फॉरेन इनवेस्टर्स ने इंडियन स्टॉक मार्केट में फिर शुरू की खरीदारी, जानिए अप्रैल में किया कितना इनवेस्ट

पिछले छह महीने में FPI ने इंडियन मार्केट में खूब बिकवाली की है। पिछले साल अक्टूबर से इस साल मार्च के दौरान उन्होंने 1.48 लाख करोड़ रुपये की बिकवाली की है। इसका बड़ा कारण अमेरिका में इंट्रेस्ट रेट बढ़ने का अनुमान था

अपडेटेड Apr 10, 2022 पर 1:05 PM
एफपीआई ने डेट मार्केट में भी इनवेस्ट किया है। अप्रैल में डेट मार्केट में उनका इनवेस्टमेंट 1,403 करोड़ रुपये है। इससे पहले उन्होंने फरवरी और मार्च में डेट मार्केट में 8,705 करोड़ रुपये की बिकवाली की थी।

इंडियन मार्केट (Indian Stock Markets) के लिए अच्छी खबर है। फॉरेन इनवेस्टर्स (Foreign Portfolio Investors) ने फिर से खरीदारी शुरू कर दी है। इससे पहले उन्होंने लगातार छह महीने इंडियन मार्केट में बिकवाली की है। अप्रैल में वे अब तक इंडियन मार्केट में 7,707 करोड़ रुपये इनवेस्ट कर चुके हैं। दरअसल, बाजार में आए करेक्शन का इस्तेमाल उन्होंने खरीदारी के लिए किया है।

क्या फॉरेन इनवेस्टर्स का रुख बदला है?

हालांकि, इसे फॉरेन इनवेस्टर्स के रुख में बदलाव मानना जल्दबाजी होगी। Morningstar के मैनेजर रिसर्च हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा कि एफपीआई फ्लो के लिहाज से इसे फॉरेन इनवेस्टर्स के रुख में बदलाव मानना जल्दबाजी होगी। हमें यह देखना होगा कि अगले कुछ हफ्तों या महीनों में तस्वीर कैसी रहती है। इसके बाद ही सही स्थिति के बारे में पता चल पाएगा।


क्या सस्ते भाव पर खरीदारी कर रहे हैं FPI?

श्रीवास्तव ने कहा कि यह भी हो सकता है कि मौजूदा स्थितियों को देखते हुए फॉरेन इनवेस्टर्स अपने पोर्टफोलियो में बदलाव कर रहे हों। दरअसल, शेयर बाजार में आई हालिया गिरावट से इनवेस्टमेंट के मौके बने हैं। फॉरेन इनवेस्टर्स (FPI) ने इस मौके का इस्तेमाल करने के बारे में सोचा होगा। हालांकि, पिछले दो कारोबारी सत्र में उन्होंने बिकवाली की है।

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एफपीआई ने लगातार छह महीने की बिकवाली

पिछले छह महीने में FPI ने इंडियन मार्केट में खूब बिकवाली की है। पिछले साल अक्टूबर से इस साल मार्च के दौरान उन्होंने 1.48 लाख करोड़ रुपये की बिकवाली की है। इसका बड़ा कारण अमेरिका में इंट्रेस्ट रेट बढ़ने का अनुमान था। यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद से जियोपॉलिटिकल स्थितियों में बड़ा बदलाव आया है।

डेट मार्केट में भी किया है इनवेस्ट

एफपीआई ने डेट मार्केट में भी इनवेस्ट किया है। अप्रैल में डेट मार्केट में उनका इनवेस्टमेंट 1,403 करोड़ रुपये है। इससे पहले उन्होंने फरवरी और मार्च में डेट मार्केट में 8,705 करोड़ रुपये की बिकवाली की थी। कोटक सिक्योरिटीज में हेड (इक्विटी रिसर्च-रिटेल) श्रीकांत चौहान ने कहा कि आने वाले समय में एफपीआई फ्लो में उतार-चढ़ाव बने रहने की उम्मीद है। इसकी वजह अनिश्चित माहौल है। क्रूड ऑयल के प्राइस बहुत ज्यादा हैं।

अमेरिका में इंट्रेस्ट रेट बढ़ने से बदला रुख

अपसाइड एआई के फाउंडर अतानु अग्रवाल ने कहा कि अमेरिका और यूरोप में इनफ्लेशन कई साल की ऊंचाई पर है। इंडिया में भी यह आरबीआई के तय दायरे से बाहर है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की मार्च की मीटिंग के मिनट्स से पता चलता है कि केंद्रीय बैंक इंट्रेस्ट रेट बढ़ाने के साथ ही अपनी बैलेंसशीट को घटा रहा है। इसका मकसद इनफ्लेशन को काबू में करना है। उन्होंने कहा कि अगर फेड इंट्रेस्ट रेट में वृद्धि जारी रखता है तो एफपीआई फ्लो निगेटिव बनी रहेगी।

घरेलू इनवेस्टर्स ने दिया बाजार को सहारा

एफपीआई ने वित्त वर्ष 2021-22 में स्टॉक मार्केट में 1.4 लाख करोड़ रुपये की बिकवाली की है। इसके बावजूद इस दौरान निफ्टी 19 फीसदी चढ़ा है। इसकी वजह डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स और रिटेल इनवेस्टर्स की खरीदारी रही। अग्रवाल ने कहा कि हालांकि, दोनों की खरीदारी की कैपेसिटी लिमिटेड है।

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