31 स्मॉलकैप शेयरों में दिखी डबल डिजिट ग्रोथ, जानिए अगले हफ्ते कैसी रह सकती है बाजार की चाल

घरेलू इक्विटी बाजार से विदेशी फंडों की लगातार निकासी से पिछले हप्ते बाजार पर दबाव पड़ा। जनवरी में अब तक विदेशी निवेशकों ने 33,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की बिकवाली की है। तीसरी तिमाही के मिलेजुले नतीजो अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़त और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण निवेशकों में निकट अवधि की संभावनाओं को लेकर चिंतित पैदा हो रही है

अपडेटेड Jan 27, 2024 पर 12:40 PM
निफ्टी मीडिया इंडेक्स में 10 प्रतिशत की गिरावट आई, निफ्टी रियल्टी इंडेक्स में 4.5 प्रतिशत की गिरावट आई, निफ्टी बैंक इंडेक्स में 2.6 प्रतिशत की गिरावट आई और निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स में 2 प्रतिशत की गिरावट आई। वहीं, निफ्टी फार्मा इंडेक्स में 1.7 फीसदी की तेजी आई।

Stock market : एफआईआई की तरफ से हो रही लगाकार बिकवाली, मंथली एफएंडओ एक्सपायरी, मिलेजुले नतीजों और अगले हफ्ते पेश होने वाले अंतरिम बजट के चलते बाजार में वोलैटिलिटी बढ़ गई है। इस बढ़ी वोलैटिलिटी बीच 25 जनवरी को खत्म हुए लगातार दूसरे हफ्ते में बाजार में मुनाफावसूली जारी रही। सेंसेक्स-निफ्टी ने 23 जनवरी को छोटे सप्ताह की शुरुआत तेजी के साथ की। लेकिन बाजार खुलने के बाद जल्द ही मंदड़ियों ने बाजार की कमान संभाल ली और उसी दिन सेंसेक्स को 1000 अंक तक गिर गया। फिर 24 जनवरी को कुछ खरीदारी देखने को मिली। हालांकि, गुरुवार को आई बिकवाली ने निफ्टी को इंट्राडे में 21,250 से नीचे ढ़केल दिया।

बाजार 22 जनवरी को अयोध्या राम मंदिर "प्राण प्रतिष्ठा" समारोह के लिए और 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के कारण बंद था। बीते हफ्ते बीएसई सेंसेक्स 1 फीसदी या 722.98 अंक गिरकर 70,700.67 पर बंद हुआ था। जबकि निफ्टी 50 219.2 अंक या 1 फीसदी गिरकर 21,352.6 पर बंद हुआ था। ब्रॉडर मार्केट पर नजर डालें तो बीएसई मिडकैप, स्मॉलकैप और लार्जकैप इंडेक्स 1.6 प्रतिशत, 0.5 प्रतिशत और 0.9 प्रतिशत गिर कर बंद हुए।

सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी मीडिया इंडेक्स में 10 प्रतिशत की गिरावट आई, निफ्टी रियल्टी इंडेक्स में 4.5 प्रतिशत की गिरावट आई, निफ्टी बैंक इंडेक्स में 2.6 प्रतिशत की गिरावट आई और निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स में 2 प्रतिशत की गिरावट आई। वहीं, निफ्टी फार्मा इंडेक्स में 1.7 फीसदी की तेजी आई।


सप्ताह के दौरान, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने 12,194.38 करोड़ रुपये की इक्विटी बेची, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 9,701.96 करोड़ रुपये की इक्विटी खरीदकर बाजार को कुछ सहारा दिया। जनवरी में अब तक एफआईआई ने 35,778.08 करोड़ रुपये की इक्विटी बेची है। वहीं, डीआईआई ने 19,976.66 करोड़ रुपये की इक्विटी खरीदी है।

बीते हफ्ते बीएसई स्मॉलकैप इंडेक्स 0.5 फीसदी टूटा। कर्नाटक बैंक, ज़ी मीडिया कॉरपोरेशन, टानला प्लेटफॉर्म्स, ब्लिस जीवीएस फार्मा, एमपीएस, एमएसटीसी, एंजेल वन, रेस्टोरेंट ब्रांड्स एशिया, साइएंट में 10-12 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली है। जबकि, आईएफसीआई, ट्रांसफॉर्मर्स एंड रेक्टिफायर्स इंडिया, सालासर टेक्नो इंजीनियरिंग, आईएफबी इंडस्ट्रीज, विसाका इंडस्ट्रीज , बोरोसिल रिन्यूएबल्स, एचएलवी, ऑलएसईसी टेक्नोलॉजीज, स्टील एक्सचेंज इंडिया और धनसेरी वेंचर्स में 20-37 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली है।

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अगले हफ्ते कैसी रह सकती है बाजार की चाल

शेयरखान के जतिन गेडिया का कहना है कि गुरुवार को निफ्टी सपाट रुख के साथ खुला और इसमें दिन भर में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। कारोबार के अंत में यह करीब 90 अंक गिरकर बंद हुआ। डेली चार्ट पर नजर डालें तो पता चलता है कि काउंटर-ट्रेंड रैली को 21,520-21,550 के जोन में रजिस्टें का सामना करना पड़ा है। वहीं, नीचे की तरफ 21,240-21,220 के जोन में सपोर्ट दिख रहा है। यह निफ्टी का 40-डे मूविंग एवरेज को करीब। ऐसे में निफ्टी अपने सपोर्ट और रजिस्टेंस जोन के भीतर कंसोलीडेट हो रहा है। इस रेंज के ऊपर या नीचे किसी भी तरफ टूटने पर बाजार की दिशा साफ होगी। ऑवरली मोंमेंटम इंडीकेट में एक सकारात्मक क्रॉसओवर है जो अच्छा संकेत है। ऐसे में लगता गिरावट के अगले चरण के फिर से शुरू होने से पहले निफ्टी में 21,520-21,550 तक का मामूली उछाल आ सकता है।

बैंक निफ्टी में इंट्राडे लो से तेज पुलबैक देखने को मिला हालांकि यह मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ। ऑवरली चार्ट पर पॉजिटिव डाइवर्जेंस और पॉजिटिव क्रॉसओवर है जो गिरावट थमने का संकते है। इसको देखते हुए लगता है कि बैंक निफ्टी में आगे 45,500- 45,700 तक की राहत रैली देखने को मिल सकती है। नीचे की तरफ बैंक निफ्टी के लिए 44,600-44,500 पर सपोर्ट दिख रहा है।

Daily Voice : बाजार बजट के बाद पूरा करेगा 10% करेक्शन, पावर सेक्टर में दिखेगी जोरदार तेजी

मेहता इक्विटीज के प्रशांत तापसे का कहना है कि अंतरिम बजट से पहले बाजार में निगेटिव रुझान के साथ काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। घरेलू इक्विटी बाजार से विदेशी फंडों की लगातार निकासी से पिछले हप्ते बाजार पर दबाव पड़ा। जनवरी में अब तक विदेशी निवेशकों ने 33,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की बिकवाली की है। तीसरी तिमाही के मिलेजुले नतीजो अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़त और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण निवेशकों में निकट अवधि की संभावनाओं को लेकर चिंतित पैदा हो रही है।

तकनीकी नजरिए से देखें तो निफ्टी के लिए 21,400 अंक पर तत्काल रजिस्टेंस है। उम्मीद है कि बाजार अंततः 21,100 और 21,000 की ओर नीचे जाएगा। अगर यह 21,000 के स्तर को भी तोड़ता है तो हमें 20900-20500 के स्तर तक की गिरावट देखने को मिल सकती है। ट्रेंड में कोई भी बदलाव तभी होगा जब निफ्टी 21,500 अंक को पार कर जाएगा।

 

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