विदेशी निवेशक 2023 में भारतीय स्टॉक्स में जारी रखेंगे खरीदारी- मनीष सोनथालिया, Motilal Oswal AMC

आंकड़ों के मुताबिक ग्लोबल फंड्स ने नवंबर में लगभग 3 अरब डॉलर के भारतीय शेयर खरीदे हैं। लॉन्ग इंडेक्स फ्यूचर्स में विदेशी निवेशकों की होल्डिंग उनके सितंबर लो से लगभग छह गुना बढ़ गई है

अपडेटेड Dec 02, 2022 पर 11:16 AM
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मनीष सोनथालिया ने कहा कि उभरते बाजार में भारत चमकते सितारों में से एक है। इसमें एफआईआई खरीदार के रोल में आय गए हैं। स्टॉक में उनकी खरीदारी अगले वर्ष में और तेज होने वाली है

विदेशी संस्थागत निवेशक (Foreign institutional investors(FII) वित्तीय वर्ष 23 और वित्त वर्ष 24 के लिए मजबूत नतीजों और अपबीट आउटलुक के आधार पर 2023 में भारतीय शेयरों में खरीदारी करते रहेंगे। इसके साथ ही वे भारतीय बाजारों को सपोर्ट करना भी जारी रखेंगे। मोतीलाल ओसवाल एसेट मैनेजमेंट कंपनी (Motilal Oswal Asset Management Company) के हेड इक्विटी-पीएमएस मनीष सोनथालिया (Manish Sonthalia) ने ये बात सीएनबीसी-टीवी18 से बातचीत करते हुए कही। इस साक्षात्कार में सोनथालिया ने कहा, "उभरते बाजारों में भारत चमकते सितारों में से एक है। इसमें एफआईआई खरीदार बन गए हैं।" " स्टॉक में ये खरीदारी अगले वर्ष में और तेज होने वाली है।"

मनीष सोनथालिया का मानना ​​है कि भारतीय इक्विटी में बुल रन आगे भी जारी रहेगा। इसके आगे चलकर बाजार का प्रदर्शन मजबूत होगा।

ब्लूमबर्ग द्वारा संकलित आंकड़ों के अनुसार ग्लोबल फंड्स ने नवंबर में लगभग 3 अरब डॉलर के भारतीय शेयर खरीदे। लॉन्ग इंडेक्स फ्यूचर्स में विदेशी निवेशकों की होल्डिंग उनके सितंबर लो से लगभग छह गुना बढ़ गई। वहीं इसी अवधि में शॉर्ट बेट्स 76 प्रतिशत तक कम हो गए।


उन्हें यह भी उम्मीद है कि स्मॉल कैप और मिड कैप शेयरों में उनके मजबूत फंडामेंटल और अच्छे रिटर्न को देखते हुए बुल रन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि स्मॉल कैप और मिड कैप शेयरों में लार्ज कैप के मुकाबले डिस्काउंट पर कारोबार होता है। लेकिन पिछले दो वर्षों में ये डिस्काउंट कम होता नजर आया है।

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सोनथालिया ने कहा "पिछले एक साल में, हमने स्मॉल कैप और मिड कैप को रैली की अगुवाई करते देखा है। हालांकि अब अगुवाई की बागडोर लार्ज कैप द्वारा संभाली जा रही है।"

मनीष सोनथालिया का मानना ​​है कि भारत दुनिया की सबसे मजबूत अर्थव्यवस्थाओं में से एक रहा है। डॉलर इंडेक्स में गिरावट भारत सहित उभरते बाजारों के लिए सकारात्मक साबित हो रही है।

बैंक और टेक्नोलॉजी शेयरों पर बात करते हुए सोनथालिया ने कहा कि सप्लाई चैन में व्यवधान और कमोडिटी की बढ़ती कीमतों की वजह से मार्जिन पर दबाव रहा है। उन्होंने कहा कि मुद्रास्फीति निकट अवधि में कम हो जाएगी। इससे कच्चे माल की लागत में नरमी आएगी। जिससे विभिन्न भारतीय सेक्टर्स को मदद मिलेगी।

(डिस्क्लेमरः  Moneycontrol.com पर दिए जाने वाले विचार और निवेश सलाह निवेश विशेषज्ञों के अपने निजी विचार और राय होते हैं। Moneycontrol यूजर्स को सलाह देता है कि वह कोई निवेश निर्णय लेने के पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें। )

 

 

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