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मंदी के बावजूद भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में होगा: दीपक पारेख

दीपक पारेख ने कहा "मैं लोगों को यह बताते हुए कभी नहीं थकता कि मेरे कामकाजी जीवन के लगभग 50 वर्षों में मैं भारत के बारे में इतना आशावादी कभी नहीं रहा, जितना आज हूं।"

MoneyControl Newsअपडेटेड Nov 21, 2022 पर 3:33 PM
मंदी के बावजूद भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में होगा: दीपक पारेख
पारेख की ये टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब भारतीय केंद्रीय बैंक मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए संघर्ष कर रहा है और हाल के महीनों में अपनी ब्याज दर में लगभग 2 फीसदी की बढ़ोतरी की है। हालांकि कोविड-19 महामारी के बाद देश की इकोनॉमी में रिकवरी आई है लेकिन आरबीआई के लिए महंगाई एक बड़ी चुनौती बन के उभरी है

एचडीएफसी के चेयरमैन दीपक पारेख का कहना है कि भारत दुनिया भर में घट रही घटनाओं से अछूता नहीं रह सकता। अगर दूनिया के दूसरे देशों में मंदी आती है तो भारत को भी कुछ मंदी का सामना करना पड़ेगा। फिर भी भारत सबसे तेजी से बढ़ती विश्व अर्थव्यवस्थाओं में से एक बना रहेगा। दीपक पारेख ने 21 नवंबर को द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया में हो रहे 21वें वर्ल्ड कांग्रेस ऑफ एकाउंटेंट्स में बोलते हुए कहा, "भारत दुनिया से अलग-थलग नहीं रह सकता। अगर दूसरे देशों में मंदी आती है तो भारत को भी कुछ मंदी का सामना करना पड़ेगा। लेकिन इस बात पर आम सहमति है कि भारत अभी भी दुनिया की सबसे तेजी से ग्रोथ करती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में बना रहेगा।"

भारत अगले 5 सालों के भीतर बनेगा 7.5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था

पारेख के मुताबिक, 2022 में देश की सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर (GDP growth) 7 फीसदी से थोड़ी कम रह सकती है, लेकिन इससे निराश होने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, "भारतीय अर्थव्यवस्था में अंतर्निहित लचीलापन इसको खास बनाता है। मुझे विश्वास है कि भारत अगले 5 सालों के भीतर 3.4 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था से बढ़कर 7.5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन जाएगा।"

50 वर्षों में मैं भारत के बारे में इतना आशावादी कभी नहीं रहा, जितना आज हूं-दीपक पारेख

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