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Dr Reddy's Labs 3% गिरा, अमेरिका में एक केस फाइल होने से बिगड़ा सेंटिमेंट

Dr Reddy's Labs Share Price: बीएसई के डेटा के मुताबिक, दिसंबर 2023 तक डॉ. रेड्डीज में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 26.65 प्रतिशत और पब्लिक की 73.17 प्रतिशत थी। दिसंबर 2023 तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 4,103 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 475.20 करोड़ रुपये रहा था। बीएसई पर डॉ. रेड्डीज के शेयर के लिए 52 सप्ताह का उच्च स्तर 6,505.50 रुपये है

Edited By: Moneycontrol Newsअपडेटेड Mar 01, 2024 पर 4:41 PM
Dr Reddy's Labs 3% गिरा, अमेरिका में एक केस फाइल होने से बिगड़ा सेंटिमेंट
यह पहली बार नहीं है कि डॉ. रेड्डीज जेनेरिक कैंसर दवा को लेकर अविश्वास मुकदमे में फंसी है।

Dr Reddy's Share Price: के शेयरों में 1 मार्च को 4 प्रतिशत तक की गिरावट देखी गई, हालांकि बाद में यह संभल गया। न्यू जर्सी के अमेरिकी ​डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में एक शिकायत में कंपनी को प्रतिवादी यानि डिफेंडेंट के रूप में नामित किया गया है। इसका असर घरेलू बाजार में कंपनी के शेयरों पर भी देखने को मिला। बीएसई पर सुबह डॉ. रेड्डीज लैब्स का शेयर मामूली बढ़त के साथ 6449 रुपये पर खुला। दिन में यह पिछले बंद भाव से करीब 4 प्रतिशत तक गिरकर 6175 रुपये के लो तक आया। कारोबार खत्म होने पर शेयर 3 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट के साथ 6197.40 रुपये पर सेटल हुआ।

शिकायत में डॉ. रेड्डीज पर अनुचित तरीके से प्रतिस्पर्धा पर रोक लगाने और कैंसर दवा रेवलिमिड की बिक्री में एकाधिकार बनाए रखने का आरोप लगाया गया है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि डॉ. रेड्डीज ने जेनेरिक कॉम्पिटीशन को अनुचित तरीके से सीमित कर दिया है। फेडरल एंट्रीट्रस्ट लॉ के तहत दावा करते हुए शिकायत में कथित ओवरपेमेंट और न्यायसंगत राहत के लिए मुआवजे की भी मांग की गई है।

डॉ. रेड्डीज पहली बार नहीं फंसी है ऐसे केस में

यह पहली बार नहीं है कि Dr Reddy's जेनेरिक कैंसर दवा को लेकर अविश्वास मुकदमे में फंसी है। अक्टूबर में डॉ. रेड्डीज को कई अन्य दवा कंपनियों के साथ, एक शिकायत में डिफेंडेंट बनाया गया था। यह शिकायत रेवलिमिड पर मेयो क्लिनिक और लाइफपॉइंट कॉरपोरेट सर्विसेज की ओर से की गई थी। ऐसा ही एक और एंटीट्रस्ट मुकदमा नवंबर 2022 में दायर किया गया था और इसमें कुछ अन्य दवा निर्माताओं के साथ डॉ. रेड्डीज को डिफेंडेंट बनाया गया था।

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