाजार पर बिकवाली का दबाव बढ़ा। अगले हफ्ते FII के निवेश में वोलैटिलिटी जारी रह सकती है

अपडेटेड Dec 18, 2022 पर 1:50 PM
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कच्चे तेल की कीमतें करीब 1 महीने से 90 डॉलर के नीचे चल रही हैं। इसमें और गिरावट भारतीय शेयर बाजार के लिए बहुत अच्छा संकेत होगा
     
     
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    शुक्रवार 16 दिसंबर को खत्म हुए हफ्ते में मंदड़ियों की पकड़ मजबूत होती नजर आई। यूएस फेड की तरफ से ब्याज दरों में 50 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोत्तरी की गई। इसके आगे यह बढ़ोत्तरी जारी रहने के संकेत ने बाजार सेंटीमेंट पर निगेटिव असर डाला। विकसित देशों में मंदी के बढ़ते डर ने भी बाजार को बैकफुट पर ला दिया। अब मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि रिकॉर्ड हाई लेवल से बाजार में हाल में आये करेक्शन के बाद आने वाले हफ्ते में बाजार में उतार-चढ़ाव दिखेगा। इसके साथ ये सीमित दायरे में घूमता नजर आ सकता है। किसी बड़े घरेलू ट्रिगर के अभाव में बाजार की दिशा तय करने में विदेशी संकेतों का बड़ा योगदान होगा। शुक्रवार को बीएसई का सेंसेक्स 461अंक गिरक 61,338 पर बंद हुआ। जबकि निफ्टी 146 अंक गिरकर 18,269 पर बंद हुआ। ये 23 नवंबर के बाद सबसे निचले स्तर की क्लोजिंग थी।

    अब निवेशकों और ट्रेडर्स की नजर बाजार के अगले हफ्ते पर है। आईये देखते हैं अगले हफ्ते कौन से फैक्टर बाजार की दिशा तय करने में निभाएंगे अहम भूमिका-

    अमेरिका के ग्रोथ आंकड़े (US Growth Numbers)


    अगले हफ्ते बाजार की नजर अमेरिका के 30 सितंबर 2022 (Q3 CY22) को खत्म तिमाही के ग्रोथ आंकड़ों पर रहेगी। ये आंकड़े 22 दिसंबर को आयेंगे।

    मॉनेटरी पॉलिसी मीटिंग मिनट्स (Monetary Policy Meeting Minutes)

    इसके अलावा बाजार की नजर आरबीआई की 21 दिसंबर 2022 को आने वाली मॉनेटरी पॉलिसी मिनट पर रहेगी। गौरतलब है कि हाल ही में 7 दिसंबर को हुए आरबीआई पॉलिसी की मीटिंग में आरबीई में रेपो रेट को 35 बेसिस प्वाइंट बढ़ाकर 6.25 प्रतिशत कर दिया है।

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    विदेशी निवेश (FII Flow)

    19 दिसंबर से शुरू होने वाले हफ्ते में बाजार की नजर भारत के इक्विटी बाजार में एफएफआई के एक्शन पर भी रहेगी। यूएस फेड की हॉकिश कमेंट्री ने ग्लोबल ग्रोथ को लेकर चिंता पैदा कर दी है। जिसके चलते FII का सेंटीमेंट खराब हुआ। पिछले हफ्ते FII ने भारतीय बाजारों में 1800 करोड़ रुपये की बिकवाली की है जिससे बाजार पर बिकवाली का दबाव बढ़ा है। ऐसे में बाजार जानकारों का कहना है कि आने वाले हफ्तों में कम से कम तब तक FII के निवेश में वोलैटिलिटी जारी रहेगी जब तक यूएस फेडरल रिजर्व की तरफ से ब्याज दरों में विराम लगने के कोई संकेत नहीं मिलते हैं।

    कच्चे तेल की कीमतें (Oil Prices)

    कच्चे तेल की कीमतें करीब 1 महीने से 90 डॉलर के नीचे घूम रही हैं। अगर इसमें और गिरावट होती है तो निश्चित तौर पर ये भारतीय शेयर बाजार के लिए बहुत अच्छा संकेत होगा। ऐसे में बाजार की नजर कच्चे तेल की कीमतों पर लगी रहेगी।

    आईपीओ (IPO)

    अगले हफ्ते हमें आईपीओ बाजार में भी अच्छी हलचल देखने को मिलेगी। इस हफ्ते करीब 2000 करोड़ रुपये के 2 आईपीओ खुलने वाले हैं। इनके साथ ही दिसंबर में आने वाले कुल आईपीओ की संख्या 5 हो जायेगी। बता दें कि 19 दिसंबर को KFin Technologies का आईपीओ खुलेगा। जबकि Elin Electronics का आईपीओ 20 दिसंबर को खुलकर 22 दिसंबर को बंद होगा।

    आईपीओ के अलावा अगले हफ्ते 3 शेयर बाजार में लिस्ट होंगे। वाइन बनाने वाली कंपनी सुला वाइनयार्ड (Sula Vineyards) की लिस्टिंग 22 दिसंबर को होगी। जबकि फाइनेंशियल सेवाएं देने वाली कंपनी अपांस होल्डिंग और प्रीमियम ऑटोमोबाइल रिटेलर लैंडमार्क कार्स (Landmark Cars) की लिस्टिंग 23 दिसंबर होगी।

    टेक्निकल व्यू (Technical View)

    एक्सपर्ट का कहना है कि निफ्टी में दायरे में कारोबार होता दिखेगा। इसमें 18,100-18,000 के स्तर पर सपोर्ट है। जबकि इसमें 18,500-18,700 के स्तर रेजिस्टेंस देखने को मिल सकता है।

    Samco Securities के अपूर्वा सेठ ने कहा कि तकनीकी रूप से देखें तो निफ्टी ने डेली चार्ट पर एक लोअर टॉप लोअर बॉटम बनाया है। इससे शार्ट टर्म में उन्हें इसमें बेयरिश संकेत नजर आ रहे हैं।

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    निफ्टी में 18100 के स्तर पर सपोर्ट नजर आ रहा है। इस सपोर्ट के टूटने पर ये 17900 के स्तर तक फिसल सकता है। मार्केट एक्सपर्ट ने आगे कहा कि यदि इसमें तेजी आई तो 18500 पर तत्काल रेजिस्टेंस नजर आयेगा। इसके बाद 18650 पर दूसरा रेजिस्टेंस दिखेगा।

    फ्यूचर एंड ऑप्शन के आंकड़े (F&O Cues)

    ऑप्शन के आंकड़ों पर नजर डालने पर 19,000 के स्ट्राइक पर अधिकतम कॉल ओपन इंटरेस्ट देखने को मिल रहा है। इसके बाद 18,500 और 18,700 स्ट्राइक के स्ट्राइक पर ओपन इंटरेस्ट है। जबकि 18,300 और 18,400 के स्ट्राइक पर कॉल राइटिंग देखने को मिल रही है।

    पुट के आंकड़ों पर नजर डालें तो अधिकतम पुट ओपन इंटरेस्ट 18,000 स्ट्राइक पर देखने को मिला है। इसके बाद 18,300 और 17,500 स्ट्राइक पर सबसे ज्यादा पुट ओपन इंटरेस्ट है। जबकि 18,300 और 18,000 के स्ट्राइक पर राइटिंग देखने को मिल रही है।

    इंडिया विक्स (India VIX)

    पिछले हफ्ते वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया विक्स (India VIX) में भी काफी बढ़ोत्तरी देखने को मिली है। ये 11. 43 के लेवल से 23 प्रतिशत की बढ़त दिखाते हुए 14.07 के लेवल तक पहुंच गया है। वोलैटिलिटी का बढ़ना बुल्स के लिए अच्छा संकेत नहीं है। ऐसे में बाजार की नजर इंडिया विक्स पर लगी रहेंगी। अगर इंडिया विक्स में और बढ़ोत्तरी होती है तो बाजार में मंदड़िये हावी होते नजर आयेंगे।

    कॉर्पोरेट एक्शन (Corporate Action)

    अगले हफ्ते शीला फोम (Sheela Foam), प्रिसीजन वायर्स इंडिया (Precision Wires India), झिम लैबोरेटरीज (Zim Laboratories) और सार्थक इंडस्ट्रीज (Sarthak Industries) एक्स-बोनस ट्रेड करेंगे।

    (डिस्क्लेमरः Moneycontrol.com पर दिए जाने वाले विचार और निवेश सलाह निवेश विशेषज्ञों के अपने निजी विचार और राय होते हैं। Moneycontrol यूजर्स को सलाह देता है कि वह कोई निवेश निर्णय लेने के पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें। )

     

     

     

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