Quanto Agroworld IPO Listing: मेडिसिनल और ऐरोमैटिक प्लांट्स उगाने वाली क्वांटो एग्रोवर्ल्ड के शेयरों की आज BSE SME पर लगभग फ्लैट एंट्री हुई। इसके आईपीओ को निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था और खुदरा निवेशकों का हिस्सा तो आधे से थोड़ा अधिक ही भर पाया था। आईपीओ के तहत ₹67 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी ₹66.99 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को कोई लिस्टिंग गेन नहीं मिला। आईपीओ निवेशकों को और झटका तब लगा, जब शेयर फिसल गए। टूटकर यह ₹63.70 (Quanto Agroworld Share Price) पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 4.93% घाटे में हैं।
Quanto Agroworld IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च
क्वांटो एग्रोवर्ल्ड का ₹31 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 15-17 सितंबर तक खुला था। यह आईपीओ ओवरऑल 1.39 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 1.66 गुना और खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित आधा हिस्सा 0.79 गुना भरा था।
इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 46.30 लाख नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹3.79 करोड़ महाराष्ट्र के रावरगांव में डिस्टिलेशन प्लांट के कैपिटल एक्सपेंडिचर, ₹15.23 करोड़ फार्म्स के विस्तार, ₹3.63 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹4.65 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों और ₹3.72 करोड़ आईपीओ से जुड़े एक्सपेंसेज पर खर्च होंगे।
Quanto Agroworld के बारे में
क्वांटो एग्रोवर्ल्ड मेडिसिनल और ऐरोमैटिक प्लांट उगाती है और उससे बॉटनिकल प्रोडक्ट्स बनाती है। इसकी सबसे मुख्य फसल लेमनग्रास है। लेमनग्रास से मुख्य रूप से यह तीन प्रोडक्ट्स-तेल, चाय और तेल निकालने के बाद बचा हुआ बॉयोमास तैयार करती है। इसका बिजनेस मॉडल मुख्य रूप से बी2बी है। खेत से लेकर प्रोसेस्ड प्रोडक्ट तक बिजनेस का काफी बड़ा हिस्सा कंपनी के कंट्रोल में है।
इसके पास MSFCL (महाराष्ट्र स्टेट फार्मिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड) के तहत खेती की 424 एकड़ जमीन है तो 312.57 एकड़ जमीन पर अभी काम चल रहा है। इसकी मैन्युफैक्चरिंग और प्रोसेसिंग फैसिलिटी नासिक के रावलगांव में है और आधे एकड़ में फैला हुआ है।
कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना करीब 25% की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹8.38 करोड़ और टोटल इनकम 61% के सीएजीआर से ₹40.35 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹5.48 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹21.12 करोड़ पड़े थे।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।