बाजार की चार दिनों की तेजी पर लगाम, मंदड़िए हुए हावी, जानिए क्या है वजह

निफ्टी के लिए इमिडिएट सपोर्ट 17,600 पर और इमिडिएट रजिस्टेंस 18,200 पर है। वहीं बैंक निफ्टी के लिए 37,300 पर सपोर्ट नजर आ रहा है। जबकि 38,200 पर उसके लिए रजिस्टेंस जोन नजर आ रहा है.

अपडेटेड Jan 06, 2022 पर 2:10 PM
Story continues below Advertisement
सेंसेक्स करीब 775 अंक नीचे नजर आ रहा है। निफ्टी 17,700 के नीचे फिसल गया है। सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में दिख रहे हैं।

गुरुवार के कारोबार में भारतीय बाजार में गिरावट देखने को मिल रही है। बाजार की चार दिनों की तेजी पर लगाम लग गया है। और बाजार पर मंदड़ी हावी हो गए हैं। कोरोना के नए वेरिएंट ओमीक्रोन के बढ़ते कहर और यूएस फेड की कठोर मौद्रिक नीतियों के ऐलान ने बाजार के सेंटीमेंट को खराब कर दिया है। कमजोर ग्लोबल संकेतों के बीच भारतीय बाजार आज गिरावट के साथ खुले थे। और कारोबारी सत्र के आगे बढ़ने के साथ ही गिरावट भी बढ़ती गई।

फिलहाल सेंसेक्स करीब 775 अंक नीचे नजर आ रहा है। निफ्टी 17,700 के नीचे फिसल गया है। सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में दिख रहे हैं। बैंक, आईटी, FMCG और रियलिटी इंडेक्स एक फीसदी से ज्यादा नीचे नजर आ रहे हैं। दिग्गज शेयरों की तरह ही छोटे मझोले शेयर भी दबाव में है। मिड और स्माल कैप इंडेक्स भी 1 फीसदी टूटे हैं। आइए डालते हैं इस गिरावट की वजह पर एक नजर

कमजोर ग्लोबल संकेत


यूएस फेड ने इस बात के संकेत दिए हैं कि ब्याज दरों में समय से पहले बढ़ोतरी की जा सकती है। इस खबर के चलते कल के कारोबार में Dow Jones 392.54 अंक यानी 1.07 फीसदू टूटकर 36,407.11 पर बंद हुआ। इसी तरह S&P में करीब 92 अंकों की गिरावट देखने को मिली और Nasdaq Comosite भी करीब 523 टूट कर बंद हुआ था। एशियन मार्केट पर भी इस खबर का असर देखने को मिला। टोक्यो निक्केई 1.56 फीसदी फिसल गया।

भारतीयों का सोने के प्रति 'प्रेम' बढ़ा, 2021 में दो गुना हुआ गोल्ड इंपोर्ट

कोरोना ने बढ़ाई चिंता

पिछले 24 घंटे में कोरोना के 90,928 नए केस मिले हैं। हेल्थ मिनिस्ट्री की तरफ आज दी गई जानकारी के मुताबिक, देश की डेली पॉजिटिविटी रेट 4.18 पर पहुंच गई है। कोरोना के बढ़ते मामलों के साथ ही तमाम राज्य पाबंदी लगा रहे हैं। बाजार को इसको लेकर चिंता है। जिसका असर आज देखने को मिला।

दीनदयाल इनवेस्टमेंट के मनीष हाथीरमानी का कहना है कि निफ्टी 17,800-17,950 के रजिस्टेंस जोन के आसपास से गिरावट आती दिखी है। यह इस बात का संकेत नहीं है कि बाजार के वर्तमान तेजी का दौर खत्म हो गया है। जब तक निफ्टी 17,200 पर टिके रहने में कामयाब रहता है तब तक इसमें तेजी की संभावनाएं बनी रहेंगी। इस समय बाजार में गिरावट में अच्छे शेयरों में खरीद की रणनीति बेहतर रहेगी। लेकिन यह भी सही है कि जब तक निफ्टी 17,950 के ऊपर नहीं बंद होता है तब इसमें हमें तेजी का अगला दौर देखने को नहीं मिलेगा।

हेम सिक्योरिटीज के मोहित निगम का कहना है कि कल के कारोबार में अमेरिकन बाजार कमजोरी के साथ बंद हुए। वहीं यूरोपियन बाजार हरे निशान में बंद हुए। एशियन बाजार में भी दबाव देखने को मिल रहा है। ब्याज दरों पर यूएस फेड की रवैये के चलते यूएस बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली। वही भारत की बात करें तो इकोनॉमी को किसी संभावित झटके से बचाने के लिए आरबीआई पॉलिसी दरों में बढ़ोतरी की योजना को अप्रैल से शुरू होने वाले नए वित्त वर्ष के लिए टाल सकती है। तकनीकी नजरिए से देखें तो निफ्टी के लिए इमिडिएट सपोर्ट 17,600 पर और इमिडिएट रजिस्टेंस 18,200 पर है। वहीं बैंक निफ्टी के लिए 37,300 पर सपोर्ट नजर आ रहा है। जबकि 38,200 पर उसके लिए रजिस्टेंस जोन नजर आ रहा है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।