विप्रो के शेयर 7% बढ़कर 10 महीने के हाई पर पहुंचे, क्या आप भी करना चाहेंगे निवेश?

Wipro share price: विप्रो ने वित्त वर्ष 2024 की दूसरी तिमाही के लिए दिए गए अपने गाइडेंस में कहा है कि इस अवधि में कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ कॉस्टेंट करेंसी टर्म में -2 से 1 फीसदी के बीच रह सकती है। इसके साथ ही दूसरी तिमाही में कंपनी के मार्जिन भी इसी रेंज में रह सकती है। कंपनी ने सभी बड़े सेक्टरों की मांग में दबाव बने रहने का अनुमान लगाया है

अपडेटेड Jul 17, 2023 पर 1:44 PM
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HDFC Securities के विश्लेषकों का कहना है कि हालांकि स्टॉक के लिए कोई निकट अवधि का बड़ा ट्रिगर नहीं है, लेकिन पिछले दो वर्षों में किए गए अधिग्रहण की रणनीति के बाद अब इसका फायदा मिलना शुरू हो गया है
     
     
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    Wipro share price:विप्रो (Wipro) के शेयर सोमवार 17 जुलाई के इंट्रा-डे कारोबार में बीएसई पर 4 फीसदी की बढ़त के साथ 10 महीने के उच्चतम स्तर 420.10 रुपये पर पहुंच गए हैं। पिछले दो कारोबारी सत्रों में ही इस इंफॉर्मेशन (आईटी) टेक्नोलॉजी कंपनी के शेयरों में 7 फीसदी का उछाल देखने को मिला है। कंपनी के जून तिमाही (Q1FY24)के नतीजों के आने के बाद से ही इसके स्टॉक में तेजी देखने को मिल रही है। 30 जून को खत्म हुई पहली तिमाही में कंपनी का मुनाफा सालाना आधार पर करीब 12 फीसदी बढ़कर 2,870 करोड़ रुपए रहा है। लेकिन तिमाही आधार पर कंपनी के मुनाफे में 6.6 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है।

    विप्रो 15 सितंबर, 2022 के बाद के अपने हाइएस्ट लेवल पर कारोबार कर रहा था। 17 अगस्त, 2022 को इस स्टॉक ने 52 सप्ताह के हाई 444.65 रुपये के स्तर को हिट किया था। 30 जून 2023 को खत्म हुई तिमाही में कंपनी के आईटी कारोबार से होने वाली आय तिमाही आधार पर 2.1 फीसदी गिरी है और ये 277.85 डॉलर पर रहा है। वहीं, कॉस्टेंट करेंसी टर्म में तिमाही आधार पर कंपनी की कमाई में 2.8 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। इस अवधि में कंपनी की एबिट तिमाही आधार पर 20 बेसिस प्वाइंट की गिरावट के साथ 16 फीसदी पर रही है।

    ICICI Securities ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि विप्रो ने वित्त वर्ष 2024 की दूसरी तिमाही के लिए दिए गए अपने गाइडेंस में कहा है कि इस अवधि में कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ कॉस्टेंट करेंसी टर्म में -2 से 1 फीसदी के बीच रह सकती है। इसके साथ ही दूसरी तिमाही में कंपनी के मार्जिन भी इसी रेंज में रह सकती है। कंपनी ने सभी बड़े सेक्टरों की मांग में दबाव बने रहने का अनुमान लगाया है। कंपनी का अनुमान है कि गैरजरूरी खर्चों में कंपनियों द्वारा की जाने वाली कटौती के कारण निकट की अवधि में आईटी सेक्टर के मांग में दबाव देखने को मिलेगा। हालांकि लंबी अवधि में जेनेरिक एआई (generative AI)से कंपनी को फायदा होगा।


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    रेलिगेयर ब्रोकिंग का कहना है कि शॉर्ट टर्म में मांग में नरमी और ग्लोबल बाजार की तमाम चुनौतियों के कारण पूरे आईटी पैक पर दबाव जारी रह सकता है। लेकिन विप्रो के मामले में लॉन्ग टर्म आउटलुक में सुधार होने की उम्मीद है। क्योंकि मांग पटरी पर लौटने के साथ-साथ ऑटोमेशन और जनरल एआई आधारित उत्पादों और सोल्यूशन में किए जाने वाले निवेश से कंपनी के ग्रोथ में मदद मिलेगी। रेलिगेयर ब्रोकिंग ने Wipro की 'Hold' रेटिंग बनाए रखते हुए इसके लिए 432 रुपए का लक्ष्य दिया है।

    एक और ब्रोकरेज हाउस HDFC Securities के विश्लेषकों का कहना है कि हालांकि स्टॉक के लिए कोई निकट अवधि का बड़ा ट्रिगर नहीं है, लेकिन पिछले दो वर्षों में किए गए अधिग्रहण की रणनीति के बाद अब इसका फायदा मिलना शुरू हो गया है। हालांकि ये स्टॉक इस समय HDFC Securities के 410 रुपये प्रति शेयर के टारगेट के ऊपर कारोबार कर रहा है

     

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