NSE ने एक्साइड इंडस्ट्रीज और नुवामा वेल्थ को एफएंडओ सेगमेंट से बाहर किया, जानिए कब से लागू होगा फैसला

एनएसई ने यह फैसला सेबी के अगस्त 2024 के फ्रेमवर्क के तहत लिया है। एक्सचेंज ने कहा है कि करेंट सीरीज की एक्सपायरी के बाद दोनों सिक्योरिटीज की नए एक्सपायरी मंथ कॉन्ट्रैक्ट्स पेश नहीं होंगे। मई, जून और जुलाई 2026 के लिए मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट्स अपने-अपने एक्सपायरी डेट्स तक ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध होंगे

अपडेटेड May 23, 2026 पर 9:49 AM
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सेबी ने मैनिपुलेशन पर रोक लगाने के लिए एफएंडओ सेगमेंट में शामिल होने के लिए कड़ी शर्तें तय की है।

एनएसई ने एक्साइड इंडस्ट्रीज और नुवामा वेल्थ मैनेजमेंट को फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (एफएंडओ) सेगमेंट से हटा दिया है। एक्सचेंज ने 22 मई को इसका ऐलान किया। एक्सचेंज ने कहा है कि करेंट सीरीज की एक्सपायरी के बाद दोनों सिक्योरिटीज की नए एक्सपायरी मंथ कॉन्ट्रैक्ट्स पेश नहीं होंगे।

दोनों सिक्योरिटीज में 29 जुलाई से कोई कॉन्ट्रैक्ट उपलब्ध नहीं होंगे

एनएसई ने कहा है कि मई, जून और जुलाई 2026 के लिए मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट्स अपने-अपने एक्सपायरी डेट्स तक ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध होंगे। मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट्स मंथ्स में नए स्ट्राइक्स भी पेश होंगे। इसका मतलब है कि ऊपर बताई गई सिक्योरिटीज में 29 जुलाई, 2026 से कोई कॉन्ट्रैक्ट्स उपलब्ध नहीं होंगे।


एक्सचेंज ने सेबी के अगस्त 2024 के फ्रेमवर्क के तहत लिया फैसला

एक्सचेंज ने यह फैसला सेबी के अगस्त 2024 के फ्रेमवर्क के तहत लिया है। इस फ्रेमवर्क में यह बताया गया है कि डेरिवेटिव्स सेगमेंट में शामिल होने के लिए स्टॉक्स के लिए क्या शर्तें होंगी। सेबी ने अगस्त 2024 में एफएंडओ सेगमेंट में स्टॉक्स की एंट्री की शर्तों में बदलाव किया था। नई शर्तों के मुताबिक, एंफएंडओ सेगमेंट में शामिल होने के लिए स्टॉक का बीते छह महीनों में एवरेज मार्केट कैप और ट्रेडेड वैल्यू के लिहाज से टॉप 500 शेयरों की लिस्ट में होना जरूरी है।

शर्ते पूरी करने वाले स्टॉक्स एफएंडओ लिस्ट से बाहर हो जाते हैं

साथ ही स्टॉक में मीडियन क्वाटर्टर-सिग्मा ऑर्डर साइज (MQSOS) की सीमा 75 लाख, 1,500 करोड़ रुपये की मार्केट-वाइड पोजीशन लिमिट (MWPL) और एवरेज डेली डिलीवरी वैल्यू (एडीडीवी) 35 करोड़ होनी चाहिए। इन शर्तों का पालन नहीं करने वाले स्टॉक को एफएंडओ समेंगट से बाहर कर दिया जाता है। एक बार बाहर हो जाने के बाद स्टॉक को एक साल के लिए दोबारा एफएंडओ सेगमेंट में शामिल नहीं किया जा सकता।

एक साल  बाद शर्तें पूरी करने पर दोबारा एंट्री पर हो सकता है विचार

हालांकि, स्टॉक को दोबारा एफएंडओ सेगमेंट में शामिल करने की मनाही नहीं है। लेकिन इसके लिए कुछ शर्तें तय हैं। लगातार छह महीनों तक सभी शर्तें पूरी करने के बाद ही उसे एफएंडओ सेगमेंट में शामिल किया जा सकता है। लेकिन ऐसा एक साल के बाद ही हो सकता है। सेबी ने मैनिपुलेशन पर रोक लगाने के लिए एफएंडओ सेगमेंट में शामिल होने के लिए कड़ी शर्तें तय की है।

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22 मई को सेंसेक्स और निफ्टी हरे निशान में बंद 

22 मई को शेयर बाजार तेजी के साथ बंद हुए। निफ्टी 0.27 फीसदी यानी 64 अंक चढ़कर 23,719 पर बंद हुआ। सेंसेक्स 0.31 फीसदी यानी 231 अंक की तेजी के साथ 75,415 पर बंद हुआ। बैंक निफ्टी में 1.15 फीसदी की तेजी दिखी। मैक्स हेल्थकेयर का शेयर 6 फीसदी से ज्यादा गिरा। वरूण बेवरेजेज 3.77 फीसदी चढ़कर बंद हुआ।

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