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न कॉलेज डिग्री, न अंग्रेजी! अरबपति बिजनेसमैन कैसे बने वेदांता ग्रुप के अनिल अग्रवाल?

अनिल अग्रवाल ने बिहार की राजधानी पटना के मिलर हाई स्कूल से मैट्रिक की पढ़ाई पूरी की थी। इसके बाद उन्होंने किसी विश्वविद्यालय में पढ़ाई नहीं की और उनके पास कॉलेज की डिग्री भी नहीं है। स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने नौकरी या आगे की पढ़ाई करने के बजाय अपने पिता द्वारका प्रसाद अग्रवाल के कारोबार में शामिल होने का फैसला किया

Edited By: Rajat Kumarअपडेटेड Aug 08, 2026 पर 8:45 PM
न कॉलेज डिग्री, न अंग्रेजी! अरबपति बिजनेसमैन कैसे बने वेदांता ग्रुप के अनिल अग्रवाल?
पटना से निकले अनिल अग्रवाल ने ऐसे खड़ी की बड़ी कंपनी

वेदांता ग्रुप के फाउंडर और चेयरमैन अनिल अग्रवाल देश के जाने-माने बिजनेसमैन हैं।  पटना से शुरू हुआ उनका सफर एक बड़ी ग्लोबल नेचुरल रिसोर्स कंपनी के प्रमुख बनने तक पहुंचा। उनका जीवन एक कारोबारी के रूप में मेहनत और मजबूत इरादे की मिसाल माना जाता है। खास बात यह है कि अनिल अग्रवाल ने कॉलेज की पढ़ाई पूरी नहीं की थी।

‘द इकोनॉमिक टाइम्स’ के मुताबिक, अनिल अग्रवाल ने बिहार की राजधानी पटना के मिलर हाई स्कूल से मैट्रिक की पढ़ाई पूरी की थी। इसके बाद उन्होंने किसी विश्वविद्यालय में पढ़ाई नहीं की और उनके पास कॉलेज की डिग्री भी नहीं है। स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने नौकरी या आगे की पढ़ाई करने के बजाय अपने पिता द्वारका प्रसाद अग्रवाल के कारोबार में शामिल होने का फैसला किया। उनके पिता एल्युमीनियम के कंडक्टर बनाने का काम करते थे। यहीं से अनिल अग्रवाल के कारोबारी सफर की शुरुआत हुई। आगे चलकर उन्होंने अपने कारोबार को बड़ा किया और वेदांता समूह को एक बड़ी कंपनी के रूप में स्थापित किया।

19 साल की उम्र में मुंबई पहुंचे अनिल अग्रवाल

बिजनेस के नए मौके तलाशने के लिए अनिल अग्रवाल ने 19 साल की उम्र में पटना छोड़कर मुंबई जाने का फैसला किया। वेदांता की ओर से उनके सफर के बारे में दी गई जानकारी के मुताबिक, जब वह मुंबई पहुंचे, तब उनके पास साधन सीमित थे। हालांकि, एक सफल कारोबारी बनने का उनका इरादा मजबूत था। मुंबई पहुंचने के बाद शुरुआती दौर में उन्होंने कई तरह के कारोबार में हाथ आजमाया। कई कोशिशों के बाद आखिरकार उन्हें धातु और खनन के क्षेत्र में सफलता मिली।

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