डिजिटल कम्यूनिकेशन कमीशन (digital communication commission(DCC) की आज अहम बैठक होने वाली है। इस बैठक में कैपिटव यूजर्स के लिए स्पेक्ट्रम चार्ज के संबंध में चर्चा हो सकती है और इस पर निर्णय लिया जा सकता है। सूत्रों की मानें तो आज होने वाली DCC की मीटिंग में कैपिटव यूजर्स के लिए स्पेक्ट्रम चार्ज बढ़ाने पर फैसला आ सकता है। इसके साथ ही सरकारी कंपनियों के लिए कैपटिव स्पेक्ट्रम यूजेस चार्ज में बढ़ोतरी भी मुमकिन है। सरकार ने 2012 से इस पॉलिसी में कोई बदलाव नहीं किया है। लेकिन आज की बैठक में इसमें बदलाव होने की संभावना है। देश की दिग्गज कंपनियां ONGC, GAIL, RailTel आदि कैपटिव स्पेक्ट्रम का इस्तेमाल करती हैं।
इस खबर पर ज्यादा डिटेल बताते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के असीम मनचंदा ने कहा कि बहुत सारी सरकारी कंपनियां है जो कैपटिव स्पेक्ट्रम का उपयोग करती हैं। इसके बदले में वे सरकार को चार्ज देती हैं। इसके रेट को आखिरी बार साल 2012 में रिवाइज किया गया था। उसके बाद इसे रिवाइज नहीं किया गया है। इसको रिवाइज करने के लिए CAG ने भी दूरसंचार विभाग के रवैये पर आपत्ति जताई थी।
CAG ने कहा था कि इस पर लीगल ओपिनियन आ गया है। जिसमें कहा गया है स्पेक्ट्रम चार्ज को बढ़ाना चाहिए। इसके बाद भी दूरसंचार विभाग इसे रिवाइज करने में कोताही क्यों कर रहा है। लिहाजा माना जा रहा है कि आज की बैठक में कैपटिव स्पेक्ट्रम यूजेस चार्ज में बढ़ोतरी हो सकती है। आज 3 बजे डिजिटल कम्यूनिकेशन कमीशन की बैठक में इस पर फैसला आ सकता है।
असीम ने आगे कहा कि डिजिटल कम्यूनिकेशन कमीशन की बैठक में फैसला लिये जाने के बाद कैपटिल स्पेक्ट्रम का इस्तेमाल करने वाली कंपनियों ONGC, GAIL, RailTel के लिए चार्ज बढ़ाने पर सरकार फैसला ले सकती है।
इसके अलावा आज होने वाली बैठक में वॉकी-टॉकी सेवाओं का रास्ता भी साफ होगा। माइनिंग, गैस, रेलवे में वॉकी-टॉकी का इस्तेमाल होता है। ट्राई ने कहा था कि जितनी भी कंपनियां है उन्हें वॉकी-टॉकी के इस्तेमाल की अनुमति दी जानी चाहिए। सरकार इस पर फैसला ले सकती है। TRAI सिफारिशों के आधार पर स्पेक्ट्रम देने पर फैसला संभव है।