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कमर्शियल एलपीजी की किल्लत, इन स्टॉक्स को लगा झटका, आपके पास है कोई?

Food Service Sector Stocks: कमर्शियल सिलिंडर की किल्लत ने फूड सर्विस सेक्टर की दिक्कतें बढ़ा दी है। इसकी आंच आज स्टॉक मार्केट में भी महसूस हुई और इस सेक्टर से जुड़ स्टॉक्स टूट गए। चेक करें कि कमर्शियल सिलिंडर के सप्लाई में दिक्कतों का किन स्टॉक्स पर असर पड़ा है और मार्केट में अभी क्या स्थिति है?

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Mar 10, 2026 पर 10:51 AM
कमर्शियल एलपीजी की किल्लत, इन स्टॉक्स को लगा झटका, आपके पास है कोई?
जुबिलैंट फूडवर्क्स (Jubilant FoodWorks), देवयानी इंटरनेशनल (Devyani International), स्विगी (Swiggy) और जोमैटो (Zomato) की एटर्नल (Eternal) जैसे QSR (क्विक सर्विस रेस्टोरेंट), रेस्टोरेंट और फूड डिलीवरी स्टॉक्स को कमर्शियल एलपीजी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है।

Food Service Sector Stocks: पश्चिमी एशिया में युद्ध के जल्द समाप्त होने के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के संकेतों पर आज मार्केट में रौनक लौटी। हालांकि जुबिलैंट फूडवर्क्स (Jubilant FoodWorks), देवयानी इंटरनेशनल (Devyani International), स्विगी (Swiggy) और जोमैटो (Zomato) की एटर्नल (Eternal) जैसे QSR (क्विक सर्विस रेस्टोरेंट), रेस्टोरेंट और फूड डिलीवरी स्टॉक्स टूट गए। इनमें यह गिरावट इसलिए आई क्योंकि इन्हें कमर्शियल एलपीजी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। बेंगलुरु में तो होटल्स एसोसिएशंस ने तो होटल्स बंद करने तक की चेतावनी दे दी है। इसका असर स्विगी और ज़ोमैटो जैसे फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म पर भी पड़ सकता है, क्योंकि रेस्टोरेंट्स बंद होने से ऑर्डर वॉल्यूम और डिलीवरी एक्विविटी सीधे तौर पर प्रभावित होगी।

क्या है मौजूदा स्थिति?

बेंगलुरु, तमिलनाडु, महाराष्ट्र और दिल्ली के रेस्टोरेंट एसोसिएशंस ने इस बात को लेकर चिंता जताई है कि कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई बंद होने से कुछ हिस्सों में ईटरीज यानी रेस्टोरेंट्स-होटल बंद गए हैं। इसे लेकर एसोसिएशंस ने पेट्रोलियम मिनिस्ट्री से तत्काल हस्तक्षेप की गुहार लगाई है। NRAI (नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया) का कहना है कि अभी की बात करें तो रेस्टोरेंट्स के पास सिर्फ एक हफ्ते भर का ही एलपीजी बचा है। एनआरएआई का कहना है कि अगर सप्लाई की दिक्कत लंबे समय तक बनी रही तो बड़ी संख्या में रेस्टोरेंट्स बंद हो सकते हैं या मेन्यू में कटौती हो सकती है क्योंकि यह काफी हद तक कमर्शियल एलपीजी पर ही निर्भर है। सीएनबीसी-टीवी18 से बातचीत में एनआरएआई ने इसे विनाशकारी बंदी तक की स्थिति कहा।

क्या कहना है सरकार का?

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