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घरेलू संस्थागत निवेशकों ने पिछले 15 दिनों में की 10000 करोड़ रुपए की बिकवाली, बाजार के लिए क्या हैं इसके मायने?

Stock markets:नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के आंकड़ों से पता चला है कि 28 जून से आज तक, डीआईआई ने भारतीय इक्विटी मार्केट में 10378 करोड़ रुपये की बिकवाली की हो। डीआईआई ने पिछले पंद्रह में से 11 कारोबारी सत्रों में नेट सेलिंग की है। यह बिकवाली सेंसेक्स और निफ्टी के रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद आई है

Curated By: Sudhanshu Dubeyअपडेटेड Jul 17, 2023 पर 3:38 PM
घरेलू संस्थागत निवेशकों ने पिछले 15 दिनों में की 10000 करोड़ रुपए की बिकवाली, बाजार के लिए क्या हैं इसके मायने?
Stock markets:हमें अक्सर ये देखने को मिलता कि जब एफआईआई खरीदते हैं, डीआईआई बकवाली करते हैं। लेकिन अगर हम व्यापक नजरिए से देखें तो डीआईआई भी लॉन्ग साइड में ही दिख रहे हैं

Stock markets:घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने पिछले पंद्रह कारोबारी सत्रों में घरेलू शेयर बाजारों में करीब 10000 करोड़ रुपये की बिकवाली की है। जानकारों का कहना की ये बाजार की सरपट दौड़ के बाद हुई मुनाफावसूली है। ये मुनाफावसूली इस साल अप्रैल में शुरू हुई मजबूत और व्यापक आधार वाली रैली के बाद आई है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के आंकड़ों से पता चला है कि 28 जून से आज तक, डीआईआई ने भारतीय इक्विटी मार्केट में 10378 करोड़ रुपये की बिकवाली की हो। डीआईआई ने पिछले पंद्रह में से 11 कारोबारी सत्रों में नेट सेलिंग की है। यह बिकवाली सेंसेक्स और निफ्टी के रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद आई है।

अप्रैल की शुरुआत से, दोनों अहम इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी 14 फीसदी से ज्यादा उछले हैं, जबकि बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप 24 फीसदी से ज्यादा बढ़े हैं। जून में अमेरिकी महंगाई दर के दो साल से अधिक समय में सबसे धीमी गति से बढ़ने के बाद भारतीय बाजार रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गए। इससे यह अनुमान लगाया गया कि फेडरल रिजर्व अपने ब्याज दर बढ़त चक्र की समाप्ति के करीब हो सकता है। सेंसेक्स 66000 अंक के स्तर के ऊपर पहुंच गया है। जबकि निफ्टी 19500 अंक के पार चला गया है।

डीआईआई कर रहे मुनाफावसूली

बाजार जानकारों का कहना है कि शेयर बाजारों में हालिया उछाल के डीआईआई कुछ मुनाफा अपनी जेब में रख रहे हैं। बाजार का फिर से आकर्षक होने और एक दो करेक्शन के बाद वे फिर से इस पैसे बाजार में डालने को रणनीति पर काम कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त इस बिक्री में म्यूचुअल फंडों के ग्राहकों द्वारा मुनाफा वसूली के लिए किए जाने वाले रिडेम्प्शन का भी योगदान हो सकता है।

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