FII ने दिसंबर में IT और Realty स्टॉक्स में की खरीदारी, लेकिन इन सेक्टर्स के बेचे शेयर

इस महीने में FPI ने 1.1 अरब डॉलर के आईटी शेयर खरीदे हैं, उसके बाद रियल्टी (562 मिलियन डॉलर) और हेल्थकेयर (442 मिलियन) में भी उन्होंने खरीदारी की है। आंकड़ों के अनुसार, विदेशी निवेशकों ने कैपिटल गुड्स और फाइनेंशियल सर्विसेज के शेयरों में प्रत्येक में 368 मिलियन डॉलर का निवेश किया

अपडेटेड Jan 11, 2025 पर 3:06 PM
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फॉरेन पोर्टफोलियो इनवेस्टर्स (FPI) ने अक्टूबर और नवंबर में भारतीय शेयर बाजार में करीब 14 अरब डॉलर के शेयरों की बिकवाली की।

फॉरेन पोर्टफोलियो इनवेस्टर्स (FPI) ने अक्टूबर और नवंबर में भारतीय शेयर बाजार में करीब 14 अरब डॉलर के शेयरों की बिकवाली की। हालांकि, इसके बाद दिसंबर 2024 में वे शुद्ध खरीदार बन गए। पिछले महीने विदेशी निवेशकों ने बाजार में 1.83 अरब डॉलर का निवेश किया है। दिसंबर में विदेशी निवेशकों ने आईटी सेक्टर के शेयरों की खरीदारी बढ़ाई, लेकिन तेल और गैस सेक्टर में अपनी हिस्सेदारी घटाई है। NSDL से जुटाए गए आंकड़ों के अनुसार उन्होंने ऑयल और गैस स्टॉक्स में 1.3 अरब डॉलर की बिकवाली की। इसके अलावा, रियल एस्टेट, हेल्थकेयर और कैपिटल गुड्स जैसे अन्य सेक्टर्स में भी FII ने अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई।

FPI ने खरीदे  1.1 अरब डॉलर के आईटी शेयर

इस महीने में FPI ने 1.1 अरब डॉलर के आईटी शेयर खरीदे हैं, उसके बाद रियल्टी (562 मिलियन डॉलर) और हेल्थकेयर (442 मिलियन) में भी उन्होंने खरीदारी की है। आंकड़ों के अनुसार, विदेशी निवेशकों ने कैपिटल गुड्स और फाइनेंशियल सर्विसेज के शेयरों में प्रत्येक में 368 मिलियन डॉलर का निवेश किया। बिकवाली की बात करें तो उन्होंने ऑटोमोबाइल में 513 मिलियन डॉलर और कंज्यूमर स्टेपल्स सेक्टर में 327 मिलियन डॉलर के शेयर बेचे हैं।


दिलचस्प बात यह है कि दिसंबर तिमाही के नतीजों की घोषणा से ठीक पहले आईटी शेयरों में खरीदारी हुई है। FII का आईटी सेक्टर में दूसरा सबसे बड़ा निवेश है, उसके बाद फाइनेंशियल सर्विसेज का स्थान है। दोनों सेक्टर्स में भारत में उनके शुद्ध निवेश का 40 फीसदी हिस्सा है।

2024 में FII ने भारतीय बाजार में जमकर बिकवाली की है, जिसका कारण धीमी प्रॉफिट ग्रोथ और अधिक वैल्यूएशन है। ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के अनुसार, निफ्टी50 वन ईयर फॉरवर्ड अर्निंग के मुकाबले 19.4 गुना के वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहा है, जबकि कोरिया का बाजार 8.6 गुना और ताइवान का TAIEX इंडेक्स 16 गुना पर है। वहीं, चीनी CSI 300 इंडेक्स का वैल्यूएशन 12.3 गुना पर है।

एक्सपर्ट्स की राय

मॉर्गन स्टेनली इंडिया के MD रिधम देसाई का मानना ​​है कि दिसंबर तिमाही में अर्निंग ग्रोथ कमजोर टॉप-लाइन वृद्धि के कारण मिड-सिंगल डिजिट में रहेगी। देसाई ने कहा, "हम मानते हैं कि आय चक्र (earnings upcycle) सही दिशा में है और आम अनुमानों से बेहतर प्रदर्शन की संभावना बनी हुई है।" मॉर्गन स्टेनली ने आगामी अर्निंग सीजन से पहले बड़े प्राइवेट बैंकों, सेलेक्टेड कंज्यूमर और इंडस्ट्रियल शेयरों और आईटी सर्विसेज के शेयरों पर दांव लगाया।

TCS के शेयर 6% चढ़े

शुक्रवार के कारोबार में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के शेयर लगभग 6% चढ़ गए। आईटी कंपनी ने ग्राहकों द्वारा डिस्क्रेशनरी स्पेंडिंग (discretionary spending) में वृद्धि को लेकर आशावादी रुख दिखाया। हालांकि, दिसंबर तिमाही के नतीजे एनालिस्ट्स की उम्मीदों से कम रहे, लेकिन कंपनी की पॉजिटिव कमेंट ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। शुक्रवार को निफ्टी आईटी इंडेक्स में 3.4 फीसदी की तेजी आई, जो दो महीनों में एक दिन में सबसे बड़ी बढ़त है। दिसंबर 2024 के अंत तक FII के एसेट्स अंडर कस्टडी (AUC) $831 अरब पर पहुंच गए, जो देश के कुल इक्विटी मार्केट का 16 फीसदी है।

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