फॉरेन इनवेस्टर्स की बिकवाली के बीच DII ने बाजार को दिया बड़ा सहारा, 2025 में अब तक 4 लाख करोड़ का निवेश किया

2025 में अब तक 2007 के बाद DII ने दूसरा सबसे ज्यादा निवेश किया है। 2024 में उन्होंने 5.23 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया था। यह 2023 में 1.82 लाख करोड़ और 2022 में 2.76 लाख करोड़ रुपये के निवेश से काफी ज्यादा था। 2025 में अब तक फॉरेन इनवेस्टर्स इंडियन मार्केट्स में 86,500 करोड़ रुपये से ज्यादा की बिकवाली कर चुके हैं

अपडेटेड Jul 30, 2025 पर 6:14 PM
डीआईआई ने तब घरेलू मार्केट में जमकर निवेश किया है, जब स्टॉक मार्केट्स में सेंटीमेंट में काफी उतारचढ़ाव देखने को मिला है।

स्टॉक मार्केट में गिरावट का असर घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) के निवेश पर नहीं पड़ा है। इस साल (2025) के पहले 7 महीनों में डीआईआई ने शेयरों में 4 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा निवेश किया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि आने वाले महीनों में डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इवेस्टर्स का निवेश और रफ्तर पकड़ सकता है। इसकी वजह यह है कि रिटेल इनवेस्टर्स म्यूचुअल फंड्स में सिप के जरिए अच्छा निवेश कर रहे हैं। इसके अलावा इंश्योरेंस कंपनियों और पेंशन फंडों का निवेश भी जारी रहने की उम्मीद है।

2007 के बाद शेयरों में दूसरा सबसे ज्यादा निवेश

2025 में अब तक 2007 के बाद DII ने दूसरा सबसे ज्यादा निवेश किया है। 2024 में उन्होंने 5.23 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया था। यह 2023 में 1.82 लाख करोड़ और 2022 में 2.76 लाख करोड़ रुपये के निवेश से काफी ज्यादा था। इस साल शेयरों में म्यूचुअल फंडों ने 3 लाख करोड़ रुपये, इंश्योरेंस सेक्टर ने 48,000 करोड़ रुपये और पेंशन फंडों ने 21,500 करोड़ रुपये का निवेश किया है।


मार्च और अप्रैल में दिखी थी निवेश में सुस्ती

इस साल हालांकि, मार्च और अप्रैल में डीआईआई के निवेश में सुस्ती देखने को मिली। लेकिन, मई में फिर से निवेश ने रफ्तार दिखाया। मई में DII ने 66,000 करोड़ रुपये, जून में 72,600 करोड़ रुपये और जुलाई में अब तक 52,700 करोड़ रुपये का निवेश किया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि निवेश में इस तेजी के कई कारण हैं। ब्लॉक डील से जुड़ी गतिविधियां बढ़ी हैं। मेनबोर्ड और एसएमई दोनों ही प्लेटफॉर्म पर कई कंपनियों के शेयर लिस्ट हुए हैं।

फॉरेन इनवेस्टर्स ने की 85,500 करोड़ रुपये की बिकवाली

डीआईआई ने तब घरेलू मार्केट में जमकर निवेश किया है, जब स्टॉक मार्केट्स में सेंटीमेंट में काफी उतारचढ़ाव देखने को मिला है। कंपनियों की अर्निंग्स ग्रोथ बहुत अच्छा नहीं रही है। फॉरेन इनवेस्टर्स लगातार बिकवाली कर रहे हैं। इंडियन मार्केट्स की हाई वैल्यूएशन को लेकर चिंता जताई जा रही है। 2025 में अब तक फॉरेन इनवेस्टर्स इंडियन मार्केट्स में 86,500 करोड़ रुपये से ज्यादा की बिकवाली कर चुके हैं।

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DII ने बाजार को गिरने से बचाया

इस साल मार्केट का रिटर्न भी कमजोर रहा है। अब तक सेंसेक्स और निफ्टी ने 4-5 फीसदी के रिटर्न दिए हैं। बीएसई मैडिकैप सूचकांक 1 फीसदी गिरा है, जबकि स्मॉलकैप सूचकांक में 2.5 फीसदी गिरावट आई है। इंडिपेंडेंट मार्केट एनालिस्ट अजय बग्गा ने कहा कि DII का इनवेस्टमेंट बढ़ना मार्केट के लिए पॉजिटिव है। उन्होंने कहा कि रिटेल इनवेस्टर्स ने अभी मार्केट में निवेश करना शुरू किया है। आने वाले समय में उनका निवेश जोर पकड़ेगा। अगर डीआईआई ने अच्छा निवेश नहीं किया होता तो फॉरेन इनवेस्टर्स की बिकवाली से मार्केट में बड़ी गिरावट आई होती।

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