Electronics Manufacturing: सरकार ने ₹7877 करोड़ के 31 नए प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी, Wipro समेत कई कंपनियों के शेयर फोकस में

Electronics Manufacturing: सरकार ने ECMS के तहत ₹7,877 करोड़ के 31 नए निवेश प्रस्ताव मंजूर किए हैं। इससे इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है। Wipro समेत कई कंपनियां फोकस में हैं। जानिए किन राज्यों में लगेंगे प्रोजेक्ट और 2030 का बड़ा लक्ष्य क्या है।

अपडेटेड Aug 17, 2026 पर 6:22 PM
MeitY सचिव एस. कृष्णन ने बताया कि ये प्रोजेक्ट 10 राज्यों में लगाए जाएंगे।

Electronics Manufacturing: केंद्र सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (ECMS) के तहत ₹7,877 करोड़ के 31 नए निवेश प्रस्तावों को मंजूरी दी है। इन प्रोजेक्ट्स से ₹82,243 करोड़ का प्रोडक्शन होने की उम्मीद है। इस मंजूरी के बाद Wipro, PCBL Chemical, Centum Electronics और Syrma SGS जैसे शेयर फोकस में रह सकते हैं।

निवेश लक्ष्य से आगे निकली योजना

नए प्रोजेक्ट्स के बाद ECMS के तहत मंजूर कुल निवेश ₹69,548 करोड़ पहुंच गया है। यह स्कीम के शुरुआती ₹59,350 करोड़ के लक्ष्य से ज्यादा है।


इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि अब तक 106 कंपनियों को मंजूरी मिल चुकी है। इनमें 38 प्रोजेक्ट्स में उत्पादन शुरू हो चुका है। वहीं, 16 प्रोजेक्ट्स पर निर्माण का काम चल रहा है।

इन कंपनियों को मिली मंजूरी

कंपनी मंजूर निवेश
Wipro Global Engineering ₹1,401 करोड़
Micromax Precision Moulding ₹565 करोड़
PCBL Chemical ₹329 करोड़
Minda Instrument ₹270 करोड़
Centum Electronics (दो प्रोजेक्ट) ₹106 करोड़
VVDN Technologies ₹100 करोड़
Mitsubishi Electric ₹99 करोड़
Syrma SGS ₹60 करोड़

10 राज्यों में लगेंगे नए प्रोजेक्ट

MeitY सचिव एस. कृष्णन ने बताया कि ये प्रोजेक्ट 10 राज्यों में लगाए जाएंगे। इनमें कई तरह के इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट शामिल हैं।

कैमरा और डिस्प्ले मॉड्यूल को भी मंजूरी मिली है। कैपिटल गुड्स और एनोड मटेरियल भी इसमें शामिल हैं। कनेक्टर्स, स्पीकर्स और माइक्रोफोन को भी मंजूरी दी गई है। एंटेना, कैपेसिटर, फिल्टर और रेयर अर्थ मैग्नेट भी इस सूची का हिस्सा हैं। कॉपर-क्लैड लैमिनेट जैसे प्रोडक्ट्स को भी मंजूरी मिली है।

हर हफ्ते हो रही हैं मंजूरियां

एस. कृष्णन ने कहा कि उद्योग से अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। इसी वजह से सरकार अब लगभग हर हफ्ते या 10 दिन में मंजूरी बैठकें कर रही है। जिन कैटेगरी में आवेदन खुले हैं, उनमें जुलाई 2027 तक आवेदन किए जा सकेंगे।

कई प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू

कई मंजूर प्रोजेक्ट्स में काम शुरू हो चुका है। कुछ जल्द कमर्शियल प्रोडक्शन तक पहुंच सकते हैं।

इनमें Tata Electronics का होसुर प्लांट शामिल है। Dixon Technologies का नोएडा प्रोजेक्ट भी आगे बढ़ रहा है। Kaynes का चेन्नई के पास PCB प्लांट तैयार हो रहा है। Motherson का कांचीपुरम प्लांट और Wipro का लैमिनेट प्लांट भी प्रगति पर हैं।

सरकार ने क्या कहा?

अश्विनी वैष्णव ने कहा कि निवेश का लक्ष्य पार हो गया है। लेकिन घरेलू डिजाइन क्षमता और स्वदेशी सप्लाई चेन पर अभी और काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि मैन्युफैक्चरिंग में Six Sigma जैसे उच्च गुणवत्ता मानक अपनाना भी जरूरी है। Six Sigma एक मैन्युफैक्चरिंग और क्वालिटी कंट्रोल का तरीका है। इसका मकसद प्रोडक्शन में गलती को लगभग शून्य तक लाना होता है।

केंद्र सरकार ने बजट 2026-27 में ECMS का आवंटन ₹22,919 करोड़ से बढ़ाकर ₹40,000 करोड़ कर दिया था। इस स्कीम को मार्च 2025 में मंजूरी मिली थी। सरकार का लक्ष्य 2030 तक भारत में 500 अरब डॉलर का इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्शन हासिल करना है।

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