Dixon Tech Share Price: Vivo के साथ ज्वाइंट वेंचर को जल्द मिल सकती है मंजूरी, 3% से ज्यादा भागा शेयर

Dixon Tech Share Price: सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक प्रस्तावित जॉइंट वेंचर को इंटर-मिनिस्टीरियल ग्रुप से पहले ही मंज़ूरी मिल चुकी है,बस सरकार के मंज़ूरी पत्र का औपचारिक रूप से जारी होना बाकी है। नियमों के मुताबिक कंपनी को सरकार की मंजूरी जरूरी है

अपडेटेड Jun 30, 2026 पर 2:40 PM
Dixon Tech Share Price : प्रस्तावित जॉइंट वेंचर के तहत नोएडा में वीवो का मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाया जाएगा। इस कदम से भारत में इस चाइनीज स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनी के रेगुलेटरी और ऑपरेशनल जोखिम काफी कम हो सकते हैं

Dixon Tech Share Price : मंगलवार को इंट्राडे ट्रेडिंग में डिक्सन टेक्नोलॉजीज के शेयरों में 3.15% तक की बढ़त देखने को मिली है। यह बढ़त CNBC-आवाज़ की उस रिपोर्ट के बाद देखने को मिली है जिसमें कहा गया था कि कंपनी और वीवो के बीच प्रस्तावित जॉइंट वेंचर को जल्द ही सरकार से मंज़ूरी मिलने की संभावना है। फिलहाल 2 बजे के आसपास यह शेयर 129 रुपए यानी 1.09 फीसदी की तेजी के साथ 11931 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा है। आज का इसका दिन का हाई 12,210 रुपए है।

CNBC-आवाज़ ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि मंज़ूरी पत्र जारी करने की प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में है और उम्मीद है कि सरकार जल्द ही कंपनी को औपचारिक मंजूरी भेज देगी।

सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक प्रस्तावित जॉइंट वेंचर को इंटर-मिनिस्टीरियल ग्रुप (IMG)से पहले ही मंज़ूरी मिल चुकी है,बस सरकार के मंज़ूरी पत्र का औपचारिक रूप से जारी होना बाकी है। नियमों के मुताबिक कंपनी को सरकार की मंजूरी जरूरी है।


इस मंज़ूरी से डिक्सन टेक्नोलॉजीज़ और वीवो के लिए भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में प्रस्तावित पार्टनरशिप को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ़ होने की उम्मीद है। दोनों कंपनियां ने साल 2024 में JV किया था।

इस खबर पर डिक्सन टेक्नोलॉजीज या वीवो की तरफ़ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

उम्मीद है कि प्रस्तावित जॉइंट वेंचर के तहत नोएडा में वीवो का मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाया जाएगा। इस कदम से भारत में इस चाइनीज स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनी के रेगुलेटरी और ऑपरेशनल जोखिम काफी कम हो सकते हैं।

इस प्लांट में घरेलू बाजार के लिए Vivo के स्मार्टफ़ोन बनाने की कुछ ज़रूरतें पूरी होने की संभावना है,साथ ही यह प्लांट दूसरे ब्रांड के इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के लिए ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफ़ैक्चरिंग (OEM) का काम भी करेगा। इस प्लांट में कंपनी मोबाइल फोन के अलावा टैबलेट,लैपटॉप और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट बनाएगी।

Vivo भारत के सबसे बड़े स्मार्टफोन वेंडर्स में से एक है। 2025 में इसकी अनुमानित बिक्री लगभग 3.5 करोड़ हैंडसेट रही। इसकी तुलना में,Dixon Technologies ने इस दौरान लगभग 3.2 करोड़ मोबाइल फोन बनाए।

FY26 में डिक्सन टेक्नोलॉजीज़ ने ₹48,873 करोड़ का रेवेन्यू हासिल किया। इसमें ₹44,257 करोड़ का योगदान इसके मोबाइल फ़ोन और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (EMS)बिजनेस का था। इससे कंपनी के कुल कामकाज में इस सेगमेंट की अहमियत का पता चलता है।

 

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