Elevate Campuses IPO Listing: स्टुडेंट्स के लिए रहने की व्यवस्था करने वाली एलीवेट कैंपसेज के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में डिस्काउंट पर एंट्री हुई। इसके आईपीओ को भी निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था और हर कैटेगरी का आरक्षित हिस्सा पूरा भर नहीं पाया था। इसके आईपीओ के तहत ₹362 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹356.50 और NSE पर ₹355.10 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को कोई लिस्टिंग गेन नहीं मिला बल्कि लिस्टिंग पर डेढ़ फीसदी से अधिक पूंजी ही घट गई। आईपीओ निवेशकों को और झटका तब लगा, जब शेयर फिसल गए। टूटकर BSE पर यह ₹345.50 (Elevate Campuses Share Price) पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 4.56% घाटे में हैं।
Elevate Campuses IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च
एलीवेट कैंपसेज का ₹2100 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 23-25 सितंबर तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 1.89 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 2.66 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 0.89 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 1.07 गुना भरा था।
इस आईपीओ के तहत ₹1 की फेस वैल्यू वाले 5,80,11,049 नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹1,100.00 करोड़ के-12 एंटिटीज और कैंपसेज के अधिग्रहण, ₹750.00 करोड़ कंपनी और इसकी सब्सिडियरी का कर्ज हल्का करने, ₹129.61 करोड़ इनऑर्गेनिक ग्रोथ और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों, और ₹120.39 करोड़ आईपीओ से जुड़े एक्सपेंसेज पर खर्च होंगे।
Elevate Campuses के बारे में
एलीवेट कैंपसेज एक एडुकेशन इंफ्रास्ट्रक्चर/स्टुडेंट हाउसिंग कंपनी है। यह उच्च शिक्षा से जुड़े स्टुडेंट्स के आवास की व्यवस्था करती है तो इसके पास के-12 स्कूल एसेट्स भी हैं। इसका स्टुडेंट अकमडेशन बिजनेस गुड होस्ट स्पेसेज और स्कॉलरजेड ब्रांड्स के तहत चलता है। मार्च 2026 तक के आंकड़ों के हिसाब से कंपनी के प्री-एक्विजिशन ग्रुप के पास देश के 15 शहरों और यूएई के 1 शहर में 80,255 स्टुडेंट्स को रखने की क्षमता थी। इसमें खुद के 7 कैंपस में 20,368 बेड थे तो 14 मैनेज्ड कैंपस में 55,487 बेड। एकेडमिक वर्ष 2025-26 में इसका अकुपेंसी रेट 89.37% था।
कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 109% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹173.76 करोड़ और टोटल इनकम 29% के सीएजीआर से ₹603.39 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹4,120.53 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹947.45 करोड़ पड़े थे।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।