Infosys, HCLTech, Wipro सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग पर लगा रहीं बड़ा दांव, किए कई R&D फर्मों के अधिग्रहण

Accenture, Infosys, HCL Tech, Capgemini, Wipro और Tech Mahindra की नजरें तेजी से बढ़ते सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग पर हैं। इसके लिए उन्होंने डिजाइनिंग और आरएंडडी से जुड़ी कई फर्मों का अधिग्रहण किया है

अपडेटेड Mar 01, 2024 पर 4:25 PM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
बीते हफ्ते एचसीएल टेक और विप्रो ने Intel Foundry के साथ पार्टनरशिप का ऐलान किया।

इंडियन और ग्लोबल आईटी सर्विसेज कंपनियां सेमीकंडक्टर इंजीनियरिंग, रिसर्च एंड डेवलपमेंट (ER&D) सर्विसेज पर बड़ा दांव लगा रही हैं। इसे उभरते सेगमेंट के रूप में देखा जा रहा है। चिप बनाने वाली कंपनियां दुनिया में चिप की कमी को देखते हुए मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स की क्षमता बढ़ाने के लिए बड़ा निवेश कर रही हैं। आईटी कंपनियां इस मौके को भुनाना चाहती हैं। Accenture, Infosys, HCL Tech, Capgemini, Wipro और Tech Mahindra थर्ड-पार्टी आरएंडडी सर्विसेज देने के लिए सेमीकंडक्टर फर्मों का अधिग्रहण कर रही हैं। बीते हफ्ते एचसीएल टेक और विप्रो ने Intel Foundry के साथ पार्टनरशिप का ऐलान किया।

इंफोसिस ने जनवरी में किया इनसेमी का अधिग्रहण

HCL Tech ने इंटेल फाउंड्री के साथ मिलकर सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरर्स, सिस्टम ओईएम और क्लाउड सर्विसेज प्रोवाइडर्स के लिए कस्टमाइज्ड सिलिकॉन सॉल्यूशंस तैयार करने का प्लान बनाया है। इंफोसिस ने जनवरी में InSemi के अधिग्रहण का ऐलान किया। यह कंपनी सेमीकंडक्टर डिजाइन और एम्बेडेड सर्विसेज देती है। इनसेमी के अधिग्रहण से इंफोसिस को सेमीकंडक्टर-फोकस्ड अपनी आरएंडडी क्षमता को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।


आईटी कंपनियों पिछले कुछ साल से कर रही अधिग्रहण

एचसीएलटेक ने 2019 में संकल्प सेमीकंडक्टर का अधिग्रहण किया था। टेक महिंद्रा ने 2020 में सेरियम सिस्टम्स का अधिग्रहण किया था। विप्रो ने 2020 में Eximus Design का अधिग्रहण किया था। एक इक्विटी एनालिस्ट ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर मनीकंट्रोल को बताया, "आईटी सर्विसेज कंपनियां काफी समय से सेमीकंडक्टर कंपनियों के साथ मिलकर काम कर रही है। लेकिन, सेमीकंडक्टर को लेकर चर्चा बढ़ने के बाद अब लोगों का ध्यान ऐसी डील और पार्टनरशिप पर जा रहा है।"

दुनियाभर में चिप मैन्युफैक्चरिंग पर हो रहा बड़ा निवेश

2020-2023 के बीच दुनियाभर में चिप की कमी के बाद अब आईटी कंपनियों को सेमीकंडक्टर से जुड़ी कंपनियों के अधिग्रहण के फायदे दिख रहे हैं। दुनियाभर में चिप बनाने वाली कंपनियों ने सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन और मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स की क्षमता बढ़ाने पर अरबों डॉलर का निवेश कर रही हैं। कई देशों की सरकारें भी अपने-अपने देशों में सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग में निवेश आकर्षित करने के लिए उपायों के ऐलान कर रही हैं।

पीएलआई स्कीम से निवेश बढ़ाने की कोशिश

इंडिया ने सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग के लिए 76,000 करोड़ रुपये की पीएलआई स्कीम का ऐलान किया है। 29 फरवरी को यूनियन कैबिनेट की बैठक में सेमीकंडक्टर प्लांट्स लगाने के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन प्लांट्स पर 1.26 लाख करोड़ रुपये का निवेश होगा। इनमें टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स का सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन प्लांट शामिल है। यह इंडिया का पहला ऐसा प्लांट होगा। ताइवान की पावरचिप सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कॉर्प के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।

यह भी पढ़ें: Paytm Payments Bank पर कार्रवाई के बाद बड़े बैंकों के पेमेंट ऐप डाउनलोड में बढ़ोतरी का ट्रेंड

हिंदी में शेयर बाजार,  स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।