Ethos Shares Price: लग्जरी और प्रीमियम वॉच बनाने वाली कंपनी इथोस (Ethos) के शेयरों की लिस्टिंग आज कमजोर हुई है। कंपनी के शेयर BSE पर अपने इश्यू प्राइस से 5.78% नीचे 830 रुपए पर लिस्ट हुए हैं। कंपनी का इश्यू प्राइस 878 रुपए था। वहीं NSE पर कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग 825 रुपए पर हुई है। कंपनी की लिस्टिंग एक्सपर्ट्स के अनुमान के मुताबिक ही रही है।
Ethos का IPO 18 मई को खुला और 20 मई को बंद हुआ था। कंपनी के इश्यू को निवेशकों की अच्छी प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई थी। कंपनी का इश्यू सिर्फ 1.04 गुना सब्सक्राइब हो पाया था। क्वालीफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्से में 1.06 गुना बोली लगी थी। जबकि नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स का हिस्सा 1.48 गुना भरा था। रिटेल इनवेस्टर्स की दिलचस्पी इस इश्यू बहुत कम थी। यही वजह रही कि रिटेल इनवेस्टर्स का पोर्शन सिर्फ 84% ही भर पाया था।
Ethos 472.3 करोड़ रुपए का इश्यू लेकर आई थी। लग्जरी और प्रीमियम वॉच बनाने वाली यह देश की सबसे बड़ी रिटेल कंपनी है। प्रीमियम और लग्जरी सेगमेंट के टोटल रिटेल सेल में Ethos की हिस्सेदारी 13% है। वहीं फिस्कल ईयर 2020 में एक्सक्लूसिव लग्जरी सेगमेंट में कंपनी की हिस्सेदारी 20% है।
कंपनी का इश्यू प्राइस 836-878 रुपए था। इस इश्यू के बारे में एनालिस्ट्स पहले से ये अनुमान लगा रहे थे कि इसके शेयरों की लिस्टिंग कमजोर रह सकती है। हालांकि इस सेगमेंट में Ethos की कोई लिस्टेड प्रतिद्वंदी कंपनी नहीं है।
कंपनी के वॉच पोर्टफोलियो में 50 प्रीमियम ब्रांड्स शामिल हैं। इनमें ओमेगा, IWC Schaffhausen, Jaeger LeCoultre, Panerai, Bvlgari जैसे बड़े ब्रांड शामिल हैं। इसके 17 शहरों में 50 फिजिकल रिटेल स्टोर हैं। यह करीब 7,000 अलग-अलग प्रीमियम वॉचेज बेचती है। इसके स्टॉक में किसी समय 30,000 वॉचेज रहते हैं।
फाइनेंशियल ईयर 2020-21 में इसका रेवेन्यू 386.57 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले यह 457.85 करोड़ रुपये था। इस तरह साल दर साल आधार पर रेवेन्यू 15.6 फीसदी घटा है। फाइनेंशियल ईयर 2020-21 में इसका प्रॉफिट 5.79 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले कंपनी को 1.33 करोड़ रुपये लॉस हुआ था।