Experts view : बाजार एक चक्रव्यूह में फंसा दिख रहा है। एफआईआई की बिकवाली, डॉलर-रूपी का रुझाआन और क्रूड की महंगाई बाजार को परेशान कर रही है। लेकिन करेक्शन के बाद वैल्यूशन सस्ता होने की वजह से निचले स्तरों से खरीदारी भी आ रही है। मिड और स्मॉल कैप में अच्छी खरीदारी आ रही है। ऐसे माहौल में मार्केट आउटलुट पर चर्चा करने के लिए हमारे साथ हैं ट्रस्ट म्यूचुअल फंड (Trust Mutual Fund) के CIO मिहिर वोरा। इनको इन्वेस्टमेंट में करीब 3 दशक का अनुभव है। इक्विटी और फिक्सड इनकम जैसे एसेट क्लास में मिहिर अच्छा ट्रैक रिकॉर्ड रखते हैं।
मौजूदा बाजार में अपनी रणनीति शेयर करते हुए मिहिर वोरा ने कहा कि बाजार में इस समय दो तरह के रुझान दिख रहे हैं। एक तरफ एफआईआई की बिकवाली देखने को मिल रही है तो दूसरी तरफ रिटेल निवेशकों से बाजार को सपोर्ट मिल रहा है। एफआईआई की बड़ी होल्डिंग वाले लार्जकैप में बिकवाली देखने को मिल रही है। वहीं,रिटेल निवेशक छोटे-मझोले शेयरों में खरीदारी करते दिख रहे हैं। रिटेल निवेशकों के इस रुझान की वजह से ही बाजार में मार्च के निचले स्तरों से रिकवरी आई है। ऐसे में बाजार में इस समय बैंलेंस बना हुआ है।
बाजार के फंडामेंटल्स अच्छे
अगर लार्ज और मिडकैप दोनों को मिला कर ओवरऑल मार्केट की बात करें तो जो बॉटम बना था और वहां से जो रैली आई है उसकी वजह से वैल्युएशन थोड़ा नॉर्मलाइज हुआ है। बाजार अब इतना सस्ता नहीं रहा। यह नॉर्मल वैल्यूएशन पर आ गया है। पिछले दो महीनों में कुछ शेयरों में 30-40 फीसदी की तेजी आई है। इनको लेकर थोड़ा सतर्क रहने की जरूरत है। बाजार के फंडामेंटल्स अभी अच्छे है। नतीजे भी अच्छे आ रहे हैं। लेकिन जियोपोलिटिकल स्थिति अभी भी खराब है। ऐसे में बाजार की बढ़त सीमित रह सकती है। इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए हमें सतर्क रहना चाहिए।
OMCs शेयरों को लेकर सतर्क रहने की जरूरत
मध्यपूर्व में स्थितियां सही नहीं है। ऐसे में ऑयल की कीमतों में जल्दी गिरावट की उम्मीद नहीं है। ऐसे में क्रूड से जुड़े शेयरों में अभी कॉन्ट्रा कॉल लेने या बहुत एग्रेसिव होने की जरूरत नहीं है। तेल की कीमतों में बढ़त के कारण OMCs को काफी ज्यादा नुकसान हो रहा है। ऐसे में OMCs शेयरों को लेकर अभी भी सतर्क रहने की जरूरत है।
IT सेक्टर पर स्ट्रक्चरल नजरिया अभी अंडरवेट
आईटी शेयरों पर बात करते हुए मिहिर वोरा ने कहा कि एआई को लेकर आईटी में कुछ ज्यादा ही निराशा दिख रही थी। अब यह सेक्टर इससे उबर रहा है। अमेरिका की इकोनॉमी तुलनात्मक रूप से मजबूत है। करेक्शन के बाद सेक्टर में वैल्यूएशन भी सस्ते हैं। ऐसे में मार्केट आईटी शेयरों को डिफेंसिव प्ले के रूप में देख सकता है। लेकिन IT सेक्टर पर स्ट्रक्चरल नजरिया अभी अंडरवेट है। बड़ी आईटी कंपनियों में ग्रोथ और इनोवेशन को लेकर चिता है। लेकिन मिड कैप आईटी में कुछ अच्छे मौके नजर आ रहे हैं।
कैपिटल मार्केट को लेकर पॉजिटिव नजरिया
मिहिर वोरा ने आगे कहा कि कैपिटल मार्केट को लेकर उनका स्ट्रक्चरल नजरिया पॉजिटिव है। भारत में आगे लोगों की कमाई और बचत दोनों बढ़ने की उम्मीद है। इसका फायदा कैपिटल मार्केट थीम को मिलेगा। ऐसे में ब्रोकरेज,डिपॉजिटरी, वेल्थ मैनेजमेंट, इंश्योरेंस और एएमसी शेयरों में तेजी की उम्मीद है।
सरकारी बैंक कर सकते हैं आउटपरफॉर्म
बैंकिंग शेयरों पर बात करते हुए उन्होंने आगे कहा कि सरकारी बैंकों का बैलेंसशीट सुधरा है। सरकारी बैंक अब तकनीक के मामले में पीछे नहीं हैं। सरकारी बैंक अभी भी आउटपरफॉर्म कर सकते हैं। मिहिर वोरा मेटल पर लंबी अवधि के लिए पॉजिटिव नहीं है। लेकिन ऑटो एंसिलियरी पर उनका पॉजिटिव नजरिया है। FMCG सेक्टर पर उनका अंडरवेट नजरिया है।
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