अपने सोलर प्रोजेक्ट्स को बेचेगी इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी, ₹6829 करोड़ में होगी डील

एक इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी अपने 1,363 MW के सोलर प्रोजेक्ट्स में हिस्सेदारी बेचने जा रही है। मध्य प्रदेश में फैले इन प्रोजेक्ट्स की डील वैल्यू करीब ₹6,829 करोड़ है। कंपनी का फोकस अब पूंजी निकालकर नए इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में लगाने पर है। जानिए डिटेल।

अपडेटेड Sep 21, 2026 पर 4:57 PM
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Dilip Buildcon का शेयर 1.21% गिरकर ₹420.35 पर बंद हुआ।

इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी Dilip Buildcon ने मध्य प्रदेश के अहम सोलर पोर्टफोलियो को लेकर बड़ा समझौता किया है। कंपनी ने 1,363 मेगावाट के सोलर प्रोजेक्ट्स में अपनी हिस्सेदारी बेचने के लिए Alpha Alternatives Fund Advisors और उससे जुड़े फंड्स के साथ डील की है।

यह पोर्टफोलियो मध्य प्रदेश के 163 जगहों पर फैला है। इसकी अनुमानित लागत करीब ₹6,263 करोड़ है। इसमें करीब ₹1,253 करोड़ इक्विटी लगनी है। निर्माण के दौरान इस इक्विटी को Dilip Buildcon और Alpha Alternatives 51:49 के अनुपात में लगाएंगे।

पूरे पोर्टफोलियो की एंटरप्राइज वैल्यू करीब ₹6,829 करोड़ आंकी गई है। हालांकि, सौदा पूरा होने के समय इसमें तय शर्तों के हिसाब से कुछ बदलाव हो सकते हैं।


PM-KUSUM के तहत बन रहे हैं सोलर प्रोजेक्ट

ये प्रोजेक्ट PM-KUSUM योजना के Component C के तहत विकसित किए जा रहे हैं। इनका मकसद फीडर लेवल पर बिजली व्यवस्था को सोलर से जोड़ना है।

इन प्रोजेक्ट्स के लिए Madhya Pradesh Power Management Company के साथ पावर परचेज एग्रीमेंट हुआ है। कंपनी को उम्मीद है कि सितंबर 2027 के आसपास इन प्रोजेक्ट्स से बिजली उत्पादन शुरू हो जाएगा।

51% हिस्सेदारी भी बाद में बिकेगी

Dilip Buildcon की हिस्सेदारी उसकी कंपनी DBL Renewable के जरिए है। समझौते के मुताबिक, प्रोजेक्ट का निर्माण पूरा होने के बाद Alpha Alternatives के फंड Dilip Buildcon की बची हुई 51% हिस्सेदारी भी खरीदेंगे।

यानी निर्माण पूरा होने के बाद इस पोर्टफोलियो से Dilip Buildcon की हिस्सेदारी पूरी तरह बाहर हो जाएगी।

कंपनी क्यों कर रही है यह सौदा?

Dilip Buildcon अब अपने कारोबार को हल्का बनाना चाहती है। कंपनी ऐसे इंफ्रास्ट्रक्चर एसेट्स पर फोकस कर रही है, जिनसे लंबे समय तक कॉन्ट्रैक्ट के तहत कैश फ्लो मिलता रहे।

कंपनी के मुताबिक, इस सौदे से फंसी पूंजी बाहर आएगी। इस पैसे को नए प्रोजेक्ट्स में लगाया जा सकेगा। साथ ही बैलेंस शीट को मजबूत करने में भी मदद मिलेगी।

कंपनी के MD और CEO देवेंद्र जैन ने इसे DBL 2.0 की रणनीति का अहम हिस्सा बताया है। उनका कहना है कि कंपनी लंबे समय वाले कॉन्ट्रैक्टेड एसेट्स के आधार पर अपना इंफ्रास्ट्रक्चर कारोबार बढ़ा रही है।

सौदा अभी पूरी तरह हुआ नहीं है

यह डील अभी कुछ शर्तों के अधीन है। इसे पूरा करने के लिए जरूरी रेगुलेटरी मंजूरियां भी लेनी होंगी। इस सौदे में Dilip Buildcon के फाइनेंशियल एडवाइजर JM Financial रहे। Khaitan & Co ने कंपनी को कानूनी सलाह दी। वहीं, Alpha Alternatives को AZB & Partners ने सलाह दी।

Dilip Buildcon का शेयर 1.21% गिरकर ₹420.35 पर बंद हुआ। पिछले 1 साल में इसने 24.86% का नेगेटिव रिटर्न दिया है।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

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