अगर आप इस दिवाली ऐसे शेयर पर दांव लगाना चाहते हैं जो आपके पोर्टफोलियो को मुनाफे से रोशन कर दे तो फिर आपको Ashvin Shetty की सलाह ठीक से जान लेनी चाहिए। Marcellus Investment Managers के को-फाउंडर अश्विन शेट्टी ने स्मॉलकैप शेयर Mold-Tek Packaging को अपनी पसंद बताई है।
Mold-Tek Packaging मार्सेलल के लिटिल चैंप पोर्टफोलियो का हिस्सा है। यह कंपनी पैकेजिंग बिजनेस से जुड़ी प्रमुख कंपनी है। यह पेंट, लुब्रिकेंट, एफएमसीजी एंड फू्ड्स इंडस्ट्री के लिए डेकोरेटिव पैकेजिंग कनटेनर्स भी बनाती है। इंडिया में पहली बार इसी कंपनी ने इन-माउल्ड लेबल (IML) डेकोरेटिव प्रोडक्ट्स और क्यूआर कोडेड पैकेजिंग प्रोडक्ट्स लॉन्च किया था।
शेट्टी का मानना है कि मोल्ड-टेक की स्थिति अपने कारोबारी क्षेत्र में इतनी मजबूत है कि दूसरी कंपनियों के लिए उसमें सेंध लगाना बहुत मुश्किल है। उन्हें अगले तीन से पांच साल में कंपनी की तेज ग्रोथ का भरोसा है। तीन वजहों से कंपनी बहुत मजबूत स्थिति में हैं। पहला, प्रोडक्ट इनोवेशन, बैकवॉर्ड इंटिग्रेशन और कस्टमर स्टिकनेस।
शेट्टी ने कहा कि अगले 3-5 साल में कंपनी की ग्रोथ शानदार रहने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि पेंट्स, लुब्रीकेंट्स और आईएमएल सेगमेंट में कंपनी के लिए काफी ज्यादा मौके हैं। इसकी वजह यह है कि आईएमएल का इस्तेमाल अभी इंडिया में अपने शुरुआती चरण में है। आईएमएल का योगदान कंपनी की ग्रोथ में सबसे ज्यादा रहने के आसार हैं।
मोल्ड-टेक नए सेगमेंट इंजेक्शन ब्लो मॉल्डिंग में भी जगह बना रही है। इस मार्केट में उसकी नजरें फार्मास्युटिकल्स और ओवर-द-काउंटर कस्टमर्स पर हैं। पहली तिमाही के नतीजों के बाद कंपनी के मैनेजमेंट ने कहा था कि मोल्ड-टेक पैकेजिंग को एफएंडएफ प्लेयर्स की तरफ से मजबूत मांग आती दिख रही है। लुब्रिकेंट्स बिजनेस से भी स्ट्रॉन्गक डिमांड है।
पिछले कई सालों से Mold-Tek की ग्रोथ करीब 20 फीसदी बनी हुई है। ऑपरेटिंग प्रॉफिट ग्रोथ भी 20 फीसदी रही है। हालांकि, शेट्टी का मानना है कि रेवेन्यू ग्रोथ के आधार पर कंपनी के बारे में राय बनानी ठीक नहीं होगी, क्योंकि इनपुट कॉस्ट का पास-थ्रू इसमें शामिल है।
इस फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू साल दर साल आधार पर 55 फीसदी बढ़कर 208 करोड़ रुपये रहा। इस दौरान वॉल्यूम ग्रोथ करीब 49 फीसदी रही। कंपनी की कुल सेल्स में 5 टॉप क्लाइंट्स की करीब 65 फीसदी हिस्सेदारी है। Asian Paints इसकी सबसे बड़ी कस्टमर है। इसके बाद HUL, Castrol और Hutson Agro के नाम आते हैं।
इस कंपनी की वैल्यूएशन के बारे में शेट्टी ने कहा कि इसका मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब 2,800 करोड़ रुपये है। पिछले तीन साल में इस कंपनी के शेयरों में 187 फीसदी उछाल आया है। यह शेयर 1,058 रुपये के 52 हफ्ते के अपने उच्चतम स्तर की तरफ बढ़ रहा है। 21 अक्टूबर को इस शेयर का प्राइस 1.48 फीसदी चढ़कर 905 रुपये पर बंद हुआ।