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भारत में विदेशी निवेश लाने के लिए सरकार ने पेश किया बिल, विदेशी निवेशकों को मिलेगी बड़ी राहत

सूत्रों के मुताबिक FM की ओर से पेश बिल 3 थीम पर आधारित है। ये तीन थीम हैं FDI, मेक इन इंडिया और ईज ऑफ डूईंग बिजनेस। इसके तहत ग्लोबल इनवेस्टमेंट फंड निवेश शर्तों में कटौती का प्रस्ताव है। केवल दुरुपयोग रोकने के प्रावधान बिल में शामिल है। इसमें FPIs टैक्स से जुड़े स्पष्ट और स्थायी प्रावधान हैं

Edited By: Sudhanshu Dubeyअपडेटेड Aug 04, 2026 पर 4:14 PM
भारत में विदेशी निवेश लाने के लिए सरकार ने पेश किया बिल, विदेशी निवेशकों को मिलेगी बड़ी राहत
इस बिल में REIT और InvIT निवेशकों को बड़ी राहत दी गई है। REIT-InvIT डिविडेंड पर टैक्स छूट जारी रहेगी

भारत में विदेशी निवेश लाने के लिए सरकार ने संसद में बिल पेश किया है। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक विदेशी निवेशकों और ग्लोबल इनवेस्टमेंट फंड को बड़ी राहत दी गई है। REIT और InvIT निवेशकों को भी बड़ा रिलीफ दिया गया है। इस पर ज्यादा जानकारी देते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के इकोनॉमिक पॉलिसी एडिटर लक्ष्मण रॉय ने सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अधार पर कहा कि संसद में टैक्स से जुड़ा Taxation And Other Laws (Amendment) बिल पेश किया गया है।

सूत्रों के मुताबिक FM की ओर से पेश बिल 3 थीम पर आधारित है। ये तीन थीम हैं FDI, मेक इन इंडिया और ईज ऑफ डूईंग बिजनेस। इसके तहत ग्लोबल इनवेस्टमेंट फंड निवेश शर्तों में कटौती का प्रस्ताव है। केवल दुरुपयोग रोकने के प्रावधान बिल में शामिल है। इसमें FPIs टैक्स से जुड़े स्पष्ट और स्थायी प्रावधान हैं। इसके तहत ग्लोबल फंड मैनेजर भारत में अपना फंड रीलोकेट कर सकेंगे।

इस बिल में REIT और InvIT निवेशकों को बड़ी राहत दी गई है। REIT-InvIT डिविडेंड पर टैक्स छूट जारी रहेगी। नई टैक्स व्यवस्था में भी टैक्स-फ्री डिविडेंड का प्रावधान है। अब टैक्स रिजीम बदलने से निवेशकों पर असर नहीं। सरकार का जोर छोटे निवेशकों के हित की रक्षा पर है। डेटा सेंटर सेक्टर को बड़ी टैक्स राहत देने की तैयारी है। डेटा सेंटर के लिए मंजूरी प्रक्रिया आसान होगी। सरकारी मंजूरी की कई शर्तें खत्म होंगी।

इसके अलावा सरकार ने टैक्सेशन एंड अदर लॉज़ (अमेंडमेंट) बिल के तहत,भारत में मौजूद इलेक्ट्रॉनिक्स कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर्स को कैपिटल गुड्स,इक्विपमेंट और टूलिंग सप्लाई करने वाली विदेशी कंपनियों के लिए टैक्स छूट को FY31 से FY41 तक एक दशक तक बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है।

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