घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) का स्टॉक मार्केट्स में निवेश इस साल 4 लाख करोड़ रुपये को पार कर गया है। पहली बार डीआईआई ने घरेलू शेयर बाजार में इतना निवेश किया है। अभी इस साल यानी 2024 के खत्म होने में 2 महीने से ज्यादा का समय बचा है। इसलिए साल खत्म होने तक इस डेटा के बढ़ने की उम्मीद है। खास बात यह है कि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने तब मार्केट को अपनी खरीदारी से सहारा दिया है, जब विदेशी निवेशकों ने बिकवाली की है। विदेशी निवेशक अक्टूबर में अब तक करीब 68,000 करोड़ रुपये की बिकवाली कर चुके हैं।
शेयर बाजार को घरेलू निवेशकों का सपोर्ट मिलता रहेगा
ग्रीन पोर्टफोलियो पीएमएस के दिवम शर्मा का मानना है कि डीआईआई (DIIs) का यह निवेश शेयरों में निवेश को लेकर सोच में बदलाव का संकेत है। इस ट्रेंड के पीछ रिटेल इनवेस्टर्स (Retail Investors) की इक्विटी में बढ़ती दिलचस्पी है। वे म्यूचुअल फंड्स की इक्विटी स्कीमों के जरिए काफी निवेश कर रहे हैं। यह निवेश आगे भी जारी रहने की उम्मीद है। इससे स्टॉक मार्केट्स को मजबूती मिलती रहेगी। रिटेल निवेशकों का निवेश जारी रहने से बाजार में स्थिरता बनी रहेगी और कंपनियों की वैल्यूएशन हाई बनी रहेगी।
उन्होंने कहा कि विदेशी संस्थागत निवेशकों के निवेश में उतारचढ़ाव दिख सकता है। उन्होंने इंडियन मार्केट्स की मजबूती पर भरोसा जताया। उन्होंने निवेशकों को इंडियन मार्केट्स में अपना निवेश बनाए रखने को प्रोत्साहित किया। कई दूसरे एक्सपर्ट्स का कभी कहना है कि मीडियम से लेकर लॉन्ग टर्म में इंडियन स्टॉक्स मार्केट्स का प्रदर्शन अच्छा बना रहेगा। पिछले एक-दो हफ्तों में इंडियन मार्केट में गिरावट आई है। यह तेजी के बीच-बीच में आने वाला करेक्शन है।
डीआईआई अक्टूबर में कर चुके हैं 60,000 करोड़ से ज्यादा निवेश
DII ने 2024 में पहले एक लाख करोड़ रुपये का निवेश 57 ट्रेडिंग सेशंस में किए। दूसरे एक लाख करोड़ रुपये का निवेश सिर्फ 40 सेशन के दौरान किया गया। तीसरे एक लाख करोड़ रुपये का निवेश 60 कारोबारी सत्रों में आया, जबकि अंतिम 1 लाख करोड़ रुपये के निवेश में सिर्फ 31 सेशन लगे। अक्टूबर में डीआईआई ने 60,000 करोड़ रुपये से ज्यादा निवेश किया है। यह एक महीने में डीआईआई का सबसे ज्यादा निवेश है। अक्टूबर में विदेशी निवेशकों ने करीब इतने ही रुपये की बिकवाली की है। यह डीआईआई की खरीदारी का लगातार 15वां महीना भी है।
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अक्टूबर में बाजार में गिरावट के बावजूद डीआईआई लगा रहे पैसे
2024 में बीएसई सेंसेक्स ने 13 फीसदी और निफ्टी ने 15 फीसदी रिटर्न दिए हैं। इस दौरान बीएसई मिडकैप इंडेक्स में 32 फीसदी और स्मॉलकैप इंडेक्स में 34.5 फीसदी की तेजी देखने को मिली है। अगर सिर्फ अक्टूबर की बात की जाए तो सेंसेक्स और निफ्टी में 3-3 फीसदी से ज्यादा की कमजोरी आई है। मई 2024 के बाद यह पहला महीना है जब सेंसेक्स और निफ्टी में बिकवाली आई है। दिसंबर 2022 के बाद यह एक महीने में आई सबसे तेज गिरावट है।