इजरायल- ईरान तनाव और FIIs की ETF बिकवाली से बाजार इस हफ्ते धड़ाम हुआ । इस हफ्ते सेंसेक्स-निफ्टी में 4.54 फीसदी की गिरावट देखने को मिली। वहीं निफ्टी बैंक 4.41 फीसदी टूटा। बाजार में निफ्टी रियल्टी इंडेक्स की सबसे ज्यादा पिटाई हुई। ऐसे में बाजार के आगे की चाल कैसी रहेगी? और एडलवाइस ग्रेटर चाइना इक्विटी ऑफशोर फंड (Edelweiss Greater China Equity Off-shore) फंड की स्ट्रैटजी पर बात करते हुए एडेलवाइस एसेट मैनजमेंट (Edelweiss Asset Mngt) की MD & CEO राधिका गुप्ता (Radhika Gupta) ने कहा कि बाजार में 4% करेक्शन बड़ी बात नहीं है। बुल मार्केट में 10-15% करेक्शन आ सकता है। 3-4 दिन से भारत समेत इमर्जिंग देशों में गिरावट रही। जियो पॉलिटिकल टेंशन से बाजारों में गिरावट आई है। भारतीय बाजारों में करेक्शन बड़ा नहीं रहेगा। अर्निंग ग्रोथ, घरेलू फ्लो से बाजार को बड़ा सपोर्ट मिल सकता है।
उन्होंने आगे कहा कि इमर्जिंग मार्केट में चीन और भारत में सबसे ज्यादा फ्लो देखने को मिल रहा है। चीन मार्केट के वैल्युएशन भारत के मुकाबले सस्ते है। भारत के मुकाबले चीन में ग्रोथ कम है। भारत के वैल्युएशन महंगे, लेकिन ग्रोथ और स्थिरता है। चीन में वैल्युएशन सस्ते, लेकिन अनिश्चितता बरकरार है। भारतीय मार्केट में घरेलू फ्लो काफी मजबूत है। FIIs फ्लो अभी भारत में ज्यादा आए ही नहीं।
फंड या ETF, क्या बेहतर? इस सवाल का जवाब देते हुए राधिका गुप्ता ने कहा कि भारत में 4-5 ही चीन के प्रोडक्ट है। चीन के सारे प्रोडक्ट काफी अलग-अलग है। ग्रेटर चाइना फंड में चीन, हांगकांग का एक्सपोजर है। एक ETF सिर्फ टेक फोकस्ड चाइना फंड है। ETF के प्रीमियम काफी बढ़ महंगे है। फंड में प्रीमियम को लेकर कोई समस्या नहीं है। लंबी अवधि के लिए फंड में निवेश की सलाह होगा।
एडलवाइस ग्रेटर चाइना इक्विटी ऑफशोर फंड की रिटर्न स्ट्रैटेजी पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि इस फंड की भारतीय बाजार से तुलना नहीं है। फंड में रिटर्न को लेकर उतार-चढ़ाव रहता है। कभी एक मार्केट अच्छा करता है कभी दूसरा है। मार्केट को टाइम नहीं कर सकते है। 10-20% तक एलोकेशन इंटरनेशनल फंड में रखें।
राधिका गुप्ता ने कहा कि फंड में 60-70% तक चीन, हांगकांग की कंपनियां शामिल है। 30% तक ताइवान कंपनियों में एक्सपोजर है। टेक की ट्रेडिशनल कंपनियों में एक्सपोजर रखा है। AI बेनिफिशियरी कंपनियों पर भी फोकस है। कार्बन न्यूट्रैलिटी थीम पर फोकस रखा है। EV सेक्टर में चाइना काफी आगे है। रियल एस्टेट सेक्टर, इंश्योरेंस सेक्टर पर फोकस रखा है। कंजम्पशन रिलेटेड पर भी नजर है। ये एक एक्टिवली मैनेज्ड फंड है। पोर्टफोलियो में 50-60 स्टॉक्स रखे हैं। ये फंड चाइना का फ्लेक्सी कैप फंड की तरह है। फंड के जरिए चीन के मार्केट में अच्छा एक्सपोजर है। डायनामिक और फ्लेक्सी अप्रोच रखी है । फंड के जरिए इमर्जिंग मार्केट में निवेश स्ट्रैटेजी है।
चीन के बाजार पर राय? देते हुए उन्होंने कहा कि बहुत देशों ने चाइना प्लस वन को लेकर काफी एक्शन है। चीन से सप्लाई चैन को डायवर्सिफाई करने की कोशिश की है। चाइना की मशीने, सेमीकॉन का बिजनेस बहुत फैला हुआ। चाइना प्लस वन स्ट्रैटेजी कुछ कामयाब रही कुछ नहीं। ग्लोबल ट्रेंड में चाइना का अहम रोल है।
राधिका गुप्ता ने आगे कहा कि Q2 की अर्निंग्स से बहुत उम्मीदें नहीं है। हालांकि फेस्टिव सीजन से कुछ उम्मीदें है। फेस्टिव सीजन में कंजम्पशन डिमांड को पुश मिलेगा। US रेट कट के बाद RBI से रेट कट की उम्मीद है।
निवेशकों की निवेश स्ट्रैटेजी
निवेशकों के लिए निवेश स्ट्रैटेजी पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि सिर्फ स्मॉल-मिडकैप में निवेश ना करें। स्मॉल- मिडकैप के वैल्युएशन काफी हाई है। पूरी तहर लार्जकैप में भी निवेश ना करें। फ्लेक्सी और मल्टीकैप में निवेश की सलाह होगी। मौजूदा बाजार में फ्लेक्सिबिलिटी स्ट्रैटेजी रखें। लार्जकैप में 40-60% तक का एक्सपोजर रखें। उन्होंने कहा कि सेक्टोरल थीम में निवेश से बचें।
(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।