Get App

Divine Power IPO Listing: आईपीओ निवेशकों का निवेश हुआ चार गुना, धांसू लिस्टिंग के बाद शेयर पहुंचे अपर सर्किट पर

Divine Power IPO Listing: डिवाइन पावर एनर्जी एलुमिनियम और तांबे के बेयर और वाइंडिंग तार और स्ट्रिप तैयार करती है। इसके आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था। आईपीओ के तहत सिर्फ नए शेयर जारी हुए है। चेक करें कंपनी की कारोबार सेहत कैसी है और आईपीओ के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कंपनी कैसे करेगी?

Edited By: Moneycontrol Newsअपडेटेड Jul 02, 2024 पर 3:53 PM
Divine Power IPO Listing: आईपीओ निवेशकों का निवेश हुआ चार गुना, धांसू लिस्टिंग के बाद शेयर पहुंचे अपर सर्किट पर
Divine Power IPO Listing: डिवाइन पावर का ₹22.76 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 25-27 जून तक खुला था। आज इसके शेयरों की लिस्टिंग हुई है।

Divine Power IPO Listing: एलुमिनियम और तांबे के बेयर और वाइंडिंग तार और स्ट्रिप तैयार करने वाली डिवाइन पावर (Divine Power) के शेयरों की आज NSE के SME प्लेटफॉर्म पर धांसू एंट्री हुई। खुदरा निवेशकों के दम पर इसके आईपीओ को ओवरऑल 393 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत 40 रुपये के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज NSE SME पर इसकी 155 रुपये  पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 287.5 फीसदी का लिस्टिंग गेन (Divine Power Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर यह 162.75 रुपये (Divine Power Share Price) के अपर सर्किट पर पहुंच गया यानी आईपीओ निवेशकों की पूंजी चार गुना बढ़ गई।

हालांकि फिर मुनाफावसूली के चलते यह फिसलकर 147.25 रुपये के लोअर सर्किट पर आ गया। दिन के आखिरी में यह 150.00 रुपये पर बंद हुआ है यानी कि पहले कारोबारी दिन की समाप्ति पर आईपीओ निवेशक 275 फीसदी मुनाफे में हैं।

Divine Power IPO को मिला था तगड़ा रिस्पांस

डिवाइन पावर का ₹22.76 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 25-27 जून तक खुला था। खुदरा निवेशकों के दम पर इस आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 393.67 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 135.84 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 473.74 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 507.94 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले 56.90 लाख नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में होगा।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें