फॉरेन फंड्स (Foreign Funds) इंडियन मार्केट में इनवेस्टमेंट बढ़ा सकते हैं। विदेशी ब्रोकरेज फर्म CLSA ने अपनी रिपोर्ट में कहा गया है कि विदेशी फंडों की सोच बदल रही है। वे 2022 के अपने पसंदीदा देशों के स्टॉक मार्केट्स में निवेश नहीं करना चाहते। इनमें ब्राजील, सऊदी अरब और थाईलैंड शामिल हैं। CLSA की रिपोर्ट में कहा गया है कि इसका मतलब यह है कि इंडिया, ताइवान और दक्षिण कोरिया में वे अपना इनवेस्टमेंट बढ़ा सकते हैं। विदेशी इनवेस्टर्स उभरते बाजारों (Emerging Markets) में काफी ज्यादा निवेश कर रहे हैं।
