Get App

Dollar के मुकाबले रुपया 91.93 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा, इन दो वजहों से गिरा रुपया

मार्केट पार्टिसिपेंट्स का कहना है कि विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली की वजह से रुपये पर दबाव बना हुआ है। जब तक जियोपॉलिटिकल रिस्क में कमी नहीं आती है और अमेरिका के साथ ट्रेड डील का ऐलान नहीं होता है रुपये पर दबाव बना रह सकता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 23, 2026 पर 3:51 PM
Dollar के मुकाबले रुपया 91.93 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा, इन दो वजहों से गिरा रुपया
बैंकर्स का कहना है कि इंपोर्ट्स ने प्राइवेट बैंकों से डॉलर की खरीदारी की, जिससे रुपये पर अचानक दबाव बढ़ गया।

डॉलर के मुकाबले रुपया 23 जनवरी को रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। कंपनियों और आयातकों की तरफ से डॉलर की स्ट्रॉन्ग डिमांड का असर रुपये पर पड़ा। इससे यह गिरकर 91.93 के लेवल पर आ गया। 21 जनवरी को भी रुपये में बड़ी गिरावट दिखी थी। यह 0.2 फीसदी गिरकर 91.74 के लेवल पर आ गया था। 23 जनवरी को डॉलर के मुकाबले 91.43 के लेवल पर खुला। लेकिन, डॉलर की ज्यादा मांग से यह दबाव में आ गया।

इन दो वजहों से डॉलर के मुकाबले फिसला रुपया

मार्केट पार्टिसिपेंट्स का कहना है कि विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली की वजह से रुपये पर दबाव बना हुआ है। फॉरेक्स डीलर्स का कहना है कि जब तक जियोपॉलिटिकल रिस्क में कमी नहीं आती है और अमेरिका के साथ ट्रेड डील का ऐलान नहीं होता है रुपये पर दबाव बना रह सकता है। फिलहाल विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली और आयातकों की डॉलर की खरीदारी रुपये में गिरावट की बड़ी वजहें हैं।

आरबीआई के हस्तक्षेप करने पर आ सकती है कुछ रिकवरी

सब समाचार

+ और भी पढ़ें