LIC के बोर्ड की मीटिंग आज होने वाली है। देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी अपने शेयरहोल्डर्स के जख्म पर मरहम लगा सकती है। वह आज शेयरहोल्डर्स के लिए डिविडेंड का ऐलान कर सकती है। इस बैठक में 31 मार्च को खत्म फाइनेंशियल ईयर के रिजल्ट को भी मंजूरी मिलने की उम्मीद है। LIC का आईपीओ 4 मई को खुला था। इस आईपीओ में पैसे लगाने वाले इनवेस्टर्स को बहुत लॉस हुआ है।
एनालिस्ट्स का मानना है कि एलआईसी अपने शेयरहोल्डर्स के लिए अट्रैक्टिव डिविडेंड का ऐलान कर सकती है। यह शेयर 17 मई को शेयर बाजार में लिस्ट हुआ था। यह इश्यू प्राइस (Issue Price) से करीब 8.11 फीसदी डिस्काउंट के साथ 872 रुपये पर लिस्ट हुआ था। बीएसई पर यह 867 रुपये पर लिस्ट हुआ था। उसके बाद से यह लगातार गिरता रहा है।
कंपनी ने 949 रुपये प्रति शेयर के भाव पर इनवेस्टर्स को शेयर अलॉट किए थे। पॉलिसीहोल्डर्स, रिटेल इनवेस्टर्स और एंप्लॉयीज को डिस्काउंट मिला था। पॉलिसीहोल्डर्स को प्रति शेयर 60 रुपये का डिस्काउंट मिला था। रिटेल इनवेस्टर्स और एंप्लॉयीज के प्रति शेयर 45-45 रुपये का डिस्काउंट मिला था। डिस्काउंट के बाद पॉलिसीहोल्डर्स को एक शेयर की कीमत 889 रुपये पड़ी थी। रिटेल इनवेस्टर्स और एंप्लॉयीज को डिस्काउंट के बाद यह शेयर 904 रुपये पड़ा था।
एलआईसी का आईपीओ 4 मई को खुला था। यह 9 मई को बंद हुआ था। सरकार ने इस आईपीओ को शनिवार और रविवार को भी ओपन रखा था। शनिवार और रविवार को बैंकों की शाखाएं खोलने का निर्देश दिया था। पहले इस तरह से किसी आईपीओ को ऐसी रियायत शायद ही मिली हो।
LIC के आईपीओ में इनवेस्टर्स ने अच्छी दिलचस्पी दिखाई थी। यह इश्यू करीब तीन गुना सब्सक्राइब हुआ था। पॉलिसीहोल्डर्स के लिए तय कैटेगरी में यह इश्यू सबसे ज्यादा 6 गुना सब्सक्राइब हुआ था।
सरकार ने एलआईसी के आईपीओ के जरिए करीब 21,000 करोड़ रुपये जुटाए। सरकार ने इस इश्यू के जरिए एलआईसी में अपनी 3.5 फीसदी हिस्सेदारी बेची है। एलआईसी में इश्यू से पहले सरकार की 100 फीसदी हिस्सेदारी थी। सोमवार को एलआईसी के शेयर में हरे निशान में कारोबार हा रहा था। सुबह 10:09 बजे कंपनी का शेयर 0.82 फीसदी की तेजी के साथ 828 रुपये पर चल रहा था।