Swastika Infra IPO Listing: बिजली पहुंचाने का इंफ्रा बनाने वाली ईपीसी कंपनी स्वास्तिक इंफ्रा के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में मजबूत एंट्री हुई। इसके आईपीओ को भी निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला था और ओवरऑल इसे 7 गुना से अधिक बोली मिली थी। इसके आईपीओ के तहत ₹185 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹200.00 और NSE पर ₹200.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 8.11% का लिस्टिंग गेन (Swastika Infra Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर BSE पर यह ₹209.95 (Swastika Infra Share Price) के अपर सर्किट पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 13.49% मुनाफे में हैं।
Swastika Infra IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च
स्वास्तिक इंफ्रा का ₹161 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 23-25 सितंबर तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 7.91 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 3.31 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 19.35 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 5.64 गुना भरा था।
इस आईपीओ के तहत ₹129 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹10 की फेस वैल्यू वाले ₹140 करोड़ के 17.50 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹90.00 करोड़ वर्किंग कैपिटल की बढ़ी हुई जरूरतों और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।
Swastika Infra के बारे में
स्वास्तिक इंफ्रा एक ईपीसी कंपनी है जोकि पावर T&D (ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन) इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर काम करती है। यह जमीन के भीतर केबल बिछाने, गैस इंसुलेटेड सबस्टेशन, एयर इंसुलेटेड सबस्टेशन और ग्रिड सबस्टेशन बनाने का काम करती है। यह पावर ट्रांसफॉर्मर्स, सर्किट ब्रेकर्स, रिंग मेन यूनिट्स और पावर डिस्ट्रीब्यूशन के लिए जरूरी अन्य इलेक्ट्रिकल इंफ्रा के इंस्टॉलेशन से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर काम करती है। जुलाई 2026 तक कंपनी ने 6 राज्यों में ₹764.67 करोड़ के 36 ईपीसी पावर प्रोजेक्ट्स पूरे किए। इसके ऑर्डर बुक में अभी छह राज्यों में ₹2036.65 करोड़ के 18 ईपीसी पावर प्रोजेक्ट्स हैं। इसके ग्राहकों में अधिकतर सरकारी हैं और अधिकतर प्रोजेक्ट्स की फंडिंग वर्ल्ड बैंक से है।
कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 72% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹41.43 करोड़ और टोटल इनकम करीब 55% के सीएजीआर से ₹505.57 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹114.64 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹129.60 करोड़ पड़े थे।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।