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Dreamfolks Services के इस ऐलान पर भागने लगे निवेशक, 4% टूट गया शेयर

Dreamfolks Services Shares: एयरपोर्ट से जुड़ी सर्विसेज मुहैया कराने वाली ड्रीमफोक्स सर्विसेज के शेयरों में आज बिकवाली की ऐसी आंधी आई कि शेयर 6% टूट गए। यह गिरावट कंपनी के एक ऐलान के चलते आई जिसमें इसने कुछ प्रोग्राम के बंद करने की बात कही है। जानिए कंपनी के ऐलान का मतलब और इसका शेयरों पर बड़ा असर क्यों पड़ा?

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Jul 02, 2025 पर 3:49 PM
Dreamfolks Services के इस ऐलान पर भागने लगे निवेशक, 4% टूट गया शेयर
Dreamfolks Services ने ऐलान किया है कि एक्सिस बैंक (Axis Bank) और ICICI Bank के लिए जो कुछ खास प्रोग्राम यह चला रही थी, उसे 1 जुलाई से बंद कर दिया गया है।

Dreamfolks Services Shares: कुछ क्लाइंट्स के लिए ड्रीमफोक्स सर्विसेज ने मौजूदा प्रोग्राम को बंद करने का फैसला किया तो शेयरों को झटका लग गया। कंपनी ने अपने फैसले के बारे में एक्सचेंज फाइलिंग में जानकारी दी थी। इस खुलासे का शेयरों को झटका इसलिए लगा क्योंकि इन प्रोग्राम्स के बंद होने के चलते कंपनी की वित्तीय सेहत पर असर दिख सकता है। इसके चलते निवेशक धड़ाधड़ शेयर बेचने लगे और यह 6% टूट गया। दिन के आखिरी में आज बीएसई पर यह 5.01% की गिरावट के साथ ₹224.45 पर बंद हुआ है। हालांकि इंट्रा-डे में यह 6% टूटकर ₹222.10 के भाव तक आ गया था।

क्या ऐलान किया है Dreamfolks Services ने?

ड्रीमफोक्स सर्विसेज ने ऐलान किया है कि एक्सिस बैंक (Axis Bank) और ICICI Bank के लिए जो कुछ खास प्रोग्राम यह चला रही थी, उसे 1 जुलाई से बंद कर दिया गया है। हालांकि कंपनी का यह भी कहना है कि इन क्लाइंट्स के साथ कुछ प्रोग्राम ही बंद किए गए हैं, कॉन्ट्रैक्ट्स अभी भी वैध हैं। इसके असर को लेकर खुद कंपनी का मानना है कि यह काफी बड़ा हो सकता है लेकिन इसे कम से कम करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। हालांकि कंपनी का कहना है कि किसी नए प्रोग्राम के चालू करने या मौजूदा प्रोग्राम के बंद करना आम कारोबारी प्रक्रिया है।

कंपनी के सीईओ Liberatha Peter Kallat ने बड़े एयरपोर्ट ऑपरेटर्स पर दबाव की रणनीति अपनाने का आरोप लगाया है। यह दबाव इसलिए ताकि क्लाइंट सीधे उनके साथ कॉन्ट्रैक्ट कर सकें। सीईओ का कहना है कि इस दबाव के चलते एक्सिस बैंक और आईसीआईसीआई बैंक के साथ लाउंज एक्सेस प्रोग्राम प्रभावित हुआ है। हालांकि बाकी सर्विसेज पर कोई असर नहीं पड़ा है। कंपनी 70 से अधिक लाउंज पर एक्टिव है जिसमें से सिर्फ 35-40% लाउंज ही एयरपोर्ट ऑपरेटर्स कंट्रोल करते हैं।

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