₹1.6 लाख सैलरी पर ₹1.85 लाख EMI! F&O ट्रेडिंग के चक्कर में लगा ₹60 लाख का चूना, चौंका देगी आईटी प्रोफेशनल की ये स्टोरी
F&O Trading Loss: मुंबई के एक 35 वर्षीय आईटी प्रोफेशनल की आपबीती सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट पर तेजी से वायरल हो रही है। MNC में मैनेजर के पद पर कार्यरत इस शख्स ने ट्रेडिंग में लगभग ₹80 लाख गंवा दिए हैं और अब वह ₹60 लाख के भारी-भरकम कर्ज के तले दब चुका है
₹80 लाख गंवाने के बाद अब उस पर ₹60 लाख का बकाया कर्ज है
Trading Loss Loan Trap: शेयर बाजार में फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) ट्रेडिंग में रातों-रात अमीर बनने की चाहत कई लोगों के लिए बर्बादी का कारण बन रही है। मुंबई के एक 35 वर्षीय आईटी प्रोफेशनल की आपबीती सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट पर तेजी से वायरल हो रही है। MNC में मैनेजर के पद पर कार्यरत इस शख्स ने ट्रेडिंग में लगभग ₹80 लाख गंवा दिए हैं और अब वह ₹60 लाख के भारी-भरकम कर्ज के तले दब चुका है।
हालत यह है कि उसकी महीने की टेक-होम सैलरी ₹1.6 लाख है, जबकि बैंक और डिजिटल लोन ऐप्स की ईएमआई ही ₹1.85 लाख बनती है। सोशल मीडिया पर यूजर ने अपना दर्द शेयर करते हुए इस संकट से निकलने के रास्ते पूछे हैं।
कैजुअल ट्रेडिंग से शुरू हुआ सफर, ऐसे बना ₹60 लाख का कर्ज
रेडिट यूजर (gaushi1614) ने अपनी पोस्ट में बताया कि कोविड-19 महामारी के दौरान उसने स्टॉक मार्केट और F&O ट्रेडिंग में कदम रखा था। शुरुआत में सब कुछ सामान्य था, लेकिन धीरे-धीरे यह एक गंभीर लत बन गई। पुराने नुकसान की भरपाई करने की कोशिश में वह और अधिक ट्रेडिंग करने लगा, जिससे स्थिति पूरी तरह नियंत्रण से बाहर हो गई। ₹80 लाख गंवाने के बाद अब उस पर ₹60 लाख का बकाया कर्ज है।
दो पर्सनल लोन
डिजिटल लेंडिंग ऐप्स और NBFCs के लोन
₹7 लाख से अधिक का बकाया क्रेडिट कार्ड बिल शामिल है।
घर चलाने के पैसे नहीं, परिवार से छिपा रखी है बर्बादी की कहानी
आईटी मैनेजर का कहना है कि उसकी प्राथमिकता किसी तरह अपनी मासिक ईएमआई का बोझ ₹1.85 लाख से घटाकर ₹1.2 से ₹1.3 लाख के स्तर पर लाना है, ताकि वह अपने परिवार के दैनिक खर्च संभाल सके और धीरे-धीरे पूरे कर्ज का भुगतान कर सके। यूजर ने बताया कि नए लोन लेने और क्रेडिट कार्ड का भारी इस्तेमाल करने के कारण बैंक अब उसे लोन कंसोलिडेशन या रीस्ट्रक्चरिंग की अनुमति नहीं दे रहे हैं।
सबसे गंभीर बात यह है कि इस व्यक्ति की पत्नी और बच्चों को इस भारी कर्ज की भनक तक नहीं है। उसे डर है कि रिकवरी एजेंटों के घर आने पर उसके परिवार को सच पता चल जाएगा। हालांकि, उसने दावा किया है कि उसने अब तक एक भी ईएमआई बाउंस नहीं होने दी है, लेकिन अब स्थिति असहनीय हो गई है।
रेडिट यूजर्स ने दी काम की सलाह: ऐसे निकल सकते हैं कर्ज के जाल से
पोस्ट वायरल होने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स और वित्तीय विशेषज्ञों ने इस परेशानी से उबरने के लिए व्यावहारिक और कड़े सुझाव दिए हैं:
1- सबसे महंगे कर्ज पहले चुकाएं
यूजर्स ने सलाह दी है कि क्रेडिट कार्ड और पर्सनल लोन ऐप पर 36% से 42% तक का सालाना ब्याज लगता है। सबसे पहले संपत्ति जैसे- कार, ज्वेलरी बेचकर या रिश्तेदारों से बिना ब्याज की मदद लेकर इन हाई-इंटरेस्ट लोन का निपटारा करना चाहिए।
2- F&O ट्रेडिंग अकाउंट पूरी तरह बंद करें
ट्रेडिंग की लत आसानी से नहीं छूटती। इसके लिए डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट को स्थायी रूप से बंद कर देना चाहिए और कुछ समय के लिए हर तरह के निवेश से दूरी बना लेनी चाहिए।
3. पत्नी और परिवार से सच साझा करें
अकेले इतने बड़े मानसिक तनाव को झेलना मुश्किल है। रिकवरी एजेंटों के दबाव से पहले पत्नी को स्थिति के बारे में ईमानदारी से बताना चाहिए ताकि वे मिलकर जीवनशैली के खर्चों में कटौती कर सकें।
4. सिक्योर लोन या मोर्टगेज लोन का विकल्प
अगर घर या अन्य कोई संपत्ति है, तो हाई-कॉस्ट पर्सनल लोन को चुकाने के लिए कम ब्याज दर वाले लोन का विकल्प चुना जा सकता है, जिससे ईएमआई आधी हो सकती है।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।