दीपक नाइट्राइट ने 3,500 करोड़ रुपये के कैपेक्स का किया ऐलान, स्पेशियालिटी केमिकल्स की मांग को पूरा करने का है लक्ष्य

Deepak Nitrite Share Price : स्पेशियालिटी केमिकल्स कंपनी दीपक नाइट्राइट की सहायक कंपनी दीपक केम टेक 3,500 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इस रकम का उपयोग अन्य केमिकल्स के उत्पादन में इस्तेमाल होने वाले फिनोल और अन्य सॉल्वैंट्स का उत्पादन करने के लिए एक मैन्युफैक्चरिंग कॉम्प्लेक्स स्थापित करने में किया जायेगा। इस रकम को लोन और इक्विटी के मिश्रण के जरिये जुटाया जायेगा

अपडेटेड Apr 10, 2025 पर 11:42 AM
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Deepak Nitrite का शेयर बुधवार को एनएसई पर 20.85 रुपये या 1.14 प्रतिशत गिर कर 1807.35 पर बंद हुआ। जबकि इस साल अब तक 28 परसेंट की गिरावट आई है

Deepak Nitrite Share Price : स्पेशियालिटी केमिकल्स कंपनी दीपक नाइट्राइट (Deepak Nitrite) की सहायक कंपनी दीपक केम टेक (Deepak Chem Tech), लोन और इक्विटी के मिश्रण के जरिये जुटाए गए 3,500 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इस रकम का उपयोग अन्य केमिकल्स के उत्पादन में इस्तेमाल होने वाले फिनोल और अन्य सॉल्वैंट्स का उत्पादन करने के लिए एक मैन्युफैक्चरिंग कॉम्प्लेक्स स्थापित करने में किया जायेगा। कंपनी ने 9 अप्रैल को अपने एक बयान में ऐसा कहा और बताया कि इसका उद्देश्य भारत की आयात पर निर्भरता को कम करना है। दीपक केम टेक (DCTL) के बोर्ड ने स्पेशियलिटी फ्लोरो केमिकल्स के लिए लगभग 220 करोड़ रुपये के कैपेक्स पर एक मल्टी परपज मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी स्थापित करने की योजना को भी मंजूरी दी।

इस सुविधा का लक्ष्य 185 KTA (किलो टन प्रति वर्ष) एसीटोन, 300 KTA फिनोल और 100 KTA आइसोप्रोपिल अल्कोहल (IPA) का उत्पादन करना है। कंपनी ने कहा कि दीपक केम में फिनोल और एसीटोन के लिए प्रस्तावित क्षमता इस वृद्धि के बाद लगभग दोगुनी हो जाएगी। इन श्रेणियों में मौजूदा क्षमता का उपयोग 100% पर चल रहा है। कंपनी ने कहा कि फिनोल और एसीटोन की नई क्षमता को अंततः पॉलीकार्बोनेट रेजिन (PC) के उत्पादन के लिए इंटीग्रेट किया जाएगा।

कंपनी ने कहा कि आइसोप्रोपिल अल्कोहल, फिनोल और एसीटोन के लिए अतिरिक्त क्षमता तीन साल में स्थापित की जाएगी। भारत में एसीटोन की मौजूदा मांग आयात के माध्यम से पूरी की जाती है। अतिरिक्त क्षमता से बढ़ते सेक्टर की मांग पूरी होने की उम्मीद है। दीपक नाइट्राइट द्वारा किया गया विस्तार एसीटोन की बढ़ती घरेलू मांग के रुझान के अनुरूप है। इसका उपयोग फार्मा सेक्टर के साथ-साथ पेंट, चिपकने वाले और प्लास्टिक उद्योग में भी किया जाता है।


दीपक नाइट्राइट के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक दीपक मेहता ने कहा, "दीपक समूह सबसे इंटीग्रेटेड कैपासिटी में से एक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इससे इसे बहुत लचीलापन और ताकत मिलेगी जो वर्तमान समय में बहुत जरूरी है। आयात विकल्प होने के कारण, उत्पाद आत्मनिर्भरता और विकसित भारत के मार्ग पर हमारे समूह के योगदान को हम बढ़ाएंगे।"

दीपक नाइट्राइट का यह निर्णय घरेलू केमिकल कंपनियों को इन केमिक्लस के आयात का विकल्प देने के साथ भारत के भीतर क्षमता बढ़ाने का संकेत देता है। दीपक टेक ने पहले ही जर्मनी से एक पीसी प्लांट को भारत में खरीदने और स्थानांतरित करने के लिए समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं।

दीपक नाइट्राइट के शेयर में इस साल अब तक 28 परसेंट की गिरावट आई है। जबकि बुधवार को एनएसई पर ये केमिकल शेयर 20.85 रुपये या 1.14 प्रतिशत गिर कर 1807.35 पर बंद हुआ।

 

 

 

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