एक हफ्ते की पिटाई के बाद टूरिज्म और हॉस्पिटैलिटी स्टॉक में 30 नवंबर को जोर दार रिकवरी देखने को मिली है। आज के कारोबार में इन सेक्टरों के शेयरों पर कोरोना के नए वैरिएंट Omicron से जुड़ी चिंता का भी कोई असर नहीं देखने को मिला है। आज इंट्राडे में Lemon Tree Hotels, EIH Associated, The Byke Hospitality, Indian Hotels और Chalet Hotels जैसे हॉस्पिटैलिटी शेयरों में 4-8 फीसदी तक की तेजी देखने को मिली है। बाजार जानकारों का कहना है कि करोना के नए वैरिएंट के डर से बाजार में आया गिरावट का दौर अब थम रहा है।
यहां तक की InterGlobe,SpiceJet और Thomas Cook जैसे ट्रैवेल स्टॉक्स में भी जोरदार तेजी देखने को मिली है। एनएसई पर इन शेयरों में आज 2-6 फीसदी तक की तेजी देखने को मिली है।
HDFC Securities के दीपक जसानी का कहना है कि ट्रैवल और होटल जैसे री-ओपनिंग थीम से जुड़े शेयरों से उन खबरों पर अपनी अच्छी प्रतिक्रिया दी जिनमें महामारी के फिर से लौटने के खतरे से इनकार किया गया है। हालिया खबरों पर नजर डालें तो Omicron के खतरे को बढ़ाचढ़ा कर पेश किया गया है। जिसको देखते हुए आज इन स्टॉक्स में एक रिलीफ रिएक्शन देखने को मिला है और इनमें अच्छा बाउंस बैक देखने को मिला है।
26 नवंबर को एयरलाइंस और होटल स्टॉक 6 फीसदी तक टूट गए थे। डब्ल्यूएचओ ने कोरोना के नए वैरिएंट को लेकर जो चेतावनी जारी की थी उनको असर इस स्टॉक्स पर देखने को मिला था। ट्रेडरों और निवेशकों को लगा था कि एक बार फिर कोरोना के फर्स्ट वेब की तरह ही एक बार ट्रैवल टूर और हॉस्पिटेलिटी सेक्टर पर मार पड़ सकती है।
गौरतलब है कि इस सेक्टर से जुड़ी अधिकांश कंपनियां अभी भी कोरोना की पहली और दूसरी वेब की मार से उबर नहीं पाई है। ऐसे में सवाल है कि अब इन स्टॉक्स पर क्या हो निवेश रणनीति।
एचडीएफसी सिक्योरिटी के दीपक जसानी का कहना है कि मार्च 2020 से अब तक इन सेक्टरों से जुड़े स्टॉक में सामान्य स्थिति बहा होने की उम्मीद में काफी तेजी आई है। इसलिए इन सेक्टरों से जुड़े शेयरों में गिरावट पर क्वालिटी शेयरों में पैसे लगाने की रणनीति पर काम करने की जरुरत है।
Ventura Securities के Vinit Bolinjkar का कहना है कि महंगाई, लो अर्निंग अपग्रेड्स और एफआईआई की बिकवाली के चलते इन शेयरों में बिकवाली का दबाव बने रहने की उम्मीद है लेकिन लॉन्ग टर्म के नजरिए से एविएशन शेयरों में निवेश के मौके हैं।
उन्होंने कहा कि आगे एयरलाइन कंपनियों को लो पैसेंजर पेनिट्रेशन और देश में बढ़ते घरेलू एयरपोर्ट्स से फायदा मिलता दिखेगा।
वहीं दीपक जसानी का कहना है कि एविएशन सेक्टर में एयर इंडिया के प्राइवेटाइजेशन के चलते और नई कंपनियों के आने से आगे प्रतिस्पर्धा बढ़ती दिखेगी। इसके अलावा यह सेक्टर भारी पूंजी की जरुरत, मौसमी प्रभाव, ईधन की बढ़ती कीमतों और नॉर्मल टाइम पर निर्भरता के चलते पहले से ही निवेशकों को कम रिटर्न देने के लिए जाना जाता है।