डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट है। यह गिरकर 84.76 के ऑल-टाइम लो लेवल पर आ गया है। यह चिंता की बात है। अगर इंडियन स्टॉक मार्केट में विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी रहती है तो रुपये पर दबाव और बढ़ सकता है। रुपये में कमजोरी की वजह अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप की जीत है। ट्रंप दोबारा अमेरिका के राष्ट्रपति बनने जा रहे हैं। इससे दुनिया की प्रमुख करेंसी के मुकाबले डॉलर में मजबूत देखने को मिली है। ट्रंप ने कहा है कि अगर ब्रिक्स देश डॉलर की जगह इस्तेमाल करने के लिए कोई नई करेंसी शुरू करते हैं तो वह इन देशों पर 100 फीसदी टैरिफ लगा देंगे।
कुछ हफ्तों से रुपये पर बढ़ा है दबाव
अभी ब्रिक्स देशों के लिए कॉमन करेंसी की संभावना नहीं दिख रही। इसकी वजह यह है कि ब्रिक्स के देश विकास के अलग-अलग चरण में हैं। इसलिए डॉलर (Dollar) के लिए जल्द कोई खतरा नहीं दिख रहा। लेकिन, ट्रंप की धमकी का असर डॉलर पर दिखा है। डॉलर में मजबूती देखने को मिली है। इसका असर रुपये पर भी पड़ा है। रुपये में पिछले कुछ हफ्तों में काफी गिरावट आई है।
8-10 फीसदी की आ सकती है गिरावट
SBI के एनालिस्ट्स का मानना है कि ट्रंप के राष्ट्रपति बनने पर रुपये में 8-10 फीसदी कमजोरी आ सकती है। ऐसे में डॉलर के मुकाबले रुपया 87-92 के लेवल पर पहुंच सकता है। हालांकि, रुपये में कमजोरी से एक्सपोर्ट को बढ़ावा मिलेगा। लेकिन, ऑयल और कुछ कमोडिटीज का आयात खर्च बढ़ेगा। इससे इनफ्लेशन फिर से बढ़ने का खतरा होगा।
ओबेरॉय रियल्टी के शेयर 4 दिसंबर को 5 फीसदी बढ़कर 2,168 रुपये पर बंद हुए। शेयरों में तेजी की वजह ब्रोकरेज फर्म नोमुरा की रिपोर्ट है। नोमुरा ने Oberoi Realty के शेयरों को खरीदने की सलाह दी है। उसने इस स्टॉक में 21 फीसदी तेजी की संभावना जताई है। बुल्स का कहना है कि कंपनी की प्री-सेल्स अच्छी रहने की उम्मीद है। इससे ग्रोथ अच्छी रहने की उम्मीद है। कंपनी का डेट और इक्विटी रेशियो अच्छा है। इससे कंपनी कारोबार के विस्तार पर फोकस बढ़ा सकती है। बेयर्स का कहना है कि ओबेरॉय गार्डन सिटी का एग्जिक्यूशन कमजोर है। इस प्रोजेक्ट के लॉन्च में देरी का असर कंपनी की ग्रोथ पर पड़ सकता है।
बजाज ऑटो का शेयर 4 दिसंबर को 1.8 फीसदी गिरकर 9,000 रुपये पर बंद हुआ। कंपनी ने अपनी बाइक फ्रीडम 125 की कीमतें घटाई हैं। इसका असर शेयरों पर देखने को मिला। Freedom 125 दुनिया की पहली सीएनजी मोटरसाइकिल है। Bajaj Auto ने लॉन्च के 5 महीने बाद ही इसकी कीमत घटा दी है। बुल्स का कहना है कि बजाज ऑटो के एक्सपोर्ट में नवंबर में अच्छा इजाफा हुआ है। नवंबर में एक्सपोर्ट 24 फीसदी बढ़कर 1.8 लाख यूनिट्स रही। कुल सेल्स 5 फीसदी बढ़कर 4.22 लाख यूनिट्स रही।
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कंपनी की ग्रोथ इंडस्ट्री के 6-8 फीसदी ग्रोथ के अनुमान से ज्यादा रहने की उम्मीद है। कंपनी 125 सीसी की बाइक पर फोकस बढ़ा रही है, जिसकी कुल सेल्स में 24-25 फीसदी हिस्सेदारी है। उधर, बेयर्स का कहना है कि फेस्टिव सीजन के बावजूद कंपनी की बिक्री नवंबर में घरेलू बाजार में साल दर साल आधार पर 7 फीसदी गिरी है। इससे लोकल मार्केट में डिमांड सुस्त रहने का संकेत मिलता है।