Daily Voice : वित्त वर्ष 2024 में निफ्टी इंडेक्स ने 25 फीसदी के आसपास का रिटर्न दिया। मिड और स्मॉल-कैप इंडेक्स ने 60 फीसदी और फीसदी का रिटर्न दिया। एलजीटी वेल्थ इंडिया के एमडी और मुख्य निवेश अधिकारी राजेश चेरुवु ने मनीकंट्रोल के साथ एक साक्षात्कार में कहा, "लगातार दूसरे साल इसी तरह के रिटर्न की उम्मीद करना सही नहीं होगा क्योंकि इक्विटी बाजार आमतौर पर एक सीधी रेखा में नहीं चलते हैं।" हालांकि उनका मानना है कि सिस्टम में नकदी की उपलब्धता के रहने से बाजार की मौजूदा तेजी कुछ समय के लिए बनी रह सकती है। बाजार में कम से कम चुनाव तक तेजी कायम रहेगी। लेकिन बाजार अब काफी महंगा हो गया है ऐसे में इसमें भारी वोलैटिलिटी देखने को मिलेगी।
फाइनेंशियल सर्विसेज इंडस्ट्री में 2 दशकों से ज्यादा का अनुभव रखने वाले राजेश चेरुवु ने इस बातचीत में आगे कहा कि पिछले वर्षों की तुलना में कमजोर मॉनसून और कृषि-निर्यात पर लगी लिमिट को देखते हुए वित्त वर्ष 2025 में ग्रामीण खपत में सुधार की संभावना है। लेकिन अगले 12 महीने की अवधि निवेशकों को बहुत ज्यादा रिटर्न की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। राजेश का मानना है कि सरकारी और निजी निवेश में जारी उछाल, ग्रामीण खपत में सुधार, मजबूत मैक्रो और कॉर्पोरेट आय की संभावना के साथ भारतीय इक्विटी बाजार अगले 3 साल में मजबूत रिटर्न प्रदान करेगा।
क्या आपको उम्मीद है कि आम चुनाव के बाद टेलीकॉम टैरिफ में बढ़ोतरी होगी?
इसका जवाब देते हुए राजेश ने कहा भारत के टेलीकम्युनिकेशन सेक्टर के टैरिफ में बदलाव की भविष्यवाणी करने के लिए तमाम आंकड़ों के विश्लेषण की जरूरत होती। स्पेक्ट्रम हासिल करने और नेटवर्क की गुणवत्ता में सुधार के लिए होने वाला खर्च इस सेक्टर को लगातार पूंजी-खपत वाला सेक्टर बनाए रखेदा। जिससे इसका रिटर्न अनुपात सीमित रहेगा। सिर्फ दो बड़े खिलाड़ियों के साथ वर्तमान में इस सेक्टर में प्रतिस्पर्धा काफी कम हो गई है।
हालांकि पिछले दस सालों में रेग्युलेटरी हस्तक्षेप कम हो गए हैं। सरकार उपभोक्ता हितों की रक्षा के लिए टैरिफ में भारी बढ़ोतरी करने की कंपनियों की क्षमता को सीमित कर सकती है। ऐसे में टैरिफ में उतनी ही बढ़त की संभावना है जिसमें महंगाई पर बहुत ज्यादा असर न पड़े।
क्या आप इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट पर बड़ा दांव लगा रहे हैं? आपकी प्राथमिकता क्या है - इलेक्ट्रिक व्हीकल या एंसिलरी ?
इस पर राजेश ने कहा कि भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों को धीरे-धीरे अपनाया जाएगा। ऐसे में इस सेक्टर में ऐसी ऑटो एंसिलरी कंपनियां अच्छी लग रही हैं जो आईसीई (आंतरिक दहन इंजन) और ईवी (इलेक्ट्रिक वाहन) दोनों के लिए कलपुर्जे बनाती हैं। राजेश का ये भी मानना है कि वित्त वर्ष 2025 में ग्रामीण खपत से जुड़ी कंपनियों और आईटी सेक्टर में तेजी देखने को मिल सकती है।
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