डेल्हीवरी के शेयरों में 6 नवंबर को बड़ी गिरावट देखने को मिली। इसकी वजह कंपनी के सितंबर तिमाही के नतीजे हैं। कंपनी ने 5 सितंबर को दूसरी तिमाही के नतीजों का ऐलान किया था। दूसरी तिमाही में कंपनी को 50.4 करोड़ रुपये का लॉस हुआ है। पिछले साल सितंबर तिमाही में कंपनी को 10.2 करोड़ रुपये प्रॉफिट हुआ था। सितंबर तिमाही के नतीजों का असर 6 नवंबर को कंपनी के शेयरों पर दिखा।
ईकॉम एक्सप्रेस के अधिग्रहण की वजह से हुआ लॉस
Delhivery का शेयर 6 नवंबर को 467 रुपये पर खुला। लेकिन, थोड़ी कुछ समय बाद इसमें बड़ी गिरावट देखने को मिली। 10 फीसदी गिरने के बाद इसमें लोअर सर्किट लग गया। सितंबर तिमाही में कंपनी को लॉस की वजह ईकॉम एक्सप्रेस का अधिग्रहण है। अगर इस अधिग्रहण को हटा दिया जाए तो दूसरी तिमाही में कंपनी का टैक्स बाद प्रॉफिट 59 करोड़ रुपये आता है। यह पिछले साल सितंबर तिमाही के 10 करोड़ रुपये के प्रॉफिट का करीब छह गुना है।
सितंबर तिमाही में ऑपरेशंस से रेवेन्यू 17 फीसदी बढ़ा
कंपनी भले ही सितंबर तिमाही में लॉस आ गई, लेकिन ऑपरेशंस से उसका रेवेन्यू साल दर साल आधार पर करीब 17 फीसदी बढ़कर 2,559.3 करोड़ रुपये रहा। डेल्हीवरी के शेयरों का प्रदर्शन 2025 में काफी अच्छा रहा है। यह इस साल 25 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। ब्रोकरेज फर्म जेएम फाइनेंशियल को डेल्हीवरी के शेयरों का प्रदर्शन अच्छा रहने की उम्मीद है। उसका कहना है कि तीसरी तिमाही में कंपनी के प्रदर्शन में अच्छी रिकवरी दिख सकती है।
बीते छह महीनों में यह स्टॉक 44 फीसदी चढ़ा है
जेफरीज ने कहा है कि डेल्हीवरी का EBITDA अनुमान से कम रहा। इसकी वजह एक्सप्रेस पार्सल और पार्ट ट्रक लोड मार्जिन में कमी है। उसने कहा है कि एक्सप्रेस पार्सल ऑर्गेनिक वॉल्यूम ग्रोथ कमजोर रही है। 6 नवंबर को बड़ी गिरावट के बावजूद बीते छह महीनों में इस स्टॉक का रिटर्न 44 फीसदी से ज्यादा रहा है।
कंपनी ने मई 2022 में पेश किया था आईपीओ
डेल्हीवरी ने मई 2022 में आईपीओ पेश किया था। कंपनी ने 487 रुपये के भाव पर आईपीओ में निवेशकों को शेयर एलॉट किए थे। यह शेयर 541 रुपये पर लिस्ट हुआ था। लेकिन, उसके बाद इसमें गिरावट देखने को मिली थी। इस साल 7 मार्च को सेयर की कीमत 241 रुपये के लो लेवल पर आ गई थी। उसके बाद इसमें अच्छी तेजी दिखी थी।